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Heart Attack: सीने में दर्द नहीं, फिर भी हार्ट अटैक! 40% मरीजों में दिखते हैं ऐसे अजीबो-गरीब लक्षण

Tue, 10 Feb 2026 07:58 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हार्ट अटैक हमेशा वैसे नहीं आते जैसे फिल्मों में दिखाए जाते हैं - अचानक सीने में जोर से जकड़न और बेहोश होना। इसके संकेत बहुत हल्के और नजरअंदाज कर दिए जाने वाले भी हो सकते हैं। इनकी समय रहते पहचान न की जाए तो इससे जान-जाने का भी खतरा हो सकता है।
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हार्ट अटैक की क्या पहचान होती है? - फोटो : Adobe Stock Photo
हृदय रोग और हार्ट अटैक वैश्विक स्तर पर मौत के सबसे बड़े कारणों में से एक माने जाते हैं। हर साल लाखों लोगों की मौत दिल का दौरा पड़ने के कारण हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं जिस तरह से लोगों की दिनचर्या गड़बड़ होती जा रही है, ये खतरा और भी बढ़ गया है। हार्ट अटैक सिर्फ उम्रदराज लोगों की समस्या नहीं रह गई है, कम उम्र के लोग यहां तक कि 20 से कम उम्र वाले भी इसका शिकार हो रहे हैं।

हार्ट अटैक का नाम सुनते ही सबसे पहले हमारे दिमाग में फिल्मों के वो सीन याद आते हैं जिसमें कोई व्यक्ति छाती में दर्द से कराह रहा है। हालांकि हार्ट अटैक हमेशा वैसे नहीं होते जैसे फिल्मों में दिखाए जाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कई बार हार्ट अटैक के लक्षण इतने हल्के भी हो सकते हैं, जिन्हें अक्सर लोग सामान्य मानकर अनदेखा कर देते हैं। इनकी समय रहते पहचान न की जाए तो इससे जान-जाने का भी खतरा हो सकता है।

वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट ने भी हार्ट अटैक के ऐसे संकेतों को लेकर लोगों को अलर्ट किया है।
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हार्ट अटैक के संकेतों को पहचानिए - फोटो : Adobe stock photos
हार्ट अटैक को लेकर क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

कार्डियोलॉजी में 30 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. इवान लेविन ने एक पोस्ट में बताया कि हार्ट अटैक के लगभग 40 प्रतिशत मरीजों में लक्षण सीने में दर्द, जकड़न से बिल्कुल अलग तरीके के और अजीबो-गरीब हो सकते हैं। खासकर महिलाओं और बुज़ुर्गों हार्ट अटैक के दौरान बिल्कुल अलग से लक्षण दिखने की आशंका ज्यादा देखी जाती रही है। कई लोगों को मांसपेशियों में खिंचाव, हाथों में दर्द जैसी दिक्कत भी हो सकती है, जिसे अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं।
 


एक इंस्टाग्राम पोस्ट में कार्डियोलॉजिस्ट ने एक बुज़ुर्ग महिला की केस हिस्ट्री बताई, जिनके हाथ के दर्द को मांसपेशियों में खिंचाव बताकर नजरअंदाज कर दिया गया था। डॉक्टर्स ने उन्हें वापस घर भेज दिया था। हालांकि 30 मिनट बाद, वह अपने गैरेज के फर्श पर मृत पाई गईं। 
 
  • डॉक्टर कहते हैं, हमें हार्ट अटैक की पहचान ऐसे करने को सिखाया गया है जैसे कोई अपनी छाती पकड़कर गिर रहा हो। लेकिन अगर आप हर बार हार्ट अटैक में सीने में दर्द होने का इंतजार कर रहे हैं, तो ये जानलेवा हो सकती है।
  • हार्ट अटैक के दौरान होने वाली कुछ अजीबो-गरीब संकेतों के बारे में जानना भी सभी लोगों के लिए जरूरी है, ताकि उनपर ध्यान दिया जा सके और लोगों को बचाया जा सके।
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हार्ट और इसका खतरा - फोटो : Adobe Stock
बिल्कुल अलग तरीके के हो सकते हैं लक्षण

डॉ. लेविन कहते हैं, हार्ट अटैक के लगभग 40 प्रतिशत मरीजों को आमतौर पर वे लक्षण महसूस नहीं होते हैं, जो हम अक्सर फिल्मों में देखते आ रहे हैं।
  • जब हमारे दिल की मांसपेशियों में ऑक्सीजन की कमी होती है, तो आपकी नसें कन्फ्यूज हो जाती हैं। वे हर जगह सिग्नल भेजती हैं।
  • यह जबड़े में होता है जो दांत दर्द जैसा महसूस होता है।
  • ये बाएं हाथ में खिंचाव जैसा भी महसूस हो सकता है।
  • कई मामलों में यह अचानक फ्लू या थकावट की तरह भी हो सकता है, जिसमें आप बहुत ज्यादा थका हुआ महसूस कर सकते हैं।
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दिल के दौरे की पहचान कैसे की जाए? - फोटो : Freepik.com
किन लोगों में अजीब लक्षणों के मामले अधिक?

कार्डियोलॉजिस्ट बताते हैं कि महिलाओं और बुज़ुर्गों (खासकर 70 साल से ज्यादा उम्र के लोग) में अजीब लक्षण होने की संभावना ज्यादा होती है।
 
  • हार्ट अटैक, अचानक से गिरने या बेहोशी, अचानक कन्फ्यूजन या हाथ में दर्द जैसा भी लग सकता है। 
  • महिलाओं में इसके नजरअंदाज कर दिए जाने की संभावना ज्यादा होती है, लोग इसे एंग्जाइटी, रिफ्लक्स या स्ट्रेस मान लेते हैं।

डॉ. लेविन कहते हैं, आपके शरीर की आवाज सुनें। अचानक, बिना वजह होने वाले दर्द को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। 
नाभि से लेकर जबड़े तक, अगर आपके शरीर में कहीं भी अचानक दर्द हो, बिना किसी वजह के पसीना आ रहा है तो ये हार्ट अटैक हो सकता है। जिन लोगों को पहले से हृदय की बीमारी रही है उन्हें इस तरह के संकेतों को लेकर और भी सावधान रहने की जरूरत है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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