तुलसी की मात्र 11 पत्तियों का 4 खड़ी काली मिर्च के साथ सेवन करके मलेरिया और टाइफाइड को ठीक किया जा सकता है।
तुलसी के आस-पास रहने वाले लोगों को कुष्ठ रोग होने की संभावना नही रहती है।
तुलसी का काढ़ा पीने से पुराने से पुराने माइग्रेन और साइनस को खत्म किया जा सकता है।
श्यामा तुलसी के पत्तों का रस आंखों में डालने से रतौंधी ठीक हो जाती है।
गठिया के दर्द में तुलसी की जड़, पत्ती, डंठल, फल और बीज में गुड़ मिलाकर 12-12 ग्राम की गोलियां बना लें और सुबह-शाम दूध के साथ इसका सेवन करने से गठिया व जोड़ों के दर्द में लाभ होता है।
किडनी की पथरी में तुलसी की पत्तियों को उबालकर बनाए गए जूस को शहद के साथ रोज़ाना 6 महीनों तक पीने से पथरी खत्म होकर खुद ही मलाशय के स्थान से बाहर निकल जाती है।