आयुर्वेद
- फोटो : पेक्सेल्स
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सरकार द्वारा जारी किए गए कोविड-19 के लिए उपचार के लिए जो मानक उपचार निर्धारित हैं, उसके अलावा आयुष प्रोटोकॉल की सिफारिश की गई है। यानी आयुष प्रोटोकॉल को पूर्व निर्धारित मानकों में अतिरिक्त जोड़ा गया है, न कि उनके बदले में। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सुझाव दिया था कि कोरोना के नैदानिक दृष्टिकोण को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसमें एलोपैथिक उपचार शामिल हैं।