Happiness
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हालात के बारे में नए सिरे से सोचें
हम अपने जज्बात को कैसे महसूस करते हैं, वो इस बात पर निर्भर करता है कि हम किस दिशा में सोच रहे हैं। डेरेन ब्राउन अपनी किताब 'हैप्पी' में लिखते हैं, "अगर कोई खिलाड़ी ये सोचते हुए खेल के मैदान में उतरता है कि उसे जीतना ही है, तो हार को पचा पाने में मुश्किल होती है। ऐसे खिलाड़ियों को गहरा सदमा लगता है।"
तो, हर हाल में अपनी जीत देखने के बजाय ये सोचें कि आप अपनी ओर से पूरी कोशिश करेंगे। ऐसे में नतीजा आपने मुताबिक न भी आए, तो उसे स्वीकार कर पाना आसान होता है। अगर ये सोचेंगे कि आप बीमार नहीं पड़ेंगे, तो मुश्किल होगी। तो, ये सोचिए कि आप सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे। अपनी साफ-सफाई का ध्यान रखेंगे। लॉकडाउन के दौरान घर में रहेंगे। तो, हालात आपके मुफीद होंगे। आप जिन चीजों को नियंत्रित नहीं कर सकते, उन्हें लेकर अपने ऊपर बोझ न डालें।
हमेशा खुश रहने का ख्याल जिंदगी हमारे लिए बोझिल बना देगा। जब हम सिर्फ अपनी खुशी के बारे में ही सोचते हैं, तो हम अपने आस-पास के लोगों की खुशी के बारे में नहीं सोच पाते। इस वजह से आप दूसरों से कट सकते हैं। हर वक्त खुशी तलाशने की सनक में आप अलग थलग पड़ जाते हैं। और खुशी के साझा लम्हे आपके हाथ से निकल जाते हैं।