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Hantavirus: क्या कोरोना वायरस की ही तरह खतरनाक है हंतावायरस?

Tue, 24 Mar 2020 04:27 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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hantavirus new virus: चीन में हंता वायरस संक्रमण की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी - फोटो : Social Media
कोरोना वायरस संक्रमण से जूझ रहे चीन में हंता वायरस से हुई मौत के बाद वहां के लोगों में डर का माहौल है। पहले से ही कोरोना से चीन में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और इस बीच इस हंता वायरस से वहां के यूनान प्रांत में एक व्यक्ति की मौत के बाद लोगों को इसके महामारी बनने का डर सता रहा है। दरअसल, हंता वायरस से पीड़ित व्यक्ति काम कर शाडोंग प्रांत से बस से घर लौट रहा था। उसे हंता वायरस पॉजिटिव पाया गया था। उसकी मौत होने के बाद बस में सवार अन्य 32 लोगों की भी मेडिकल जांच की गई है। तो क्या हंता वायरस भी कोरोना वायरस की तरह खतरनाक वायरस है, क्या यह भी बड़े स्तर पर फैल सकता है? आइए जानते हैं हंता वायरस के बारे में विस्तार से:
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हंता वायरस के बारे में सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। (चमगादड़ की सांकेतिक तस्वीर)
हंता वायरस से व्यक्ति की मौत के बाद चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स द्वारा इस घटना की जानकारी दी गई। इसके सोशल मीडिया पर इस वायरस को लेकर डिबेट शुरू हो गई है। ट्विटर पर लोग बड़ी संख्या में इस खबर को ट्वीट कर आशंका जता रहे हैं कि यह वायरस भी कहीं कोरोना की तरह दुनियाभर में न फैल जाए! सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि चीन के लोगों ने अगर जिंदा जानवरों को खाना बंद नहीं किया तो ऐसे वायरस पैदा होते रहेंगे। कोई कह रहा कि यह वायरस चूहे खाने से फैला है तो कोई कह रहा चमगादड़ या सांप खाने से। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि हंता वायरस, कोरोना वायरस की तरह घातक नहीं है। एक अंग्रेजी वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार हंता वायरस हवा के रास्ते नहीं फैलता है, बल्कि यह व्यक्ति के चूहे या गिलहरी के संपर्क में इंसान के आने से फैलता है। हंता वायरस चूहों में होता है। इस वायरस के कारण चूहों में कोई बीमारी नहीं होती, लेकिन इस वायरस के कारण इंसानों की मौत हो जाती है। सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक चूहों के घर के अंदर और बाहर करने से हंता वायरस के संक्रमण का खतरा होता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
यह भी बताया जा रहा है कि हंता वायरस का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं होता है। ऐसे में इसके फैलने की संभावना कुछ हद तक कम हो जाती है। लेकिन यदि कोई व्यक्ति चूहों के मल, पेशाब या थूक के संपर्क में आने के बाद उन्हीं हाथों से अपना चेहरा, आंख, नाक या मुंह छूता है तो हंता वायरस से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है। अगर कोई स्वस्थ व्यक्ति है और वह हंता वायरस के संपर्क में आता है तो उसके संक्रमित होने का भी खतरा रहता है।
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rat - फोटो : Social Media
इसके लक्षणों के बारे में बताया जा रहा है कि हंता वायरस से संक्रमित होने पर व्यक्ति को बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, पेट में दर्द, उल्टी, डायरिया आदि हो सकता है। इन लक्षणों के इलाज में देरी होने की स्थिति में संक्रमित व्यक्ति के फेफड़े में पानी भी भर सकता है और उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। चीन में व्यक्ति की मौत भी कुछ ऐसे ही लक्षणों के बाद हुई। 
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सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक हंता वायरस भी जानलेवा है। इससे संक्रमित हो जाने पर लोगों की मौत का आंकड़ा 38 फीसदी है। यानी हंता वायरस से संक्रमित होने वाले 100 लोगों में से 38 लोगों की मौत होने की संभावना रहती है। 


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वायरस - फोटो : Social media
भारत में कितना खतरा
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशंस की रिपोर्ट के मुताबिक, ये वायरस अभी तक सिर्फ चीन और अर्जेंटीना में ही पाया गया है। चीन में भी फिलहाल इस वायरस से पहली मौत हुई है। चीन में जिस शख्स की मौत हुई, उसे लोगों ने पहले कोरोना से पीड़ित समझा था। बाद में जब बॉडी को अस्पताल लाया गया तो जांच में पता चला कि उसे कोरोना नहीं हंता वायरस था। इसके बाद बस में सवार सभी 32 यात्रियों की जांच की गई। हालांकि, इस मामले में फिलहाल बहुत ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है। सीडीसी के मुताबिक चूहों के मल-मूत्र से दूर रहें तो इस वायरस का संक्रमण नहीं होगा। इस लिहाज से भारत में अभी इसका खतरा नहीं है। 
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