फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Heart Attack: पेट की दिक्कत मानकर हार्ट अटैक के लक्षणों को तो नहीं कर रहे इग्नोर? लापरवाही ले लेगी जान

Tue, 07 Jul 2026 08:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हार्ट अटैक हमेशा सीने में तेज दर्द के साथ नहीं आता। कई बार शरीर इसके संकेत घंटों पहले देना शुरू कर देता है, लेकिन लोग उन्हें गैस, एसिडिटी, बदहजमी या सामान्य पेट दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
विज्ञापन
1 of 4
हार्ट अटैक में होने वाली दिक्कतें - फोटो : Amarujala.com/AI
कुछ दशकों पहले तक हार्ट अटैक को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के रूप में जाना जाता था, हालांकि कम उम्र के लोग भी अब इसकी चपेट में आ रहे हैं। हाल के महीनों में आपने कई ऐसी खबरें देखी-सुनी होंगी, जिसमें 30 से कम उम्र के लोगों को न सिर्फ दिल का दौरा पड़ा बल्कि इससे कई लोगों की मौत भी हो गई। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गड़बड़ जीवनशैली जैसे लंबे समय तक बैठकर काम करना, तनाव, खानपान में गड़बड़ी, धूम्रपान और मोटापा जैसी स्थितियों ने ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक के खतरों को काफी बढ़ा दिया है। इसके अलावा विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट अटैक के बाद अक्सर लोगों को समय रहते डॉक्टरी मदद नहीं मिल पाती है, इसके कारण भी खतरा बढ़ जाता है। समय पर हार्ट अटैक के संकेतों की पहचान न हो पाने को इसका बड़ा कारण माना जाता रहा है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, हार्ट अटैक के शुरुआती संकेतों को समय पर पहचानना जीवन बचाने में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। जितनी जल्दी मरीज अस्पताल पहुंचता है, उतनी ही अधिक संभावना होती है कि हृदय की मांसपेशियों को स्थायी नुकसान से बचाया जा सके।
विज्ञापन

2 of 4
हार्ट अटैक के दौरान होने वाली दिक्कतें - फोटो : Adobe Stock
हार्ट अटैक के असामान्य संकेतों को भी जानिए

डॉक्टर कहते हैं, हार्ट अटैक को अक्सर हम सभी सीने में तेज दर्द जैसे लक्षणों के साथ जोड़कर देखते हैं। सीने में दर्द, जकड़न और असहजता तो इसका संकेत है ही, पर इसके अलावा भी कई दिक्कतें हो सकती हैं जिसपर भी सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। 
 
  • हार्ट अटैक के कई संकेत पेट की दिक्कतों जैसे भी होते हैं। कई लोगों को गैस-एसिडिटी, बदहजमी जैसी दिक्कतें भी होती हैं जिसे सामान्य पेट दर्द समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ये छोटी सी लापरवाही जानलेवा हो सकती है।
विज्ञापन

3 of 4
पेट के लक्षणों को न करें अनदेखा - फोटो : Freepik.com
हार्ट अटैक में पाचन संबंधित दिक्कतें

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हार्ट अटैक की स्थिति में जब हृदय की मांसपेशियों तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता, तो शरीर कई तरह के संकेत देता है। 
 
  • इससे सीने में दबाव, सांस फूलने, ठंडा पसीना आने, कमजोरी, जबड़े या हाथ में दर्द की दिक्कत होती है। 
  • कई मरीजों में जी मिचलाने, उल्टी, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, भारीपन या जलन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
  • महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में ऐसे असामान्य लक्षण अधिक देखे जाते हैं।

इसलिए अगर पेट की परेशानी के साथ सीने में दबाव, सांस लेने में तकलीफ हो या चक्कर आए तो इसे केवल गैस समझकर दवा लेना खतरनाक हो सकता है। ऐसे समय में तुरंत डॉक्टर के पास जाना जरूरी है।

हार्ट अटैक के दौरान हर मरीज में पेट दर्द नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों में पेट से जुड़े लक्षण प्रमुख संकेत बन सकते हैं। क्लीनिकल गाइडलाइंस के अनुसार, इन्फीरियर वॉल मायोकार्डियल इंफार्क्शन में मतली, उल्टी और पेट का दर्द अधिक देखा जाता है।
विज्ञापन

4 of 4
हार्ट अटैक में समय रहते इलाज जरूरी - फोटो : Adobe stock photos
हार्ट अटैक में गोल्डन ऑवर सबसे महत्वपूर्ण

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के विशेषज्ञ जोर देते हैं कि हार्ट अटैक में गोल्डन ऑवर (पहला लगभग एक घंटा) बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान उपचार शुरू होने पर हृदय की मांसपेशियों को स्थायी नुकसान से काफी हद तक बचाया जा सकता है और मृत्यु का जोखिम कम होता है।
 
  • यदि मरीज पहले से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग से पीड़ित है, तो ऐसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। 
  • बिना डॉक्टर की सलाह के केवल गैस या एसिडिटी की दवा लेकर इंतजार करना खतरनाक हो सकता है। 


--------------
स्रोत: 
Warning Signs of a Heart Attack


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें