फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

WHO की रोक के बावजूद कोरोना मरीजों के लिए जारी रहेगा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल, ये है कारण

Thu, 28 May 2020 05:16 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 8
कोरोना की जांच के लिए नमूने एकत्र करते स्वास्थ्य कर्मी(File Photo) - फोटो : PTI
कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित लोगों के इलाज में एंटी-मलेरिया दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का प्रयोग जारी रहेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से लगाई गई एहतियातन रोक के बावजूद भारत में कोरोना के मरीजों को यह दवा दी जाएगी। इस संबंध में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) का तर्क है कि भारत में किए गए अध्ययनों में एंटी-मलेरिया ड्रग (Anti Malaria Drug) हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के साइड इफेक्ट नहीं देखे गए हैं और इस दवा से कोरोना के मरीजों को आराम भी मिला है। इसलिए गहन चिकित्सा पर्यवेक्षन यानी विशेषज्ञों की निगरानी (Supervision) में इसका इस्तेमाल जारी रखा जाएगा।
विज्ञापन

2 of 8
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन - फोटो : social media
हालांकि आईसीएमआर ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (HCQ) के इस्तेमाल को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत पर बल दिया है। आईसीएमआर ने कहा है कि इस दवा को गहन चिकित्सा पर्यवेक्षण में ही मरीजों को दिया जाए। मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस संबंध में डब्ल्यूएचओ (WHO) को एक ईमेल भी किया है और अपने फैसले के बारे में अवगत कराया है। 
विज्ञापन

3 of 8
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन - फोटो : Social Media
मालूम हो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कोविड-19 के मरीजों पर मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) का क्लीनिकल ट्रायल अस्थाई तौर पर रोकने की बात कही थी। प्रतिष्ठित स्वास्थ्य जर्नल लैंसेट में प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि कोरोना मरीजों को इस दवा से फायदे की बजाय नुकसान हो रहा है। 

4 of 8
क्लोरोक्वीन - फोटो : Social Media
चीन के मेडिकल जर्नल लैंसेट की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (HCQ) लेने वाले कोविड 19 के मरीजों की मौत की संख्या ये दवा नहीं लेने वाले मरीजों की संख्या में ज्यादा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, कोरोना मरीजों पर हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और तीन अन्य दवाओं का रैंडमाइज्ड ट्रायल शुरू किया जाना था। डब्ल्यूएचओ ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के ट्रायल पर रोक लगा दी, जबकि बाकी दवाओं का ट्रायल जारी रहेगा।
विज्ञापन

5 of 8
दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
मालूम हो कि भारतीय कंपनियां बड़े पैमाने पर इस दवा का उत्पादन करती हैं। पिछले महीने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोविड 19 के इलाज में इस दवा को असरदार बताया था। कोरोना मरीजों के इलाज में मददगार होने की बात सामने आने पर बाद भारत ने दुनिया के कई देशों को इस दवा की आपूर्ति की है। 
विज्ञापन

6 of 8
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : Amar Ujala
हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उम्मीद जताई है कि जून-जुलाई तक स्पष्ट हो जाएगा कि कोविड-19 संक्रमण (Covid-19 Infection) के इलाज के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन(HCQ) दवा कितनी कारगर है। कोविड-19 की  रोकथाम के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा गठित नेशनल टास्क फोर्स ने पिछले दिनों कोविड-19 के उच्च जोखिम मामलों में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल की अनुमति दी थी।  
विज्ञापन

7 of 8
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन - फोटो : social media
आमतौर पर मलेरिया के मरीजों को दी जाने वाली इस दवा के कोरोना संक्रमितों के इलाज में कारगर होने की बात सामने आने के बाद इसकी बिक्री अचानक बढ़ी थी और लोग बिना जरूरत यह दवा खरीद कर घर में रख रहे थे। इसके बाद दवा के इस्तेमाल से जुड़ी एक एडवाइजरी भी जारी की गई थी। इसमें कहा गया था कि बिना डॉक्टरी सलाह के इस दवा का सेवन नहीं किया जाना चाहिए।
विज्ञापन

8 of 8
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन - फोटो : Social Media
डब्ल्यूएचओ की रोक के बाद आईसीएमआर ने कहा है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) के कुछ विशेष साइड इफेक्ट्स नहीं देखे गए हैं, इसलिए भारत में गहन चिकित्सा पर्यवेक्षण में मरीजों को यह दवा दी जा सकती है। वहीं, ब्राजील ने भी कोरोना के इलाज में इस दवा का इस्तेमाल जारी रखने का निर्णय लिया है। 

यह भी पढ़ें: कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन को टुकड़ों में तोड़कर खत्म करेगी ये वैक्सीन

और यह भी पढ़ें: स्टडी में खुलासा- इस जीन से है कोरोना वायरस का अधिक खतरा

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें