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सेहत के लिए 'रामबाण' होता है इन पांच तरह के तेलों का उपयोग, मिलते हैं गजब के फायदे

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मालिश के लिए बेस्ट हैं ये 5 तेल - फोटो : iStock
पारंपरिक भारतीय तौर तरीकों में अक्सर स्वास्थ्य से जुड़ी चीजें भी शामिल होती हैं। मालिश को हमारे यहां बचपन से शरीर के साथ-साथ मन को भी स्वस्थ रखने का तरीका माना जाता है। हमारे यहां शिशु के जन्म के बाद से ही उसकी नियमित मसाज या मालिश की जाती है। बड़ों के लिए भी मालिश को बहुत लाभकारी माना जाता है। शरीर में ब्लड सर्क्युलेशन यानी रक्त संचरण को दुरुस्त बनाए रखने में मालिश बहुत मदद करती है। साथ ही यह त्वचा को नम बनाने में मॉइश्चराइजर का काम करती है। इसके अलावा आयुर्वेद या प्राकृतिक चिकित्सा में भी मालिश का महत्व बहुत है। इसे कई रोगों में राहत देने वाला तरीका माना जाता है। हालांकि मालिश के लिए कौन सा तेल उपयोग में लाना है, इसको लेकर सबकी अपनी मान्यताएं होती हैं, लेकिन विशेषज्ञ कुछ तेलों को मुख्यतौर पर मालिश के लिहाज से बहुत फायदेमंद मानते हैं। जानिए ऐसे ही पांच तेलों के बारे में... 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
मालिश के लिए तेलों को जानने से पहले कुछ और बातें ध्यान में जरूर रखें। ये हैं-
  • यदि किसी प्रकार की एलर्जी हो तो मालिश से पहले विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें
  • मालिश हमेशा उम्र और शरीरिक अवस्था को ध्यान में रखकर करें
  • यदि हो सके तो तेल को गुनगुना करके उपयोग में लाएं 
  • प्रोफेशनल मालिश करने वालों को अनुभव होता है तेज और सख्त हाथों से मालिश करने का। यदि आप घर पर मालिश कर रहे हैं तो हल्के हाथों से ही मालिश करें
  • खासतौर पर पीठ पर और रीढ़ की हड्डी के पास मालिश करते समय ध्यान रखें कि आप बेवजह दबाव न डालें
  • मालिश के तुरंत बाद नहाने से बचें। कम से कम 10 मिनट का अंतर रखें
  • मालिश करने से पहले और मालिश के बाद कम से कम आधा घंटा कुछ भी खाने से बचें
  • तेल अपनी स्किन टाइप के अनुसार चुनें
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
नारियल का तेल
  • एक ऐसा तेल जो सदाबहार है और जिसे आमतौर पर सबसे ज्यादा उपयोग में लाया जाता है। बालों में लगाने और खाने में उपयोग में लाने (ये अलग तरीके से बनाया जाता है और लगाने वाले तेल से अलग होता है) के साथ ही इसे मालिश के लिए भी उपयोग में लाया जाता है। बच्चों और बड़ों दोनों के लिए नारियल तेल बहुत फायदेमंद होता है। विटामिन-ई से भरपूर यह तेल कई त्वचा रोगों को ठीक रखने की शक्ति रखता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। इसलिए कई बार खरोंच या चोट पर भी इसे लगाने की सलाह दी जाती है। ये शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है। इसके साथ ही इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स भी होते हैं, जो त्वचा की रिपेयरिंग के साथ त्वचा पर होने वाले उम्र के असर को भी कम करते हैं। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सरसों का तेल
  • इस तेल का उपयोग भी भारतीय घरों में सालों से किया जा रहा है। हालांकि सरसों का तेल थोड़ा भारी यानी चिपचिपा हो सकता है, लेकिन गुनगुना करके उपयोग में लाने और मालिश के बाद नहा लेने पर इसकी चिपचिपाहट कम हो जाती है। वैसे भी मालिश के दौरान तेल को त्वचा सोख लेती है। सरसों अपने गुणों के कारण सर्दियों में खासतौर पर बहुत लाभकारी सिद्ध होता है। यह शरीर को गर्म रखने में मदद करता है। इसमें ओमेगा थ्री फैटी एसिड्स का एक प्रकार होता है, जिसके कारण इसका उपयोग बदन दर्द कम करने में और सूजन कम करने में मदद करता है। इसके अलावा यह त्वचा को संक्रमण से बचाने, फटी एड़ियों को ठीक करने, त्वचा की चमक बरकरार रखने में सहायक होता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
जैतून का तेल
  • इस तेल का उपयोग भी खासतौर पर बच्चों और गर्भवती/बच्चे को जन्म देने वाली महिलाओं की मालिश के लिए किया जाता है। इसे त्वचा पर गर्भावस्था के दौरान आने वाले मार्क्स को ठीक करने में भी मददगार माना जाता है। ऑलिव ऑइल या जैतून के तेल में ओमेगा-3 व ओमेगा-6 फैटी एसिड्स के साथ ही लिनोलिक एसिड्स जैसे तत्व होते हैं, जो त्वचा को मजबूती प्रदान करते हैं।  इसमें विटामिन-ई और विटामिन-के सहित भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। अगर बच्चों की त्वचा रूखी या किसी प्रकार की समस्या से ग्रसित है तो ऑलिव ऑइल से मालिश करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें। बड़ों को भी यदि एक्जीमा जैसी कोई समस्या है तो ऑलिव ऑइल का प्रयोग करने से पहले सलाह जरूर लें। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
बादाम का तेल
  • इस तेल को पोषण से भरपूर माना जाता है। यूं भी बादाम कई गुणों से भरपूर होता है। खासकर दिमाग की सेहत के लिहाज से बादाम तेल बहुत गुणकारी होता है। बादाम तेल में एंटीफंगल गुण होते हैं, जो फंगल इंफेक्शन से बचाव और इस पर नियंत्रण करने में मददगार होते हैं। यही कारण है कि रिंगवॉर्म और एथलीट फूट जैसी समस्याओं में कई बार इसका प्रयोग किया जाता है। यह ए, डी, ई और के जैसे कई विटामिन्स और मैग्नीशियम, पोटेशियम, कैल्शियम जैसे मिनरल्स का भंडार होता है। इसके कारण यह त्वचा को चमकीली और स्वस्थ बनाता है तथा स्ट्रेच मार्क्स मिटाने, अल्ट्रावायलेट किरणों से त्वचा को हुए नुकसान को रिपेयर करने आदि में भी सहायक होता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
तिल का तेल
  • इस तेल का प्रयोग मालिश के लिए अधिकांशतः थेरेपिस्ट द्वारा किया जाता है। मैग्नीशियम, जिंक, कॉपर, कैल्शियम और मैंगनीज जैसे खनिजों से भरपूर यह तेल दर्द कम करने में बहुत मदद करता है। शोध बताते हैं कि तिल के तेल का प्रयोग ऐसे हार्मोन्स के स्रावण में भी मदद करता है जो एंग्जायटी, डिप्रेशन आदि जैसी स्थितियों को सुधारने और मन को प्रफुल्लित रखने में मददगार होते हैं। वहीं शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन के लिए कॉपर की जरूरत होती है और यह फायदा भी इस तेल की मालिश से मिलता है। 
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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