Goat Milk Benefits: जब किसी को डेंगू जैसी गंभीर बीमारी होती है तो उसका प्लेटलेट्स कम होने लगता है और ऐसे में कई बार लोग मरीज को बकरी का कच्चा दूध पीने का सुझाव देते हैं। आइए इस लेख में जानते हैं कि इस दूध को पीने से क्या सच में खून में प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ती है?
Does Goat Milk Help to Increase Platelets?: जब भी डेंगू या किसी अन्य वायरल संक्रमण के कारण शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है, तो अक्सर पारंपरिक रूप से बकरी का दूध पीने की सलाह दी जाती है। यह मान्यता सदियों से चली आ रही है कि बकरी का दूध प्लेटलेट्स बढ़ाने में जादुई असर दिखाता है। लेकिन क्या यह सिर्फ एक लोक-मान्यता है या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक आधार भी है?
एक स्टडी ने इस पारंपरिक नुस्खे से जुड़े एक बड़े और खतरनाक पहलू को उजागर किया है। इस शोध के मुताबिक बकरी के दूध से प्लेटलेट्स बढ़ने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण है, बल्कि इसके कच्चे सेवन से एक और गंभीर बीमारी 'ब्रूसेलोसिस' का खतरा बढ़ जाता है। इस बीमारी में भी डेंगू जैसे ही लक्षण तेज बुखार और बदन दर्द होते हैं, जिससे इसे पहचानना मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक डेंगू के दौरान कच्चे दूध का सेवन एक और संक्रमण को निमंत्रण दे सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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बकरी का दूध
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डेंगू के बाद फिर से बुखार?
इस अध्ययन में एक महिला का केस बताया गया है जिसे पहले डेंगू हुआ था। वह ठीक भी हो गई, लेकिन कुछ दिनों बाद उसे फिर से तेज बुखार आ गया। यह देखकर डॉक्टर को ब्रूसेलोसिस का संदेह हुआ, और जांच के इसकी पुष्टि भी हो गई। इस मामले से पता चला कि डेंगू के दौरान बकरी का कच्चा दूध पीने से यह संक्रमण हो सकता है, क्योंकि बकरी ब्रूसेला बैक्टीरिया की वाहक हो सकती है।
क्यों है बकरी का दूध पचाने में आसान?
इस शोध के अनुसार बकरी का दूध गाय के दूध की तुलना में जल्दी और आसानी से पच जाता है। इसमें कम लैक्टोज और छोटे फैट ग्लोब्यूल्स होते हैं। यही कारण है कि बीमारी से उबर रहे लोगों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह सिर्फ पोषण देता है, सीधे तौर पर प्लेटलेट्स नहीं बढ़ाता, साथ ही बकरी बकरी के दूध को पकाकर ही पीना चाहिए।
क्या प्लेटलेट्स बढ़ाता है बकरी का दूध?
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प्लेटलेट्स नहीं बढ़ाता, पर बढ़ाता है खतरा
शोध में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बकरी का दूध प्लेटलेट्स बढ़ाता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। यह एक अंधविश्वास है जिसका फायदा उठाकर बाजार में कच्चे दूध की कीमत कई गुना बढ़ा दी जाती है। इस तरह के मिथक डेंगू मरीजों को एक और गंभीर बीमारी की चपेट में ला सकते हैं, जिससे उनका इलाज और भी जटिल हो जाता है।
दूध को हमेशा उबालकर पिएं
विषेशज्ञ सलाह देते हैं कि अगर आप बकरी का दूध पी रहे हैं, तो उसे हमेशा अच्छी तरह उबालकर ही पिएं। उबालने से ब्रूसेला जैसे हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं और आप संक्रमण से बच सकते हैं। डेंगू के दौरान किसी भी पारंपरिक उपचार को अपनाने से पहले, डॉक्टर से सलाह लेना सबसे महत्वपूर्ण है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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