फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Tips: कैंसर और दिल की बीमारियों से बचा सकती है ब्रोकली, पर इसके साइड-इफेक्ट्स भी कम खतरनाक नहीं

Fri, 08 Aug 2025 09:59 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • फिटनेस इंफ्लुएंसर से लेकर डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट तक, सभी ब्रोकली को सुपरफूड का दर्जा दे चुके हैं। पर  इसके सेवन को लेकर कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं क्योंकि इसके कई प्रकार के साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं।
विज्ञापन
1 of 4
ब्रोकली खाने के फायदे - फोटो : Freepik.com
भोजन में पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को शामिल करना सेहत को ठीक रखने के लिए सबसे जरूरी माना जाता है। पौष्टिक आहार से न सिर्फ हमारे शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति होती है बल्कि ये आपको बीमारियों से बचाए रखने में भी सहायक है। जब भी बात पोषक तत्वों से भरपूर आहार की होती है तो ब्रोकली फिटनेस के शौकीन लोगों की पसंदीदा चीजों में से एक मानी जाती है।

फिटनेस इंफ्लुएंसर से लेकर डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट तक, सभी ब्रोकली को सुपरफूड का दर्जा दे चुके हैं। असल में, ब्रोकली सिर्फ एक सब्जी भर नहीं है ये पोषक तत्वों का खजाना है। इसमें मौजूद सल्फोराफेन जैसे तत्व कैंसर से बचाव में मदद करते हैं, वहीं इसका फाइबर और विटामिन्स दिल, पाचन और इम्युनिटी के लिए वरदान हैं।

लो कैलोरी, ज्यादा पोषण और ढेरों फायदों वाली ब्रोकली को भोजन की थाली में शामिल करके आप भी कई लाभ पा सकते हैं। हालांकि इसके सेवन को लेकर कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं क्योंकि इसके कई प्रकार के साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं।
विज्ञापन

2 of 4
हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद है ब्रोकली - फोटो : Freepik.com
पहले ब्रोकली से होने वाले फायदों को जान लीजिए

ब्रोकली पोषक तत्वों का खजाना है, इसका सेवन रोगों से लड़ने की क्षमता और वजन नियंत्रण में सहायक है। कैंसर से बचाव और दिल की सेहत को ठीक रखने में इसके लाभ देखे गए हैं।

कैंसर का कम होता है खतरा

ब्रोकली में मौजूद सल्फोराफेन एक शक्तिशाली यौगिक है, जो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में मदद कर सकता है। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च के अनुसार, सल्फोराफेन शरीर में मौजूद कैंसरकारक एंजाइम को निष्क्रिय करता है और डीएनए को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। ब्रोकली को विशेष रूप से फेफड़े, ब्रेस्ट, प्रोस्टेट और कोलन कैंसर के खतरे को कम करने में प्रभावी पाया गया है।

हार्ट के लिए भी लाभकारी

ब्रोकली हृदय स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। इसमें मौजूद पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। अमेरिका की नेशनल हार्ट, लंग्स एंड ब्लड इंस्टीट्यूट के अनुसार, उच्च फाइबर युक्त आहार जैसे ब्रोकली हृदय रोग का जोखिम 20–25% तक कम कर सकता है। ब्रोकली में सल्फोराफेन और फ्लावोनॉयड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट तत्व धमनियों में सूजन और ऑक्सीडेटिव डैमेज को रोकते हैं, जिससे एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों में प्लाक जमना) का खतरा घटता है।
विज्ञापन

3 of 4
ब्रोकली को आहार का बनाएं हिस्सा - फोटो : Freepik.com
ब्रोकली के साइड-इफेक्ट्स भी जानिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, ब्रोकली में भरपूर पोषक तत्व होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में इसके सेवन को लेकर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। ब्रोकली में मौजूद फाइबर और रैफिनोज पाचन की समस्या पैदा कर सकते हैं।

पोषण विशेषज्ञ, वजन प्रबंधन और हृदय स्वास्थ्य विशेषज्ञ ब्रोकली ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक होती है, लेकिन यह पाचन संबंधी -समस्याओं को जन्म दे सकती है। थायरॉइड के कार्य में बाधा डाल सकती है और कुछ परिस्थितियों में दवाओं के अवशोषण को भी प्रभावित कर सकती है।
विज्ञापन

4 of 4
पाचन की समस्याओं का खतरा - फोटो : Freepik.com
क्या कहती हैं आहार विशेषज्ञ?

आहार विशेषज्ञ पायल शर्मा कहती हैं, अधिक मात्रा में सेवन के कारण ब्रोकली में मौजूद फाइबर गैस और सूजन का कारण बन सकती है। कुछ लोगों को एलर्जी भी हो सकती है। इसके अलावा किडनी की समस्या वाले लोगों को इसका सेवन बहुत सावधानी से करना चाहिए।

ब्रोकली एक हाई फाइबर वाली सब्जी है, जिसमें रैफिनोज होता है। यह मानव आंत में ठीक से पचती नहीं है, जिसके कारण गैस बनने, पेट फूलने और ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है। थाइरॉइड और कमजोर पाचन वाले भी इसका अधिक सेवन करने से बचें।


------------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें