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Health Tips: पैर में दर्द होने के साथ दिख रहे हैं ये लक्षण, हो सकती है किडनी फेलियर की शिकायत

Mon, 10 Nov 2025 07:07 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

किडनी फेलियर एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है। इसके शुरुआती लक्षण अक्सर ऐसे होते हैं जिन्हें लोग थकान से जुड़ी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। आइए इस लेख जानते हैं कि कैसे किडनी फेलियर के शुरुआती लक्षण से इसे पहचाना जा सकता है।
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किडनी फेलियर - फोटो : Adobe Stock
Kidney Failure Symptoms: किडनी फेलियर के शुरुआती लक्षण अक्सर इतने सामान्य होते हैं कि लोग उन्हें थकान या उम्र से जुड़ी परेशानी समझकर अनदेखा कर देते हैं। जब किडनी ठीक से काम करना बंद कर देती है, तो इसके सबसे स्पष्ट संकेत आपके पैरों, टखनों और निचले अंगों में दिखने लगते हैं, जिसके साथ दर्द और भारीपन भी महसूस हो सकता है। 

किडनी फेलियर का एक प्रमुख कारण यह है कि वह शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ और सोडियम को बाहर नहीं निकाल पाती। यह अतिरिक्त तरल पदार्थ गुरुत्वाकर्षण के कारण शरीर के निचले हिस्सों में जमा होने लगता है, जिससे पैरों और टखनों में सूजन आ जाती है। यह सूजन न केवल दर्द और भारीपन का एहसास कराती है, बल्कि यह इस बात का भी संकेत देती है कि शरीर में जहरीले टॉक्सिन्स जमा हो रहे हैं। इसके अलावा भी शरीर आपको कई संकेत देता है, आइए इस लेख में उन्हीं संकेतों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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पैर में दर्द के कारण - फोटो : Adobe Stock
पैरों में सूजन
किडनी डैमेज होने पर पैरों में सबसे पहले सूजन दिखाई देती है, खासकर टखनों और पंजों के आस-पास। यह सूजन तब गंभीर मानी जाती है जब आप सूजी हुई त्वचा पर उंगली से दबाव डालते हैं और वहां एक गड्ढा बन जाता है जो देर से भरता है। यह स्थिति वाटर रिटेंशन का प्रमाण है, जो बताता है कि किडनी अतिरिक्त पानी और नमक को शरीर से बाहर निकालने में विफल हो रही है।

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थकान - फोटो : Freepik
रात में ऐंठन और मांसपेशियों में मरोड़
किडनी का एक महत्वपूर्ण काम रक्त में इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम) का संतुलन बनाए रखना है। जब किडनी खराब होती है, तो यह इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ जाता है। इस असंतुलन के कारण आपको अक्सर रात में सोते समय पिंडलियों या पैरों की मांसपेशियों में दर्दनाक ऐंठन या मरोड़ महसूस हो सकती है। यह असंतुलन नसों और मांसपेशियों के कार्यों को बाधित करता है।

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पैरों में झुनझुनी पड़ना या सुन्न होना - फोटो : Adobe Stock
सुन्नपन, झुनझुनी और खुजली की समस्या
किडनी की गंभीर समस्या तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित कर सकती है, जिसे यूरेमिक न्यूरोपैथी कहते हैं। इसके कारण आपको पैरों के निचले हिस्से में झुनझुनी, सुन्नपन या चुभन जैसा एहसास हो सकता है। इसके अलावा, शरीर में विषाक्त पदार्थों के जमा होने के कारण पैरों और टांगों में बिना किसी चकत्ते के भयंकर खुजली हो सकती है।
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किडनी - फोटो : Freepik.com
बचाव और तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता
पैर में दर्द या सूजन के साथ यदि आपको लगातार थकान, सांस फूलना या पेशाब की आदतों में बदलाव (जैसे रात में बार-बार पेशाब आना) महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। हाई बीपी और डायबिटीज को नियंत्रित रखना किडनी की सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। समय पर जांच और इलाज से किडनी फेलियर के जोखिम को कम किया जा सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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