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अध्ययन: गर्भावस्था में उचित पोषण सिर्फ बच्चे ही नहीं पोते-पोतियों के भी मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए लाभकारी

Sun, 06 Aug 2023 06:06 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गर्भावस्था में उचित पोषण बहुत आवश्यक - फोटो : iStock
गर्भावस्था के दौरान उचित पोषण की आवश्यकताओं पर निंरतर जोर दिया जाता रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मां का स्वस्थ पोषण उसके बच्चे के बेहतर मानसिक और शारीरिक विकास के लिए काफी आवश्यक होता है। इससे संबंधित एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रारंभिक गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ और पौष्टिक आहार का सेवन करने वाली महिलाओं से जन्म लेने वाले बच्चे ही नहीं, पोते-पोतियों के भी मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। मतलब गर्भावस्था के दौरान उचित पोषण का ध्यान रखकर करीब दो पीढ़ियों के मस्तिष्क के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सकती है।

ऑस्ट्रेलिया स्थित मोनाश यूनिवर्सिटी में आनुवांशिक मॉडल का उपयोग कर किए गए इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह दावा किया है। यह अध्ययन असल में उस परियोजना का हिस्सा है जिसमें पाया गया कि मां का आहार न केवल उसके बच्चे बल्कि उसके पोते-पोतियों के मस्तिष्क को भी प्रभावित कर सकता है।
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उचित पोषण से शिशु की सेहत पर होने वाला असर - फोटो : istock
गर्भावस्था में पोषण का ध्यान रखना बहुत जरूरी

नेचर सेल बायोलॉजी में प्रकाशित इस अध्ययन की रिपोर्ट में पाया गया कि कुछ खाद्य पदार्थ मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में होने वाली गिरावट को रोकने में मदद कर सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान इस तरह की चीजों का सेवन करना न सिर्फ गर्भवती की सेहत के लिए बेहतर माना जाता है साथ ही इससे आने वाली पीढ़ियों को भी मानसिक तौर पर स्वस्थ और मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।

इस अध्ययन में आनुवंशिक मॉडल के रूप में राउंडवॉर्म (कैनोर्हाडाइटिस एलिगेंस) का उपयोग किया गया क्योंकि उनके कई जीन मनुष्यों में भी पाए जाते हैं, जिससे मानव कोशिकाओं को समझने में मदद मिल सकती है। 
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गर्भावस्था में खाएं स्वस्थ और पौष्टिक आहार - फोटो : Pixabay
आहार में कुछ चीजों को शामिल करने से मिल सकता है लाभ

शोधकर्ताओं ने पाया कि फलों में सेब और कुछ प्रकार की जड़ी-बूटियों जैसे तुलसी, रोज़मेरी, थाइम, अजवायन आदि का सेवन मस्तिष्क को ठीक से काम करने के लिए आवश्यक कम्युनिकेबल सिस्टम को व्यवस्थित रखने में काफी लाभाकारी हो सकती है। वरिष्ठ प्रोफेसर रोजर पोकॉक ने अपनी टीम के साथ मस्तिष्क में एक्सॉन तंत्रिका कोशिकाओं की जांच की। पोकॉक ने बताया कि एक्सॉन में होने वाली किसी तरह की समस्या की स्थिति, मस्तिष्क की शिथिलता और न्यूरोडीजेनेरेशन का कारण बन सकती है। 

पोकॉक कहते हैं, हमने यह पता लगाने की कोशिश की है कि क्या आहार में पाए जाने वाले प्राकृतिक उत्पाद इस जोखिम को कम कर सकते हैं?
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गर्भवती के लिए जरूरी हैं स्वस्थ और पौष्टिक चीजें - फोटो : iStock
अध्ययन मे क्या पता चला?

शोध में पाया गया है कि सेब और कई तरह की जड़ी-बूटियों में पाए जाने वाले अर्सोलिक एसिड, एक्सॉन की नाजुकता को कम करते हैं। पोकॉक ने कहा कि इस प्रकार की वसा, जिसे स्फिंगोलिपिड के रूप में जाना जाता है, अगली पीढ़ी में भी एक्सॉन की रक्षा करता है। इसका मतलब यह है कि मां का आहार न केवल उनकी संतानों के मस्तिष्क पर बल्कि संभावित रूप से आने वाली पीढ़ियों पर भी प्रभाव डाल सकती है।

पोकॉक ने कहा, सभी गर्भवती को क्यों स्वस्थ और पौष्टिक आहार सुनिश्चित कराया जाना चाहिए, इस अध्ययन की रिपोर्ट से यह और बेहतर तरीके से स्पष्ट होता है। 


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स्रोत और संदर्भ
A mother's diet can protect her grandchildren's brains: genetic model study

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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