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Health Checkups: जिम जाने की सोच रहे हैं तो पहले करा लें ये जरूरी ब्लड टेस्ट, वरना भारी पड़ सकती है मेहनत

Fri, 21 Aug 2026 06:37 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जिम शुरू करने से पहले हर व्यक्ति को ढेरों ब्लड टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होती। हालांकि लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर, पुरानी बीमारी या हृदय रोग के जोखिम वाले लोगों में डॉक्टर कुछ जरूरी जांचों की सलाह दे सकते हैं। सही जांच से शरीर की स्थिति समझकर सुरक्षित तरीके से एक्सरसाइज शुरू करने में मदद मिल सकती है।
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जिम जाने से पहले सेहत की जांच - फोटो : Adobe Stock
शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से व्यायाम करने की सलाह देते हैं। व्यायाम की आदत रक्त संचार को बढ़ाने से लेकर, पाचन, मानसिक स्वास्थ्य और कई गंभीर क्रॉनिक बीमारियों के खतरे को भी कम करने में मददगार हो सकती है। विशेषज्ञ कहते हैं, सभी वयस्कों के लिए हफ्ते में कम से कम 150 मिनट का व्यायाम बहुत जरूरी माना जाता है। ये आपकी सेहत को ठीक रखने में मददगार हो सकती है।

क्या शरीर को फिट रखने के लिए आप भी जिम जाने की प्लानिंग कर चुके हैं? अगर हां तो जिम जाने से पहले ये जान लेना जरूरी है कि क्या आपका शरीर जिम के लिए अंदर से तैयार है? ये सवाल इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि बीते वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां जिम करते-करते हार्ट अटैक से लोगों की मौत हो गई। 

इस तरह के खतरे से बचे रहने के लिए आइए जानते हैं कि जिम जाने से पहले कौन-कौन से टेस्ट करा लेने चाहिए?
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जिम जाने से पहले कौन से टेस्ट कराएं - फोटो : Freepik.com
जिम शुरू करने के बाद हो सकती हैं कई दिक्कतें

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कई बार ऐसा होता है कि जिम शुरू करने के कुछ ही दिनों बाद बहुत ज्यादा थकान महसूस होने लगती है। चक्कर आते हैं, मांसपेशियों में ऐंठन शुरूहो जाती है या फिर धड़कन तेज महसूस होने लगती है। कुछ लोगों को लगता है कि यह एक्सरसाइज का सामान्य असर है और शरीर धीरे-धीरे इसकी आदत डाल लेगा। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस तरह की स्थितियां असल में आपके के लिए चेतावनी हो सकती हैं।

अगर आप लंबे समय से व्यायाम नहीं कर रहे हैं, उम्र ज्यादा है, पहले से कोई बीमारी है या आपको लगातार कमजोरी और थकान रहती है तो अलर्ट हो जाना चाहिए।

आइए जानते हैं कि जिम जाने से पहले कौन-कौन से टेस्ट जरूर करा लेने चाहिए?
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कोलेस्ट्रॉल की जांच - फोटो : Adobe Stock
कंप्लीट ब्लड काउंट से मिल सकती है खून की कमी की जानकारी

कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) एक सामान्य रक्त जांच है, जिससे लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स समेत कई चीजों का अंदाजा मिलता है।
 
  • अगर शरीर में हीमोग्लोबिन कम है तो आपको जल्दी थकान, कमजोरी, सांस फूलने या चक्कर जैसी परेशानी हो सकती है। ऐसे में जिम में भारी व्यायाम करना मुश्किल लग सकता है। 
  • जिन लोगों को पहले से कमजोरी, लगातार थकान, पीलिया या सांस फूलने की शिकायत रही है उन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही जिम शुरू करना चाहिए।

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कोलेस्ट्रॉल की जांच - फोटो : freepik.com
कोलेस्ट्रॉल की जांच 

अगर आप अचानक भारी व्यायाम शुरू करने जा रहे हैं तो अपने हृदय संबंधी जोखिमों को समझना जरूरी है। 
 
  • लिपिड प्रोफाइल से रक्त में बैड और गुड कोलेस्ट्रॉल के साथ ट्राइग्लिसराइड्स की स्थिति का पता चलता है। 
  • यह जांच खासकर उन लोगों के लिए अधिक महत्वपूर्ण है जिनका वजन अधिक है, धूम्रपान करते हैं या परिवार में किसी को दिल की बीमारी रही है। 
  • अगर टेस्ट में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ा हुआ आया है तो डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
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खून की जांच - फोटो : Freepik.com
सोडियम और पोटैशियम की जांच

पोटैशियम, सोडियम और दूसरे इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर में मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण हैं। अगर आपको बार-बार मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी, अत्यधिक पसीना आता है तो डॉक्टर इलेक्ट्रोलाइट जांच की सलाह दे सकते हैं। इनकी कमी या अधिकता दोनों समस्याएं पैदा कर सकती हैं। जिम जाने से पहले शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस पर ध्यान देना भी जरूरी है।


आयरन, विटामिन बी12 और विटामिन डी की जांच 

जिम या भारी वर्कआउट शुरू करने से पहले आयरन, विटामिन बी12 और विटामिन डी जैसे जांच भी एहतियातन करा लेने चाहिए। 

ये टेस्ट थकान-कमजोरी, हाथ-पैरों में झनझनाहट, हड्डियों या मांसपेशियों से जुड़ी शिकायत समस्याओं का पता लगाने में मदद करते हैं। शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने पर व्यायाम के बाद रिकवरी प्रभावित हो सकती है और आपको मांसपेशियों की दिक्कत हो सकती है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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