स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह की अलार्म से लेकर, ऑनलाइन मीटिंग, पढ़ाई, बैंकिंग, मनोरंजन और खरीदारी, हर काम स्मार्टफोन के जरिए हो रहा है। लेकिन जितनी तेजी से इसका इस्तेमाल बढ़ा है, इससे संबंधित खतरों को लेकर भी लोगों को लगातार अलर्ट किया जाता रहा है। कई अध्ययनों से स्पष्ट होता है कि मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल और इससे निकलने वाली ब्लू लाइट के ज्यादा संपर्क में रहने से सेहत को कई तरह का खतरा हो सकता है। ब्लू लाइट आंखों को तो नुकसान पहुंचाती ही है साथ ही इसका असर नींद को भी बाधित करती है।
मोबाइल फोन से सेहत को होने वाले कई तरह के नुकसान का दावा किया जाता रहा है। कई रिपोर्ट्स दावा करती है कि फोन की रेडिएशन ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ता है तो कुछ का कहना है कि ब्लू लाइट आंखों को हमेशा के लिए खराब कर देती है। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर वायरल होने वाली आधी-अधूरी जानकारी के कारण लोग अक्सर इन दावों को बिना जांचे-परखे सच मान लेते हैं।
आइए वैज्ञानिक फैक्ट्स के साथ जान लेते हैं कि आखिर स्मार्टफोन वास्तव में हमारी सेहत के लिए कितने नुकसानदायक हैं? और इंटरनेट को मोबाइल को लेकर कौन सी भ्रामक जानकारियां फैली हुई हैं?