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Health Tips: आपके पाचन को कैसे प्रभावित कर रहा है 300 AQI का प्रदूषण? जरूर बरतें ये सावधानियां

Sat, 01 Nov 2025 05:27 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में कई दिनों के वायु प्रदूषण का स्तर लगभग 300 एक्यूआई बना हुआ है। कुछ जगहों का एक्यूआई तो इससे भी अधिक है। ऐसे में इसका बहुत बड़ा प्रभाव हमारे पाचन पर पड़ता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं, साथ ही इससे बचने के कुछ सुझाव भी जानेंगे।
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प्रदूषण का पेट में समस्या - फोटो : Freepik
Digestive Problems Due to Pollution: देश के कई प्रमुख हिस्सों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार जा चुका है, जो 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी को दर्शाता है। इस जहरीली हवा का असर हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसका नकारात्मक प्रभाव न सिर्फ फेफड़ों या दिल की सेहत को प्रभावित करता है, बल्कि यह आपके पाचन तंत्र को भी धीरे-धीरे प्रभावित करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और शोध रिपोर्टों के अनुसार, प्रदूषित हवा में मौजूद सूक्ष्म कण और विषैले केमिकल जब सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं, तो वे रक्त प्रवाह में मिलकर पूरे शरीर में सूजन पैदा करते हैं। 

यह सूजन सीधे आंतों के माइक्रोबायोम (अच्छे और बुरे बैक्टीरिया का संतुलन) पर असर डालती है। माइक्रोबायोम का यह असंतुलन ही अपच, गैस, पेट फूलने और इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी गंभीर पाचन समस्याओं को जन्म देता है। इसलिए एयर क्वालिटी इंडेक्स 300+ का मतलब है कि आपके पाचन स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में आइए इस लेख में जानते हैं कि इस स्थिति में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
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पेट की समस्या - फोटो : Adobe Stock
माइक्रोबायोम का असंतुलन
आंतों के अच्छे बैक्टीरिया (माइक्रोबायोम) का संतुलन बिगड़ना कई पाचन समस्याओं की शुरुआत है। जहरीले PM2.5 कण हमारे शरीर में जाकर इन अच्छे बैक्टीरिया को कम कर देते हैं। इस असंतुलन के कारण आपको अपच, पेट में गैस और बार-बार पेट फूलने की शिकायत होने लगती है। इसका सीधा असर आपके पाचन पर पड़ता है और पेट की सेहत खराब होती है।

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कोलन कैंसर - फोटो : Freepik.com
सूजन और गंभीर रोग
प्रदूषण के कारण शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव नामक स्थिति पैदा होती है। यह तनाव सीधे आपके पाचन मार्ग को नुकसान पहुंचाता है। इससे आंतों में तेज सूजन आने लगती है, जिससे अल्सरेटिव कोलाइटिस और क्रोन रोग जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। यह तनाव दिखाता है कि प्रदूषित हवा का असर सिर्फ सांस पर ही नहीं, बल्कि आंतों की अंदरूनी सेहत पर भी होता है।

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Bedroom - फोटो : freepik
घर के अंदर की सुरक्षा
अपने पाचन तंत्र को प्रदूषक कणों के हमले से बचाने के लिए, जब भी एक्यूआई खराब हो तो बाहर जाने से बचें। घर के अंदर की हवा को शुद्ध रखना सबसे जरूरी है। इसके लिए आप घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। घर की हवा को साफ रखकर आप आंतों पर प्रदूषण के सीधे संपर्क को रोक सकते हैं, जिससे आपके पाचन तंत्र को आराम मिलता है।
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आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
डाइट से करें बचाव
आंतों को मजबूत करने के लिए अपनी डाइट में बदलाव लाएं। खाने में एंटीऑक्सीडेंट्स (जैसे विटामिन सी और ई) वाले फल और सब्जियां बढ़ाएं। ये एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में सूजन कम करते हैं। साथ ही दही और छाछ जैसे प्रोबायोटिक्स का सेवन जरूर करें। प्रोबायोटिक्स आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे पाचन क्रिया मजबूत बनती है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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