क्या आपने कभी सोचा है कि एक ही दिन में कभी आप बेहद खुश, उत्साहित, कभी शांत और कभी उदास क्यों महसूस करते हैं? जवाब हो सकता है कि ये उस समय की परिस्थिति के आधार पर हो सकता है। पर मेडिकल साइंस इसे बाहरी नहीं बल्कि शरीर के भीतर की स्थिति मानता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हमारी खुशियों का बड़ा हिस्सा बाहरी चीजों से नहीं, बल्कि शरीर के अंदर बनने वाले कुछ खास रसायनों से तय होता है। इन्हें हैप्पी हार्मोन्स कहा जाता है।
सेरोटोनिन, डोपामाइन और एंडोर्फिन ये तीन सबसे प्रमुख हैप्पी हार्मोन हैं। यही तय करते हैं कि हमें कब खुशी महसूस होगी, कब मोटिवेशन मिलेगा और कब आप उत्साहित होंगे। इसी के विपरीत कोर्टिसोल हार्मोन शरीर को फाइट मोड में ले आता है।
अब सवाल ये है कि सेरोटोनिन, डोपामाइन और एंडोर्फिन जब तीनों ही हैप्पी हार्मोन हैं तो फिर इनमें क्या अंतर है? इनका काम क्या-क्या है और कौन हमारे लिए सबसे जरूरी हैं?