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Health Tips: वायु प्रदूषण कैसे आपके फर्टिलिटी को कर रहा है प्रभावित, ये सावधानियां कम कर सकती हैं इसका जोखिम

Wed, 12 Nov 2025 06:40 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Pollution Effects on Reproductive Health: हमारे देश के कई हिस्सों में इन दिनों वायु प्रदूषण अपने चरम पर है। दिल्ली के कई जगहों पर AQI 450 से अधिक है। इसका असर पुरुषों और महिलाओं दोनों के फर्टिलिटी पर भी पड़ रहा है। आइए इस लेख में जानते हैं कि ऐसी स्थिति में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
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फर्टिलिटी पर वायु प्रदूषण का असर - फोटो : Amar Ujala
Air Pollution And Fertility: दिल्ली-एनसीआर के अधिकतर जगहों पर इन दिनों एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार है। एक स्टडी के मुताबिक ऐसे प्रदूषित शहरों में रहने वाले लोगों के लिए वायु प्रदूषण अब केवल श्वसन तंत्र या हृदय रोग तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह प्रजनन क्षमता को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है।

शोधों से पता चला है कि हवा में मौजूद सूक्ष्म कण PM2.5 और हानिकारक रसायन केवल सांस की नली में नहीं जाते, बल्कि ब्लड फ्लो में मिलकर हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ते हैं। पुरुषों में यह प्रदूषण शुक्राणुओं की संख्या यानी स्पर्म काउंट, उनकी गतिशीलता और गुणवत्ता को कम कर देता है, जिससे फर्टिलिटी घटने लगती है।

महिलाओं में भी प्रदूषण मेंस्ट्रुअल साइकिल को अनियमित कर सकता है और अंडों की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी वायु प्रदूषण को प्रजनन स्वास्थ्य के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक माना है। यह एक गंभीर चुनौती है, क्योंकि जीवनशैली और आहार में छोटे बदलाव करके इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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पुरुषों में स्पर्म काउंट - फोटो : Adobe Stock
पुरुषों में शुक्राणु और हार्मोन पर असर
वायु प्रदूषण पुरुषों में शुक्राणुओं की गुणवत्ता को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। जैसे कण शरीर में पहुंचकर ऑक्सीडेटिव तनाव पैदा करते हैं। यह तनाव शुक्राणुओं के को क्षतिग्रस्त करता है, उनकी गतिशीलता को धीमा करता है और उनकी संख्या कम करता है। इसके अलावा प्रदूषण टेस्टोस्टेरोन जैसे प्रजनन हार्मोन के उत्पादन को भी बाधित कर सकता है, जिससे फर्टिलिटी दर घट जाती है।

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महिलाओं में फर्टिलिटी की समस्या - फोटो : Freepik.com
महिलाओं में ओवुलेशन और गर्भधारण का जोखिम
महिलाओं में भी वायु प्रदूषण से फर्टिलिटी प्रभावित होती है। प्रदूषण ओवुलेशन की प्रक्रिया को अनियमित कर सकता है और मासिक धर्म चक्र को बिगाड़ता है। एक शोध के अनुसार अधिक प्रदूषित क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं में अंडों की गुणवत्ता कम हो सकती है। गंभीर मामलों में यह गर्भपात या प्री-टर्म डिलीवरी के जोखिम को भी बढ़ाता है।

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वायु प्रदूषण - फोटो : Adobe stock
जरूर बरतें ये सावधानियां
प्रदूषण से फर्टिलिटी को बचाने के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा सबसे जरूरी है। उच्च प्रदूषण वाले दिनों में घर के अंदर रहें। घर के बाहर निकलने पर हमेशा N95 या N99 मास्क पहनें। घर के अंदर की हवा को शुद्ध रखने के लिए HEPA फिल्टर वाले एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें। घर में धूपबत्ती या मच्छर कॉइल जलाने से बचें, जो इनडोर प्रदूषण बढ़ाते हैं।
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वायु प्रदूषण - फोटो : Adobe Stock
जीवनशैली में जरूर करें ये बदलाव
अपनी डाइट में एंटीऑक्सीडेंट (जैसे विटामिन C, विटामिन E, और ओमेगा-3) से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। अखरोट, बादाम, और खट्टे फल खाएं। धूम्रपान और शराब का सेवन तुरंत बंद कर दें, क्योंकि ये प्रदूषण के साथ मिलकर फर्टिलिटी को दोहरा नुकसान पहुंचाते हैं। नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन (योग) हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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