फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Heart Attack: सामने आई देश में लगातार बढ़ते हार्ट अटैक की वजह, दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सतर्क

Mon, 30 Oct 2023 05:26 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
दिल का दौरा पड़ने की वजह - फोटो : istock
हृदय रोगों का खतरा अब उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या तक सीमित नहीं रहा। 30 वर्ष की आयु से कम वाले लोगों में भी इस रोग का जोखिम बढ़ता जा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक,  स्कूली बच्चों में भी कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक के कारण मौत के मामले दर्ज किए गए हैं।

हाल ही में गुजरात में नवरात्रि महोत्सव के दौरान गरबा खेलते वक्त दिल का दौरा पड़ने से कई लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद गुजरात राज्य स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने 'कार्डियोलॉजिस्ट' सहित चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ बैठक की। बैठक में दिल का दौरा पड़ने के कारणों और उपचार का पता लगाने को कहा गया था।

हार्ट अटैक के मामले कोरोना काल के बाद तेजी से अधिक बढ़े हैं। इसका कारण पता चल गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने देश में बढ़ते हृदयाघात के मामले की वजह कोरोना वायरस को बताया है। उन्होंने कहा कि जो लोग कोविड से संक्रमित हुए थे, उनमें हृदय घात और कार्डियक अरेस्ट का रिस्क रहता है। मांडविया के बयान से स्पष्ट हो गया कि हृदयाघात के मामले बढ़ने का बड़ा कारण कोरोना वायरस ही है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
धमनियों में ब्लॉकेज की स्थिति - फोटो : istock
 क्लॉट बनना कोरोना वायरस का साइड इफेक्ट

भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (आईसीएमआर) के एक अध्ययन में यह दावा किया गया कि जो व्यक्ति गंभीर रूप से कोविड वायरस का शिकार हुए थे, उनमें हृदय रोग का जोखिम अधिक है। ऐसे लोगों को सलाह दी गई कि दिल का दौरे से बचने के लिए एक या दो साल तक अत्यधिक परिश्रम नहीं करना चाहिए।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना महामारी के बाद हार्ट अटैक के केस बढ़े। इन मरीजों की जांच के दौरान पता चला कि कोरोना वायरस के कारण हार्ट की आर्टरीज में खून के थक्के बन गए थे। क्लॉट के कारण हृदय को ब्लड पंप करने में परेशानी होती है, जिससे दिल का दौरा पड़ता है। कोरोना वायरस का साइड इफेक्ट क्लॉट बनने की एक बड़ी वजह है।
विज्ञापन

3 of 5
दिल का दौरा - फोटो : istock
कोरोना ने हृदय-फेफड़ों को किया प्रभावित

हृदय घात के कारणों को जानने के लिए शोधकर्ताओं ने दिल के दौरे से मरने वाले 100 से अधिक लोगों की जांच की। इसमें पाया गया कि हार्ट अटैक के शिकार ज्यादातर लोग महामारी के दौरान संक्रमण की चपेट में आए थे। शवों की एमआरआई जांच में कोरोना के कारण हृदय-फेफड़ों की समस्याओं के बारे में पता चला। इसके पहले के अध्ययनों में भी यह स्पष्ट किया गया था कि कोरोना वायरस हृदय के लिए समस्याएं बढ़ा रहा है।

4 of 5
हृदयघात के खतरे के संकेत - फोटो : istock
हृदयाघात के संकेत

सीने में दर्द, बेचैनी, शरीर के बाएं हिस्से में दर्द, पीठ, कंधे, गर्दन, जबड़े और पेट में दर्द होने के साथ सांस लेने में कठिनाई महसूस होना, हृदयाघात के कुछ लक्षणों में से एक है। ऐसी समस्याएं देखें तो गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
दिल की सेहत का रखें ख्याल - फोटो : Amar Ujala
हृदय की जरूर कराएं जांच

शोध के मुताबिक, कोविड-19 से एक साल पहले ठीक हो चुके लोगों में सेरेब्रोवास्कुलर जटिलताओं, हृदय गति की असमानता, इंफ्लामेशन या इस्केमिक हार्ट डिजीज का खतरा हो सकता है। ऐसे में भले ही आप में संक्रमण के दौरान हल्के स्तर के ही लक्षण रहे हों फिर भी एहतियातन हृदय की जांच करा लें और नियमित रूप से हृदय को स्वस्थ रखने वाले उपाय करते रहें। 

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें