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Health Tips: विटामिन डी की कमी से पुरुषों में बढ़ जाता है प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम, समझ लें इसके पीछे का साइंस

Wed, 26 Nov 2025 05:17 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Prostate Cancer Risk in Men: प्रोस्टेट कैंसर एक गंभीर समस्या है और पुरुषों में होने वाला सबसे आम कैंसर है। एक स्टडी के मुताबिक जिन पुरुषों में विटामिन डी कमी होती है उनमें प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम बहुत अधिक होता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम - फोटो : Amar Ujala
Prostate Cancer Risk and Vitamin D Deficiency: हमारे देश की एक बड़ी आबादी विटामिन डी की कमी से जूझ रही है। एक अध्ययन के अनुसार देशभर में लगभग 45 फीसदी से अधिक लोगों में विटामिन डी कमी पाई गई है। मगर एक और स्टडी के मुताबिक पुरुषों में अगर विटामिन की कमी है तो उनमें प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इस स्टडी के मुताबिक शरीर में विटामिन डी का स्तर कम होने से प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम और उसकी आक्रामकता काफी बढ़ जाती है। 

शिकागो क्षेत्र के शोधकर्ताओं ने लगभग सात सौ पुरुषों पर किए गए इस अध्ययन में पाया कि जिन पुरुषों में विटामिन डी का स्तर कम था, उनमें 'हाई ग्रेड' या एडवांस प्रोस्टेट ट्यूमर होने की आशंका अधिक थी। यह पैटर्न यूरोपीय-अमेरिकी और अफ्रीकी-अमेरिकी दोनों समूहों में समान रूप से देखा गया। हालांकि अफ्रीकी-अमेरिकी पुरुषों में जोखिम अधिक था। उनमें न केवल कैंसर अधिक आक्रामक था, बल्कि उन्हें प्रोस्टेट कैंसर होने की आशंका भी अधिक थी। 

शोधकर्ताओं का कहना है कि हेल्दी विटामिन डी का लेवल बनाए रखना अब संपूर्ण स्वास्थ और संभावित रूप से कैंसर की रोकथाम के लिए बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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प्रोस्टेट कैंसर - फोटो : Freepik.com
विटामिन डी की कमी और कैंसर का संबंध
शोध बताते हैं कि जिन पुरुषों की त्वचा गहरी होती है, उनमें प्रोस्टेट कैंसर का खतरा अधिक होता है। इसकी वजह यह है कि गहरे रंग की त्वचा सूर्य से कम अल्ट्रावायलेट रोशनी सोख पाती है, जिससे उनके शरीर में विटामिन डी कम बनता है। विटामिन डी और कैल्शियम मिलकर प्रोस्टेट कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं और उन्हें स्वस्थ रखते हैं।

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प्रोस्टेट कैंसर - फोटो : Adobe stock photos
प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती लक्षण
चूंकि विटामिन डी की कमी से कैंसर आक्रामक हो सकता है, इसलिए पुरुषों को इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानना जरूरी है। हालांकि शुरुआत में लक्षण हल्के होते हैं, लेकिन अगर आपको बार-बार पेशाब आता है (खासकर रात में), पेशाब करने में कठिनाई होती है, या पेशाब का बहाव धीमा है, तो सावधान हो जाएं।

पेशाब या वीर्य में खून आना, या कूल्हे/हड्डियों में लगातार दर्द होना भी लक्षण हो सकते हैं। 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों को ये लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।

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विटामिन डी की पूर्ति - फोटो : Adobe
विटामिन डी बढ़ाने के सरल तरीके
विशेषज्ञ बताते हैं कि विटामिन डी एक सुरक्षा कवच की तरह है, और इस विटामिन का लेवल मेंटेन रखना सरल है। इसके लिए आप कुछ फूड प्रोडक्ट्स को डाइट में शामिल कर सकते हैं। जैसे मछली (सैल्मन), अंडे की जर्दी, कुछ मशरूम और विटामिन डी से भरपूर डेयरी उत्पाद।

मगर इसका सबसे बड़ा और प्राकृतिक स्रोत सूर्य का प्रकाश है। जब UV किरणें हमारी त्वचा पर पड़ती हैं, तो शरीर खुद ही विटामिन डी बनाना शुरू कर देता है। इसलिए रोजाना अपनी डाइट में इन चीजों को शामिल करें और धूप लें।

 
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विटामिन-डी - फोटो : Freepik.com
सुरक्षित धूप और सप्लीमेंट्स का महत्व
विटामिन डी के लिए सूरज की रोशनी जरूरी है, लेकिन इसका ध्यान रखें कि धूप सुरक्षित हो और आपकी त्वचा को नुकसान न पहुंचाए। विशेषज्ञों की सलाह है कि रोजाना केवल 10 से 15 मिनट तक सीधी धूप लेना ही पर्याप्त होता है, इससे त्वचा के कैंसर का खतरा नहीं बढ़ता और विटामिन डी का स्तर बना रहता है। यदि आपका विटामिन डी स्तर बहुत कम है, या आपकी त्वचा का रंग गहरा है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर विटामिन डी सप्लीमेंट्स लेना एक अच्छा और समझदारी भरा उपाय है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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