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कई बीमारियों में 'संजीवनी' की तरह काम करते हैं ये 4 फूल, यहां जानें इनके गजब के फायदे

Wed, 02 Jun 2021 04:50 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आचार्य मनीष
आयुर्वेदाचार्य, शुद्धि आयुर्वेद

Medically Reviewed by Acharya Manish

हमें जब भी कोई तकलीफ होती है तो हम डॉक्टर से संपर्क करते हैं और उनके द्वारा बताई गई दवाओं का सेवन करते हैं आदि। वहीं, भारतीय आयुर्वेद में भी कई बीमारियों का इलाज किया जाता है। आयुर्वेद में कई तरह के फूलों का इस्तेमाल काफी पहले से होता हुआ आ रहा है, जिनकी मदद से कई बीमारियों को दूर किया जाता रहा है। इन फूलों का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इन फूलों में त्वचा की समस्याओं से लेकर कई तरह के संक्रमण तक को ठीक करने की शक्ति होती है। गुलाब, केसर, चंपा जैसे फूलों का सेवन जूस और काढ़े के रूप में भी किया जाता है। इससे ये हमारे शरीर को ये कई लाभ देने के लिए जाने जाते हैं। तो चलिए जानते हैं इन फूलों के बारे में कि ये किन-किन बीमारियों में फायदा पहुंचा सकते हैं।
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गुलाब के फूल - फोटो : istock
गुलाब का फूल
  • गुलाब का फूल जितना खूबसूरत होता है, उतने ही इसमें कई फायदे छुपे होते हैं। इस फूल में टैनिन, विटामिन-ए, बी और सी पाए जाते हैं। गुलाब के फूल के रस का उपयोग शरीर की गर्मी और सिरदर्द को कम करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा गुलाब की पंखुड़ियों से अस्थमा, खांसी, ब्रोंकाइटिस जैसी फेफड़ों की समस्याएं और पाचन संबंधी समस्याओं जैसे अपच और पेट फूलने को ठीक किया जा सकता है। यही नहीं, गुलाब जल के बारे में तो सभी जानते हैं, जो हमारी आंखों की जलन को दूर करने का काम करता है।
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lotus valley - फोटो : istock
कमल का फूल
  • कमल के फूल को काफी पवित्र फूल माना जाता है, और इसका इस्तेमाल पूजा करने में भी किया जाता है। ये सफेद और गुलाबी रंग के बड़े फूल होते हैं। कमल का फूल तापमान, प्यास, त्वचा रोग, जलन, फोड़े, उल्टी-दस्त और ब्रोंकाइटिस को कम करने में काफी कारगर साबित होता रहा है।

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Frangipani flower - फोटो : istock
चंपा का फूल
  • चंपा का फूल सुंगधित होता है और इसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाओं में त्वचा रोगों, घावों और अल्सर जैसी कई अन्य बीमारियों के लिए किया जाता है। इसके अलावा चंपा के फूल का काढ़ा भी काफी लाभदायक होता है। इस काढ़े को पीने से बुखार, चक्कर आना, खांसी और मतली के इलाज में काफी फायदा मिलता है।
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Hibiscus flower - फोटो : istock
गुड़हल का फूल
  • गुड़हल फूल की पंखुड़ियां और पत्तियां लाल, सफेद, पीली, नारंगी और गुलाबी रंग की होती हैं। गुड़हल का इस्तेमाल करके आयुर्वेदिक चाय तैयार की जाती है, और ये चाय व्यक्ति के ब्लड प्रेशर को कम करने में, लूज मोशन में, पाइल्स में, बालों के झड़ने में हाई ब्लड प्रेशर और खांसी को कम करने में काफी मददगार मानी जाती है।

नोट: आचार्य मनीष आयुर्वेद आचार्य हैं, जो आर्युवेद की दुनिया में एक लंबा अनुभव रखते हैं। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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