सामान्यतौर पर दिन का समय काम करने और रात का समय सोने और शरीर को आराम देने के लिए निर्धारित होता है। हालांकि कुछ विशेष प्रकार के कार्य से संबंधित लोगों को अलग-अलग शिफ्ट में काम करते रहने की जरूरत होती है। ऐसे में लोगों को रात के समय भी काम करना पड़ता है, आम बोलचाल की भाषा में इसे नाइट शिफ्ट वर्क कहा जाता है। डॉक्टर, नर्स, अग्निशामक, ड्राइवर, हवाई यातायात नियंत्रक और कुछ अन्य आवश्यक कार्यों से जुड़े लोगों को रात के समय काम करना पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक संबंधित क्षेत्र का काम अनवरत चलता रहे, इसके लिए नाइट शिफ्ट में काम होना आवश्यक है, पर सेहत के लिहाज से इसकी कई चुनौतियां हो सकती हैं।
रात की पाली में काम करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। लगातार इसी पाली में काम करने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक असर भी हो सकता है। अध्ययन भी इसकी पुष्टि करते हैं कि ऐसे लोगों में कई तरह की बीमारियों का जोखिम, दिन की पाली में काम करने वालों की तुलना में अधिक होता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोग किन बातों का ख्याल रखकर स्वस्थ रह सकते हैं?