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Heart Attack: घर पर अकेले हैं और हार्ट अटैक आ जाए तो कैसे बचाएं जान? तुरंत करें ये उपाय

Sun, 22 Feb 2026 07:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Heart Attack Aane Par Kya Kare: हार्ट अटैक के बाद पहले 60 मिनट को “गोल्डन आवर” कहा जाता है, जिसमें सही इलाज मिलने से मृत्यु का खतरा काफी कम किया जा सकता है। इसलिए लक्षणों की पहचान और तुरंत प्राथमिक सहायता देना हर व्यक्ति के लिए जरूरी जानकारी है। अगर अकेले में हार्ट अटैक आ जाए तो क्या करना चाहिए?
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हार्ट अटैक होने पर क्या करें? - फोटो : Amarujala.com
दुनियाभर में दिल की बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ता जा रहा है। कम उम्र में लोग हार्ट अटैक-कार्डियक अरेस्ट का शिकार हो रहे हैं, ये स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ाती जा रही है। दिल की बीमारियां भारत सहित दुनियाभर में मौत का सबसे बड़ा कारण भी बन चुकी हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार हर साल लगभग 1.79 करोड़ लोगों की मौत हृदय रोगों के कारण होती है, जिनमें हार्ट अटैक प्रमुख है।

खराब लाइफस्टाइल, खान-पान से संबंधित गड़बड़ी, धूम्रपान-शराब पीने की आदत और शारीरिक गतिविधियो में कमी ने दिल की सेहत को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इसके कारण मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मामले बढ़ गए हैं जो सीधे तौर पर हार्ट अटैक के जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।

अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया था कि अगर किसी को हार्ट अटैक आ जाए तो किस तरह से सीपीआर देकर और समय रहते मेडिकल सहायता उपलब्ध करा के रोगी की जान बचाई जा सकती है। हालांकि अब सवाल ये है कि अगर आप घर में अकेले हैं और आपको हार्ट अटैक हो जाए तो फिर तुरंत क्या उपाय किए जाने चाहिए?
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सीपीआर देने का सही तरीका जान लीजिए - फोटो : Amarujala.com
हार्ट अटैक आने पर सीपीआर से बच सकती है जान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हार्ट अटैक तब होता है जब दिल की मांसपेशियों तक खून पहुंचाने वाली कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज हो जाता है, जिससे दिल को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इस स्थिति में समय पर सही कदम उठाना जीवन बचाने और नुकसान कम करने में बेहद महत्वपूर्ण होता है। 

विशेषज्ञों के अनुसार हार्ट अटैक के बाद पहले 60 मिनट को गोल्डन आवर कहा जाता है, जिसमें सही इलाज मिलने से मृत्यु का खतरा काफी कम किया जा सकता है। लक्षणों की पहचान और तुरंत प्राथमिक सहायता देना जरूरी है।
 
  • अगर किसी को हार्ट अटैक आ जाए, मरीज बेहोश हो जाए और सांस या नाड़ी न मिले तो तुरंत कार्डियो-पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) शुरू करें।
  • अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार छाती के बीच में प्रति मिनट 100–120 बार दबाव देने से दिल और दिमाग तक खून का प्रवाह बनाए रखने में मदद मिलती है, जिससे जीवन बचने की संभावना बढ़ जाती है।
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हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : Adobe Stock Photo
अकेले में हार्ट अटैक आ जाए तो क्या करें?

हार्ट अटैक अपने आप में डरावना होता है, ये डर तब और बढ़ सकता है जब आप घर पर अकेले हों और हार्ट अटैक आ जाए पर तुरंत कोई मदद करने वाला कोई न हो। ऐसी स्थिति में धैर्य और थोड़ी सी जागरूकता आपकी जान बचाने वाली हो सकती है।

अमर उजाला से बातचीत में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ विक्रमजीत सिंह बताते है, सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि आपको हार्ट अटैक ही हुआ है या फिर ये कोई और समस्या है? इन पांच में से दो-तीन दिक्कतें हो रही हों तो सावधान हो जाना चाहिए।
 
  • सीने में दबाव या जकड़न महसूस हो रहा हो। आमतौर पर ये दर्द चुभन जैसा नहीं होता, बल्कि भारीवन जैसा महसूस होता है जैसे कोई सीने को निचोड़ रहा हो।
  • ये दर्द बाएं हाथ, गर्दन, जबड़े या पीठ के ऊपरी हिल्से तक कैल सकता है।
  • बिना वजह अत्यधिक थकान महसूस हो रहा हो। ऐसा महसूस होना जैसे शरीर का पूरा सिस्टम बंद हो गया है और कोई भी काम करने की हिम्मत नहीं है।
  • सांस फूलना और ठंडा पसीना आना भी संकेत हो सकता है कि आपको हार्ट अटैक आया है।
  • चक्कर आने या उल्टी जैसा महसूस होने का संकेत भी अलार्मिंग माना जाता है।

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हार्ट अटैक आने पर क्या करें? - फोटो : Adobe stock photos
तुरंत क्या उपाय करें?

डॉ  विक्रमजीत कहते हैं, हार्ट अटैक के संकेत महसूस होने पर तुरंत कुछ उपाय आपकी जान बचाने वाले हो सकते हैं। 
 
  • तुरंत कहीं बैठ जाएं। कोई भी गतिविधि तुरंत बंद कर दें। किसी कुर्सी या सोफा पर पीठ को सहारा देकर बैठें।
  • 75 से 100 मिलीग्राम एस्पिरिन की टैबलेट को चबाकर पानी के साथ निगल लें ताकि वह जल्दी असर करे। एस्पिरिन नसों को खोलने में मदद करती है।
  • इमरजेंसी सर्विस, एम्बुलेंस को कॉल करें और अपना पता साफ-साफ बताएं। घर के किसी सदस्य-दोस्त को भी सूचित करें। 
  • घर का दरवाजा खुला छोड़ दें। इससे मदद के लिए आने वाले जल्द से जल्द आप तक पहुंच सकें। 
  • सही पोस्चर में बैठें। 45 डिग्री के एंगल पर बैठें और अपने पैरों को थोड़ा ऊपर उठा कर रखें।
  • लंबी और गहरी सांस लें। नाक से 4 सेकंड तक सांस अंदर लें और मुंह से 6 सेकंड तक धीरे-धीरे सांसे बाहर छोड़ें।
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हार्ट अटैक में जान बचाने वाली किट - फोटो : Amarujala.com
हार्ट अटैक से बचाव के लिए घर पर रखें राम-किट

कानपुर हृदय रोग संस्थान के डॉक्टर नीरज कुमार ने एक वीडियों में राम-किट के बारे में जानकारी दी जो हार्ट अटैक के समय में 'संजीवनी' साबित हो सकती है।

हार्ट अटैक के लक्षण दिखने पर तुरंत दो इकोस्प्रिन (Ecosprin 75), एक रोसुवास्टेटिन (Rosuvastatin 20mg) खा लें। इसके बाद सोब्रिट्रेट (Sorbitrate 5mg) की टेबलेट को जीभ पर रखकर उसे चूसें। इससे मरीज की जान बचाई जा सकती है। इन दवाओं की कीमत 6-7 रुपये होती है। यानी सात रुपये में आप अपनी जान बचा सकते हैं। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।


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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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