फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Tips: क्या आपको भी आते हैं रोज डरावने सपने? कहीं ये इन बीमारियों का संकेत तो नहीं

Wed, 22 Oct 2025 11:17 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सोते समय डरावने सपने बहुत आम बात है और लगभग सभी लोग अपने जीवन में कभी न कभी इस समस्या से दो चार होते हैं। लेकिन अगर ये समस्या बार-बार हर दिन हो, तो ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन
1 of 5
रात में डरावने सपने आना - फोटो : Adobe Stock
Why Do We Have Nightmares Every Day? किसी भी व्यक्ति के लिए डरावने सपने आना एक बेचैन कर देने वाला अनुभव होता है। अगर ऐसे सपने कभी-कभी आते हैं तो या लंबे समय के अंतराल पर आता है तो ऐसा होना सामान्य है।  लेकिन अगर ये डरावने सपने आपको लगातार हर दिन आ रहे हैं और आपकी नींद को बाधित कर रहे हैं, तो यह आपके शरीर में किसी अंदरूनी बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है। चिकित्सा विज्ञान में बुरे सपनों की अधिक आवृत्ति को अक्सर मानसिक स्वास्थ्य विकारों या कुछ गंभीर शारीरिक समस्याओं से जोड़ा जाता है।

ये सपने आपके मस्तिष्क के आरईएम स्टेज में गड़बड़ी को दर्शाते हैं। आरईएम स्टेज हमारे नींद का वह स्टेज है जब हम सपने देखते हैं। ये सपने न केवल आपकी नींद की गुणवत्ता को खराब करते हैं, बल्कि दिनभर आपको थका हुआ, चिंतित और चिड़चिड़ा भी महसूस करा सकते हैं। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि आपको रोज आने वाले डरावने सपने किन गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
स्लीप एप्निया खर्राटे लेना - फोटो : Adobe Stock
पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर 
डरावने सपने आने का सबसे आम कारण अत्यधिक तनाव या चिंता है। अगर आप किसी मुश्किल भावनात्मक दौर से गुजर रहे हैं, तो दिमाग उस तनाव को सोते समय बुरे सपनों के रूप में बाहर निकालता है। किसी दर्दनाक घटना से गुजरने वाले लोगों में पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर का यह एक विशिष्ट लक्षण है, जहां मरीज बार-बार उस घटना से जुड़े डरावने सपने देखते हैं।

ये भी पढ़ें- Thyroid: थायराइड के मरीजों में क्या होती है आयोडीन की भूमिका, क्या सेंधा नमक खा सकते हैं?
 
विज्ञापन

3 of 5
स्लीप पैरालिसिस - फोटो : Adobe Stock
नींद संबंधी विकार
डरावने सपने आना नींद संबंधी विकारों का भी संकेत हो सकता है, जैसे स्लीप एपनिया। स्लीप एपनिया में सोते समय सांस बार-बार रुकती है, जिससे मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। ऑक्सीजन की कमी से दिमाग में तनाव पैदा होता है, जिससे नींद टूटती है और व्यक्ति को डरावने सपने आ सकते हैं।

ये भी पढ़ें- Weight Loss: वेट लॉस का सीक्रेट छिपा है आपकी किचन में, ये चीजें तेजी से काटती हैं शरीर में जमा फैट

4 of 5
हाथ कांपना - फोटो : Adobe Stock
डरावने सपने और पार्किंसंस रोग का संबंध
कुछ शोध बताते हैं कि रोजाना डरावने सपने आना, खासकर आरईएम स्लीप बिहेवियर डिसऑर्डर (RBD) के साथ, पार्किंसंस रोग जैसी तंत्रिका संबंधी समस्याओं का शुरुआती संकेत हो सकता है। RBD एक ऐसी स्थिति है जहां व्यक्ति सपने में होने वाली हरकतों को शारीरिक रूप से जीना शुरू कर देता है जैसे चिल्लाना या हाथ-पैर मारना।

चूंकि पार्किंसंस रोग मस्तिष्क की कोशिकाओं को प्रभावित करता है, इसलिए RBD को अक्सर इस गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी का शुरुआती संकेत माना जाता है। यदि आपको या आपके परिवार में किसी को ऐसे लक्षण दिखते हैं, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
दवाओं का साइड एफेक्ट - फोटो : Freepik.com
दवाओं का साइड इफेक्ट और डिप्रेशन
कुछ खास तरह की दवाएं, खासकर एंटीडिप्रेसेंट्स, या हाई ब्लड प्रेशर की दवाएं की वजह से भी बुरे सपने आ सकते हैं। इसके अलावा डिप्रेशन भी मस्तिष्क के स्लीप साइकिल को प्रभावित करता है। अगर आप में से कोई नई दवा लेना शुरू किए हैं और उसके बाद से डरावने सपने आ रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें