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Migraine: दिनचर्या की किन गलत आदतों की वजह से ट्रिगर होता है माइग्रेन? यहां जानें

Mon, 30 Jun 2025 06:10 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Migraine Management Tips: माइग्रेन एक ऐसी गंभीर समस्या है जिसे अक्सर कुछ लोग परेशान रहते हैं। माइग्रेन के ट्रिगर होने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें से कई बार हमारी दिनचर्या की ही कुछ आदतें होती हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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माइग्रेन - फोटो : Freepik.com
Migraine Trigger habits: माइग्रेन सिर्फ एक आम सिरदर्द नहीं, बल्कि एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल स्थिति है। यह अक्सर तेज दर्द के साथ आता है, जिसके साथ मतली, उल्टी और प्रकाश या ध्वनि के प्रति असहनीय संवेदनशीलता जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। माइग्रेन का दर्द इतना तीव्र हो सकता है कि यह व्यक्ति की रोजमर्रा की गतिविधियों, काम और सामाजिक जीवन को पूरी तरह बाधित कर देता है।

भारत में बड़ी संख्या में लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं, और महिलाओं में इसकी व्यापकता अधिक देखी जाती है। हैरानी की बात यह है कि माइग्रेन अक्सर हमारी अनियमित दिनचर्या और कुछ गलत आदतों से ही शुरू होते हैं। लेकिन यदि इन आदतों को पहचान कर उसे ठीक करने पर काम किया जाए, तो माइग्रेन की तीव्रता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए, इस लेख में हम उन आम आदतों के बारे में विस्तार से जानते हैं, जिसे अगर सुधार लिया जाए तो आप माइग्रेन जैसी गंभीर समस्या से राहत पा सकते हैं।
 
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सिरदर्द की समस्या - फोटो : Freepik.com
अनियमित नींद का पैटर्न
नींद की कमी या अधिक नींद माइग्रेन का प्रमुख ट्रिगर हो सकता है। अनियमित नींद मस्तिष्क में तनाव हार्मोन कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ाती है, जिससे माइग्रेन शुरू हो सकता है। रात में देर तक जागना, स्क्रीन टाइम, या अनियमित सोने-जागने का समय मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बाधित करता है। रोजाना 7-8 घंटे की नियमित नींद लें। सोने से पहले स्क्रीन का उपयोग कम करें।

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बैलेंस डाइट - फोटो : Adobe Stock
असंतुलित आहार और डिहाइड्रेशन
भोजन छोड़ना, अनियमित खानपान, या कैफीन, चॉकलेट, प्रोसेस्ड फूड और चीनी युक्त खाद्य पदार्थ माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। पर्याप्त पानी न पीना भी माइग्रेन का कारण बनता है, क्योंकि डिहाइड्रेशन मस्तिष्क को प्रभावित करता है। रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं। पौष्टिक आहार, जैसे हरी सब्जियां, साबुत अनाज और फल, खाएं।

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तनाव और मानसिक दबाव - फोटो : Freepik.com
तनाव और मानसिक दबाव
तनाव माइग्रेन का सबसे बड़ा ट्रिगर है। काम का दबाव, पारिवारिक तनाव या भावनात्मक उथल-पुथल मस्तिष्क में रासायनिक बदलाव लाते हैं, जो माइग्रेन को बढ़ाते हैं। योग, ध्यान और गहरी सांस लेने की तकनीक तनाव को कम करती हैं। रोजाना 10-15 मिनट ध्यान करें। अपनी महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता दें और अनावश्यक मानसिक तनाव से बचें।

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स्ट्रेस - फोटो : Adobe stock photos
अनुचित जीवनशैली
लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करना, तेज धूप, जोरदार शोर या तेज गंध माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। गलत मुद्रा में बैठना या व्यायाम की कमी भी मांसपेशियों में तनाव बढ़ाती है, जो सिरदर्द का कारण बनता है। नियमित हल्का व्यायाम, जैसे सैर या योग, करें। कार्यस्थल पर सही मुद्रा अपनाएं और तेज रोशनी से बचने के लिए सनग्लास पहनें। साथ ही हर दिन 2-3 घंटे का डिजिटल डिटॉक्स की आदत डालें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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