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Heart Attack: डॉक्टर ने बताया- इन दो बातों को अक्सर किया जाता है अनदेखा, पर ये करीब 30% हार्ट अटैक का कारण

Thu, 08 Jun 2023 07:14 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हार्ट अटैक के बढ़ते मामले - फोटो : अमर उजाला
हृदय रोग और हार्ट अटैक के मामले पिछले कुछ वर्षों में काफी तेजी से बढ़ गए हैं। कम उम्र के लोग भी इन समस्याओं के तेजी से चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है कि हमारी खराब लाइफस्टाइल ने कुछ दशकों पहले की तुलना में अब हृदय को काफी कमजोर कर दिया है। यही वजह है कि हृदय रोगों को जहां पहले उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या माना जाता था, वहीं इसके अब 30 की उम्र में भी लोग हो रहे हैं।

हाल ही में गुजरात के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ गौरव गांधी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। उन्होंने 16 हजार से ज्यादा मरीजों के हार्ट की सर्जरी की थी। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हमें अब अलर्ट हो जाने की जरूर है, हृदय रोगों के मामले अब ज्यादा गंभीर होते जा रहे हैं। कम उम्र से ही हृदय को स्वस्थ रखने के उपाय की आदत डालिए।
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हार्ट अटैक के बढ़ते खतरे से बचाव के उपाय - फोटो : istock
क्या कहते हैं हृदय रोग विशेषज्ञ?

हृदय रोगों को बढ़ते मामले और इससे बचाव के बारे में समझने के लिए हमने दिल्ली के वरिष्ट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ अमित भारद्वाज से बातचीत की। डॉ अमित कहते हैं, लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के दुष्प्रभावों को लेकर अक्सर चर्चा होती रही है। दैनिक जीवन की आदतें जिन्हें सबसे हानिकारक पाया है, अक्सर उनपर हमारा ध्यान ही नहीं जाता है।

नींद की कमी और साउंड की तेज कंपन वाली आवाज इसके दो प्रमुख कारक हैं जो वर्तमान में 30 फीसदी से अधिक हार्ट अटैक के मामलों के लिए जिम्मेदार हैं।
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नींद न पूरी होने की समस्या - फोटो : istock
नींद की कमी हो सकती है खतरनाक

यदि आप नियमित रूप से पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो इससे न सिर्फ थकान-कमजोरी जैसी दिक्कत होती है साथ ही ये आपके दिल के दौरे के जोखिम को भी बढ़ा सकता है। एक अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग आमतौर पर रात में 6 घंटे से कम सोते थे, उनमें 6 से 8 तक सोने वालों की तुलना में हार्ट अटैक का जोखिम दो गुना अधिक पाया गया है। नींद की कमी रक्तचाप और इंफ्लामेशन ट्रिगर करने वाली हो सकती है, ये दोनों आपके हार्ट के लिए अच्छे नहीं है।

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तेज आवाज से हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा - फोटो : Istock
साउंड की तेज आवाज से बचें

शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि उत्सवों में बजने वाले हाई बेस साउंड से बढ़ने वाली कंपन, हृदय के लिए बहुत हानिकारक है। भले ही हमें इसका एहसास नहीं होता है पर ये हृदय की मांसपेशियों को काफी नुकसान पहुंचा सकती है, सडेन हार्ट अटैक का जोखिम भी इससे बढ़ जाता है। कम शोर वाले स्थानों पर रहने वाले लोगों की तुलना में, अक्सर तेज आवाज के संपर्क में रहने वाले लोगों में दिल का दौरा, स्ट्रोक या हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिन तीन गुना अधिक पाया गया।
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हृदय की सेहत का रखिए ख्याल - फोटो : Pixabay
हृदय को स्वस्थ रखने के उपाय करें

डॉ अमित कहते हैं, जिस प्रकार से हृदय रोगों के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में जरूरी हो गया है कि हम कम उम्र से ही इसे स्वस्थ रखने के प्रयास करते रहें। लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखने के साथ दिनचर्या में योग को शामिल करना बहुत आवश्यक है। नींद और साउंड की आवाज वाले जोखिमों पर ध्यान देते हुए इनमें सुधार करना बहुत जरूरी है। किसी भी उम्र के लोग इससे सुरक्षित नहीं हैं यहां तक कि 5 साल से कम उम्र के बच्चों में भी हृदय रोगों की समस्या देखी गई है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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