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Alert: एलपीजी गैस सेहत के लिए कितने सुरक्षित? वैज्ञानिकों ने कहा- बंद स्टोव से भी निकलते रहते हैं खतरनाक रसायन

Sat, 24 Jun 2023 11:29 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कुकिंग गैस के साइड इफेक्ट्स - फोटो : Istock
हम सभी के घरों में भोजन पकाने के लिए एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल होता है। पेट्रोलियम गैस के लिक्विड फार्म के रूप में एलपीजी गैस ने भोजन पकाने को काफी आसान बना दिया है। पर क्या ये हमारी सेहत के लिहाज से सुरक्षित है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि कुछ शोध बताते हैं कि एलपीजी गैस पर पकाया गया भोजन हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है, इतना नुकसान कि इससे कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा हो सकता है।

अध्ययन के अनुसार, जब हम गैस स्टोव को जलाते हैं तो भले ही देखने में हमें सिर्फ आग नजर आती है, पर असल में आग के साथ कई प्रकार के रसायनों का भी उत्सर्जन होता है जिनमें से कुछ को सेहत के लिए हानिकारक पाया गया है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया कि यह आपकी सेहत के लिए सिगरेट की तरह ही हानिकारक हो सकता है।

आइए जानते हैं कि इस अध्ययन में क्या प्रमुख बातें सामने आई हैं?
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गैस स्टोव से निकलती है बेंजीन - फोटो : Istock
एलपीजी गैस स्टोव सेहत के लिए कितने हानिकारक?

शोधकर्ताओं ने एलपीजी गैस के कारण होने वाले दुष्प्रभावों को जानने के लिए अध्ययन किया जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। जर्नल एनवायरमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने गैस स्टोव से उत्सर्जित होने वाले कम से कम 12 खतरनाक वायु प्रदूषकों के बारे में जानकारी दी है जिनमें बेंजीन भी शामिल है। बेंजीन एक ऐसा रसायन जिसके लंबे समय तक संपर्क में रहने से यह कैंसर का कारण बन सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया, चालू ही नहीं बंद स्टोप से भी  बेंजीन उत्सर्जित होती रहती है। यह उसी प्रकार से हानिकारक है जितना सेकेंड हैंड स्मोकिंग।
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अध्ययन में सामने आई कई रोचक बातें - फोटो : Pixels
अध्ययन में क्या पता चला?

पीएसई हेल्दी एनर्जी के शोधकर्ताओं ने कैलिफोर्निया की 16 काउंटियों में 159 घरों में स्टोव से निकलने वाले गैस के सैंपल लिए, उनमें से 99% नमूनों में बेंजीन मिला। शोधकर्ताओं ने रसोई के आकार, कमरे के वेंटिलेशन स्तर, कितना रसायन मौजूद था और क्या स्टोव बंद होने पर भी ये लीक हो रहा था, इन मुद्दों के आधार पर किसी घर में बेंजीन के कारण होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों का आकलन किया।

परिणाम में पाया गया कि स्टोव से निकलने वाले बेंजीन की इनडोर सांद्रता, कैलिफोर्निया पर्यावरण संरक्षण एजेंसी द्वारा निर्धारित सुरक्षित जोखिमों के स्तर से सात गुना तक अधिक थी।

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कैंसर कारक हो सकते हैं कुछ रसायन - फोटो : Pixabay
बेंजीन से कई प्रकार के रोगों का खतरा

अध्ययनकर्ताओं की टीम ने बताया समय के साथ बेंजीन के संपर्क के कारण व्यक्ति में रक्त विकार या प्रजनन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। यह रसायन ल्यूकेमिया, मल्टीपल मायलोमा और नान-हॉजकिन लिंफोमा जैसी समस्याओं का भी कारण बन सकती है। शोधकर्ता कहते हैं, जब कैंसर से खतरे की बात आती है तो बेंजीन के संपर्क का कोई सुरक्षित स्तर नहीं है। लेकिन बेंजीन ही एकमात्र चिंताजनक रसायन नहीं है जो स्टोव से आता है, शोध से पता चला है कि गैस स्टोव घर के अंदर वायु प्रदूषण के भी खतरे को बढ़ा रहा है। 
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एलपीजी गैस स्टोव कितने सुरक्षित? - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

एक अन्य अध्ययन में एलपीजी गैस स्टोव के कारण आठ में से एक बच्चे में अस्थमा का जोखिम भी देखा गया है। अध्ययन के लेखकों में से एक एरिक लेबेल कहते हैं, गैस स्टोव से बेंजीन उत्सर्जन होता रहता है भले ही वह बंद हो, ये स्थिति धूम्रपान करने वाले के साथ रहने के बराबर है।

जिस तरह से वैश्विक स्तर पर एलपीजी गैस पर लोगों की निर्भरता है, ऐसे में इसके उपयोग को कैसे कम किया जा सकता है, ये सोचने वाली बात है। फिलहाल सुरक्षात्मक तौर पर भोजन को ढक कर पकाने और किचन में वेंटिलेशन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना बहुत आवश्यक है।


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स्रोत और संदर्भ
Composition, Emissions, and Air Quality Impacts of Hazardous Air Pollutants in Unburned Natural Gas from Residential Stoves in California

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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