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Health Tips: सरसों, बथुआ या पालक आपकी सेहत के लिए कौन-सा साग है अधिक फायदेमंद? डॉक्टर से जानें

Wed, 31 Dec 2025 03:40 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Leafy Vegetables Benefits: सरसों, बथुआ, मेथी और पालक का साग सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, इन चारों साग की खास बात यह है कि ये सभी ही ठंड के मौसम में मिलते हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि इनमें से अधिक फायदेमंद कौन-सा साग है? आइए इस लेख में इसी के बारे में डॉक्टर से जानते हैं।
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बथुआ - फोटो : Adobe Stock
Green Vegetables Comparison: सर्दियों के मौसम में बाजार हरे-भरे सागों से भर जाते हैं, चाहे वह सरसों हो, बथुआ, मेथी या पालक। अक्सर लोग इस उलझन में रहते हैं कि इनमें से कौन-सा साग सेहत के लिए सबसे अधिक गुणकारी है। हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर विनोद शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर इस रहस्य से पर्दा उठाया है। डॉ. शर्मा के अनुसार, वैसे तो मेथी, सरसों और बथुआ सभी स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं और इनमें अपने विशिष्ट औषधीय गुण होते हैं, लेकिन जब 'सर्वश्रेष्ठ' चुनने की बात आती है, तो पालक बाजी मार ले जाता है।

इसका मतलब यह कतई नहीं है कि अन्य साग खराब हैं, सिर्फ पालक कुछ विशेष पोषक तत्वों और शारीरिक लाभों के मामले में बाकी सभी सागों की तुलना में थोड़ा अधिक प्रभावी साबित होता है। पालक की सबसे बड़ी खासियत इसकी वर्सटाइल प्रकृति और इसमें मौजूद सूक्ष्म पोषक तत्वों का अनूठा संतुलन है, जो इसे हर आयु वर्ग के लिए एक संपूर्ण 'सुपरफूड' बनाता है।
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पालक - फोटो : Freepik.com
हड्डियों की मजबूती
डॉ. विनोद शर्मा बताते हैं कि पालक में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है, जो हमारी हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने और उन्हें अंदर से फौलादी बनाने के लिए अनिवार्य है। जहां अन्य सागों में फाइबर अधिक होता है, वहीं पालक में कैल्शियम और विटामिन-K की मात्रा अधिक होती है जिसे शरीर आसानी से अवशोषित कर लेता है। यह बढ़ती उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचाने में भी कारगर है।

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थकान - फोटो : Freepik
खून की कमी और आयरन का संतुलन
पालक को पारंपरिक रूप से आयरन का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। यह शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से बढ़ाता है और एनीमिया (खून की कमी) को दूर करने में मदद करता है। मेथी और बथुआ भी खून साफ करने में सहायक हैं, लेकिन पालक में मौजूद 'फोलिक एसिड' और आयरन का संयोजन इसे रक्त संबंधी विकारों को दूर करने के लिए विशेष रूप से फायदेमंद बनाता है।

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पालक - फोटो : Freepik.com
सावधानियां
पालक में ऑक्सलेट की अधिकता होती है, जो कैल्शियम के साथ मिलकर किडनी स्टोन का कारण बन सकता है। इसलिए पथरी की समस्या वाले लोगों को इसके सेवन से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए। पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण और ऑक्सलेट के प्रभाव को कम करने के लिए पालक को हमेशा उबालकर या पकाकर ही खाना चाहिए।


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बथुआ - फोटो : Adobe Stock
विविधता में ही स्वास्थ्य है
जाहिर है कि पालक पोषण के मामले में शीर्ष पर है, लेकिन फिर भी हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक हमें अपने आहार में विविधता रखनी चाहिए। मेथी पेट की सफाई के लिए, बथुआ किडनी के लिए और सरसों गर्माहट के लिए अच्छी है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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