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Health Tips: इन गलतियों की वजह से बढ़ जाता है गालब्लैडर स्टोन का जोखिम, सुधार लें वरना तय है सर्जरी

Sun, 16 Nov 2025 03:54 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Gallbladder Stone Risk: पित्ताशय की पथरी एक बेहद गंभीर समस्या है। ये परेशानी होने से पीछे कई कारण हो सकते हैं, इनमें से कुछ कारण हमारी दिनचर्या की कुछ गलतियां होती है, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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गॉलब्लैडर स्टोन - फोटो : Adobe Stock
Pittashay Ki Pathri Kyun Banti Hai: पित्ताशय हमारे लिवर के नीचे स्थित एक छोटा सा अंग है, जिसका मुख्य काम लिवर द्वारा उत्पादित पित्त को जमा करना और गाढ़ा करना है। यह पित्त फैट को पचाने में मदद करता है। जब पित्त में मौजूद पदार्थों, जैसे कोलेस्ट्रॉल या बिलीरुबिन का संतुलन बिगड़ जाता है, तो वे कठोर होकर पथरी का रूप ले लेते हैं, जिसे गॉल ब्लैडर स्टोन या पित्ताशय की पथरी कहते हैं। आधुनिक जीवनशैली में अक्सर लोग कुछ ऐसी सामान्य गलतियां करते हैं जिससे इस पथरी का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। 

यह समस्या अक्सर तब तक बिना दर्द के रहती है जब तक कि पथरी पित्त नलिकाओं में फंस नहीं जाती, जिसके बाद पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तीव्र दर्द, मतली और उल्टी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। समय रहते इन कारणों को समझना और जीवनशैली में बदलाव लाकर इस दर्दनाक स्थिति से बच सकते हैं, नहीं तो इसके इलाज के लिए सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि क्या गड़बड़ आदतें गालब्लैडर स्टोन का जोखिम को बढ़ा देते हैं।
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गॉलब्लैडर स्टोन - फोटो : Adobe Stock
अधिक फैट वाले आहार सेवन
पित्ताशय की पथरी का सबसे बड़ा कारण अधिक फैट और कम फाइबर वाला आहार है। फैट को पचाने के लिए अधिक पित्त की जरूरत होती है। अत्यधिक फैट वाले खाद्य पदार्थ, विशेष रूप से अनहेल्दी सेचुरेटेड फैट पित्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा देते हैं, जिससे पथरी बनने लगती है।

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गॉलब्लैडर स्टोन - फोटो : Adobe Stock
तेजी से वजन घटाना या उपवास करना
अचानक और तेजी से वजन घटाने के लिए स्टिक्ट डाइट या लंबे समय तक उपवास करना भी एक प्रमुख जोखिम कारक है। जब आप बहुत तेजी से वजन घटाते हैं, तो लिवर पित्त में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल रिलीज करता है, और पित्ताशय ठीक से खाली नहीं हो पाता। ऐसे में गालब्लैडर स्टोन का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

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गॉलब्लैडर स्टोन - फोटो : Adobe Stock
कुछ दवाएं और हार्मोन असंतुलन
कुछ प्रकार की दवाएं, विशेष रूप से एस्ट्रोजन युक्त हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी या गर्भनिरोधक गोलियां, पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा गर्भावस्था भी हार्मोनल बदलाव के कारण पित्ताशय की पथरी के जोखिम को बढ़ा देती है। इसलिए किसी भी तरह का दवा लेने से पहले विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेनी चाहिए।
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पित्ताशय की पथरी - फोटो : Adobe Stock
शारीरिक गतिविधि की कमी
सेडेंटरी लाइफस्टाइल या शारीरिक गतिविधि की कमी भी पित्ताशय की पथरी के जोखिम को बढ़ाते हैं। इसके साथ ही मेटापा भी एक गॉल ब्लैडर के पथरी का एक बड़ा कारण है। मोटापा पित्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है, जबकि देर तक एक जगह बैठे रहना, पित्ताशय को पर्याप्त रूप से खाली होने से रोकती है, जिससे पित्त गाढ़ा होकर पथरी का रूप ले लेता है। इसलिए आप ऊपर बताए गलतियों न करें वरना गॉलब्लैडर का जोखिम बढ़ जाता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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