फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kids Heart Attack: क्या 10 साल से कम उम्र के बच्चों को भी हो सकता है हार्ट अटैक? डॉक्टर ने दी जानकारी

Mon, 16 Feb 2026 07:13 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Baccho Me Heart Attack: कुछ मामलों में हार्ट अटैक का खतरा जेनेटिक भी होता है। यदि परिवार में कम उम्र में दिल की बीमारी का इतिहास रहा हो, तो युवाओं में जोखिम ज्यादा होता है। क्या 10 साल से कम उम्र के बच्चों को भी हार्ट अटैक हो सकता है?
विज्ञापन
1 of 5
हार्ट अटैक - फोटो : Adobe Stock Photos
दिल की बीमारियां दुनियाभर में स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम बनी हुई हैं। बीते एक दशक के आंकड़े उठाकर देखें तो पता चलता है कि न सिर्फ इन बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ा है बल्कि कम उम्र वाले भी इसका शिकार होते जा रहे हैं। युवाओं और किशोरों में भी हार्ट अटैक और इससे मौत की खबरें हम सभी लगातार सुनते-देखते रहे हैं, ऐसे में लोगों के मन में एक सवाल ये है कि क्या बच्चे भी इसका शिकार हो सकते हैं? क्या 10 साल से कम उम्र के बच्चों को भी हार्ट अटैक हो सकता है?

मेडिकल रिपोर्ट्स पर गौर करें तो पता चलता है कि कुछ समय पहले तक बढ़ती उम्र, हाई कोलेस्ट्रॉल या लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों को हार्ट अटैक का प्रमुख कारण माना जाता था, हालांकि अध्ययनों से पता चलता है कि बदलती जीवनशैली, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी कम उम्र में दिल को कमजोर बना रही हैं।

क्या आपके मासूम दिल की बीमारियों से सुरक्षित हैं या फिर उनमें भी हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है? आइए इस बारे में जानते हैं।


ये भी पढ़िए- (हर साल भारत में 50 हजार बच्चे हो रहे कैंसर का शिकार, जानिए किस कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा)
विज्ञापन

2 of 5
कम उम्र वालों में दिल की दौरा - फोटो : adobe stock images
कम उम्र वालों में हार्ट अटैक के बढ़ते मामले 

हृदय रोग विशेषज्ञ कहते हैं, 20 से कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। इसके लिए गड़बड़ लाइफस्टाइल और असंतुलित खान-पान एक बड़ा कारण है। 
 
  • प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा नमक, ट्रांस फैट और चीनी से भरपूर डाइट धमनियों में फैट जमा करती है, जिससे रक्त का संचार प्रभावित होता है और हार्ट अटैक हो सकता है। 
  • इसके अलावा ऑफिस में लंबे समय तक बैठे रहना, व्यायाम न करना, बढ़ता मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी स्थितियों ने हार्ट अटैक के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है।
  • लंबे समय तक स्ट्रेस से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक हो सकता है।

10 साल या इससे कम उम्र के बच्चों में ये जोखिम नहीं होते हैं, तो क्या फिर भी उन्हें हार्ट अटैक हो सकता है?
विज्ञापन

3 of 5
क्या बच्चों को भी हो सकता है हार्ट अटैक - फोटो : Freepik.com
10 साल से कम उम्र के बच्चों में हार्ट अटैक

अमर उजाला से बातचीत में बाल हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ आरती सिन्हा बताती हैं, आमतौर पर टॉडलर (1 से 3 साल) बच्चों में हार्ट अटैक का जोखिम बहुत कम होता है, इस तरह के मामले काफी दुर्लभ माने जाते हैं। ये उम्र चलने-फिरने, दौड़ने वाला होता है। लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण टॉडलर या प्री-स्कूलर (3-5 साल) बच्चों में दिल का दौरा पड़ना बहुत दुर्लभ है। 
 
  • हालांकि कुछ बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, हार्ट की खराबी, आनुवांशिक हार्ट से संबंधित समस्याओं या कावासाकी बीमारी जैसी दुर्लभ बीमारियों के कारण दिल से संबंधित रोगों और जटिलताओं का खतरा हो सकता है। 
  • ऐसे बच्चों में तेजी से सांस लेने, बहुत ज्यादा थकान, चिड़चिड़ापन और दिल की धड़कनों के अनियमित रहने का खतरा हो सकता है, जो कुछ स्थितियों में गंभीर रूप लेने वाली हो सकती हैं।

4 of 5
बच्चों में दिल की बीमारियां - फोटो : Amarujala.com
बच्चों में इस खतरे को कैसे पहचानें?

डॉ आरती बताती हैं, वयस्कों में हार्ट अटैक से उलट बच्चों को लाइफस्टाइल की वजह से हार्ट अटैक बहुत कम या न के बराबर होते हैं। जन्मजात दिल की बीमारी या कावासाकी जैसे रोग ब्लड वेसल पर असर डाल सकती है, जिसके कारण दिल तक खून का संचार बाधित हो जाता है। अगर आपके बच्चे को जन्मजात दिल की बीमारी है तो कुछ लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए।
 
  • बच्चों के सीने में दर्द, चलने-दौड़ने या मेहनत के दौरान दर्द होना चेतावनी हो सकता है।
  • अचानक गिर जाना, बिना किसी वजह के बेहोशी भी दिल की बीमारियों का संकेत है।
  • सांस लेने में तकलीफ बनी रहती है तो डॉक्टर की सलाह लें।
  • दिल की धड़कन तेज या अनियमित रहना हार्ट की समस्या हो सकती है।
  • त्वचा का रंग पीला या नीला पड़ना (सायनोसिस) भी दिल की सेहत को लेकर चेतावनी मानी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बच्चों में ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Adobe stock photos
बच्चों में बढ़ रहा हाई ब्लड प्रेशर का खतरा

बच्चों में बढ़ती दिल की बीमारियों के लिए हाई ब्लड प्रेशर को बड़े खतरे को तौर पर देखा जा रहा है। द लैंसेट चाइल्ड एंड एडोलसेंट हेल्थ जर्नल में प्रकाशित एक वैश्विक विश्लेषण के अनुसार, पिछले दो दशकों में बच्चों और किशोरों में उच्च रक्तचाप के मामले लगभग दोगुना हो गए है।
 
  • साल 2000 में ये 3.2 प्रतिशत से बढ़कर 2020 में ये छह प्रतिशत से अधिक हो गया है।
  • अगर समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान न दिया गया तो हाई ब्लड प्रेशर के कारण हृदय रोगों और हार्ट अटैक के साथ और किडनी से संबंधित बीमारियों का जोखिम भी काफी बढ़ सकता है।



-------------
स्रोत:
Can Children Have Heart Attacks?


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें