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Kidney Damage: छोड़ दें ये 10 गलत आदतें, वरना किडनी बुरी तरह हो सकती है डैमेज

Wed, 16 Nov 2022 01:53 PM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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किडनी के लिए नुकसानदायक आदतें - फोटो : istock
Bad Habits Damage Your Kidney Badly: मानव शरीर में किडनी एक महत्वपूर्ण अंग है, जो विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालती है और खून को साफ रखने में मदद करती है। किडनी, शरीर से पेशाब के जरिए अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है। शरीर के तमाम रसायनों जैसे सोडियम, पोटेशियम और कैल्शियम को संतुलित रखने में भी किडनी की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में अगर किसी कारण अगर किडनी खराब हो जाती है तो शरीर के नुकसानदायक तत्व बाहर नहीं निकल पाते। यह तत्व शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलकर जान का जोखिम बढ़ा सकते हैं। जीवन शैली की कुछ बुरी आदतों के कारण किडनी को नुकसान पहुंच सकता है और किडनी डैमेज हो सकती है। किडनी को सेहतमंद बनाए रखने के लिए 10 बुरी आदतों में सुधार कर लें, ताकि किडनी को नुकसानदायक होने से बचाया जा सकता है।
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दवाएं - फोटो : Pixabay
दर्द निवारक दवाओं का अधिक प्रयोग

अक्सर लोग किसी प्रकार के दर्द की शिकायत होने पर बिना डॉक्टरी सलाह के दर्द निवारक दवाओं का प्रयोग करते हैं। लेकिन दर्द निवारक दवाओं का अत्यधिक सेवन किडनी के लिए नुकसानदायक हो सकता है। किडनी की बीमारी होने पर दर्द निवारक दवाएं अधिक प्रभावित करती हैं। ऐसे में इन का नियमित उपयोग कम कर दें।

मांस का अत्यधिक सेवन

किडनी के लिए अत्यधिक मांस का सेवन हानिकारक है। मांस खून में एसिड उत्पत्र करता है। मांस एसिडोसिस का कारण बन सकता है। किडनी की सेहत के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है, इसके लिए डाइट में फलों और सब्जियों का सेवन शामिल करें।
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नींद पूरी न होने से किडनी पर असर - फोटो : Pixabay
पानी की कमी

शरीर की सेहत के लिए हाइड्रेटेड रहना जरूरी है लेकिन पानी की कमी के कारण शरीर कई रोगों से पीड़ित रहता है। बहुत सारा पानी पीने से किडनी स्टोन से बचा जा सकता है। किडनी फेलियर से बचने के लिए भी शरीर में पानी की कमी को पूरा करना चाहिए।

नींद पूरी करें

जिन लोगों को नींद पूरी नहीं होती, उनके शरीर को पूरी तरह से आराम नहीं मिल पाता। किडनी के लिए समग्र स्वास्थ्य का बेहतर रहना जरूरी है। नींद से जागने के चक्र द्वारा किडनी का कार्य नियंत्रित होता है और किडनी सही से कार्य करती है।

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चीनी और नमक का सेवन - फोटो : istock
नमक का उपयोग

किडनी के लिए नमक और चीनी का अधिक उपयोग नुकसानदायक है। नमक में पाया जाने वाला हाई डायटरी सोडियम ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है, जो किडनी पर असर करता है। किडनी के मरीज या अधिक ब्लड प्रेशर के मरीज कम नमक या बिना नमक वाले भोजन का सेवन करें।

अधिक शुगर वाले फूड्स

शरीर के लिए अधिक शुगर भी नुकसानदायक है। शुगर मोटापा बढाने, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का जोखिम बढ़ाता है। इसलिए मीठे का सेवन सीमित मात्रा में करें। ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें, जिसमें प्रोसेस्ड शुगर शामिल हो।
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गतिहीनता के कारण किडनी पर असर - फोटो : iStock
गतिहीन होना

जो लोग लंबे समय तक बैठे रहते हैं और शरीर को सक्रिय नहीं रखते, उनके किडनी पर नुकसान होने की संभावना अधिक रहती है। शारीरिक गतिहीनता शरीर के लिए भी नुकसानदायक है और कई तरह के रोगों के विकास की वजह बनती है।

प्रोसेस्ड खाद्य सामग्री

किडनी समेत समग्र शरीर की सेहत के लिए पौष्टिक खानपान होना चाहिए। वहीं प्रोसेस्ड फूड में सोडियम और फास्फोरस की मात्रा होती है। किडनी की बीमारी वाले लोगों को फास्फोरस के सेवन से बचना चाहिए।
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शराब और धूम्रपान - फोटो : अमर उजाला
शराब का सेवन

नियमित तौर पर शराब पीने से किडनी डैमेज हो सकती है। क्रोनिक किडनी रोग के जोखिम को शराब दोगुना कर सकती है। अधिक शराब या धूम्रपान के सेवन से बचें।

धूम्रपान

धूम्रपान फेफड़ों और हृदय की सेहत के लिए नुकसानदायक है। धूम्रपान किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकता है। धूम्रपान के कारण मूत्र में प्रोटीन की संभावना अधिक होती है, जो किडनी की क्षति हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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