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Hantavirus Alert: घर-दुकानों में चूहे हैं तो क्या इनसे भी हो सकता है हंतावायरस संक्रमण? जान लीजिए

Mon, 11 May 2026 01:41 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Hantavirus Outbreak News: हंतावायरस को लेकर दुनियाभर में चिंता बढ़ी है, क्योंकि यह संक्रमित चूहों के मल, पेशाब और लार के संपर्क में आने से इंसानों तक पहुंच सकता है। हंतावायरस का संक्रमण शुरुआत में सामान्य फ्लू जैसा महसूस हो सकता है। क्या घर-गोदाम में मौजूद चूहे भी संक्रमण का कारण बन सकते हैं?
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हंतावायरस का संक्रमण - फोटो : Amarujala.com/AI
हंतावायरस इन दिनों खूब चर्चा में है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इस खतरनाक संक्रमण से बचाव के लिए अलर्ट कर रहे हैं। मामले की शुरुआत अटलांटिक महासागर में क्रूज शिप एमवी होंडियस में इस बीमारी के फैलने से हुई। इससे तीन लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य बीमार हैं।

शुरुआत में इस क्रूज पर करीब 150 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे, लेकिन 24 अप्रैल को दर्जनों लोग सेंट हेलेना द्वीप पर उतर गए। स्वास्थ्य अधिकारी शिप से उतरे हुए लोगों का पता लगाने की होड़ में लगे हैं क्योंकि इन लोगों से संक्रमण के फैलने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा ये भी डर बना हुआ है कि चूहों से फैलने वाला यह जानलेवा वायरस जल्द ही ब्रिटेन तक पहुंच सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही इस मामले के सामने आने के बाद संक्रमण को लेकर चर्चा तेज हो गई है पर हंतावायरस पहले भी फैलता रहा है। चूंकि ये मुख्यरूप से चूहों और गिलहरी जैसे जानवरों के जरिए फैलता है ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या घर में चूहे हैं तो भी खतरा हो सकता है?
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पालतू चूहों से संक्रमण का खतरा - फोटो : Freepik.com
पालतू चूहों से भी फैल सकता है संक्रमण

यूके की  स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) ने एक रिपोर्ट में बताया कि पहले भी घर में पालतू चूहों से हंतावायरस के मामले सामने आए हैं।
 
  • इंसानों में हंतावायरस का इन्फेक्शन आमतौर पर उन जगहों पर होता है जहां घरों, दुकानों या फैक्ट्रियों में चूहे-गिलहरिया रहती हैं।
  • गांव और खेती-बाड़ी वाले इलाकों में भी इस संक्रमण का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। 

साल 2012 से अब तक, यूके में सियोल स्ट्रेन के हंतावायरस संक्रमण के इंसानों में सिर्फ 11 मामले सामने आए हैं। इनमें से नौ मामले पालतू चूहों से जुड़े थे।
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क्या है हंता वायरस? जिससे दहशत में है दुनिया - फोटो : AI
घर में चूहे हैं तो भी हो जाइए सावधान

घर में मौजूद चूहे सिर्फ सामान को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि कई खतरनाक बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं। हंतावायरस उनमें से एक है, यह वायरस से संक्रमित चूहों के मल, पेशाब और लार के संपर्क में आने से इंसानों तक पहुंचता है। 
 
  • विशेषज्ञों के अनुसार गंदगी, बंद कमरे, स्टोर रूम, पुराने फर्नीचर और लंबे समय तक साफ न किए गए कोनों में इसका खतरा रहता है। 
  • आपको किस तरह के हंतावायरस का संक्रमण होने का खतरा है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप जिस इलाके में रहते हैं वहां चूहों की कौन सी प्रजाति पाई जाती है।
  • यूके में सियोल वायरस ज्यादा देखा जाता रहा है। यह फेफड़ों के बजाय किडनी पर ज्यादा अटैक करता है।
  • हालांकि, अमेरिका में पाए जाने वाले वायरस के 'न्यू वर्ल्ड' स्ट्रेन की तुलना में इस कम खतरनाक पाया गया है। 
  • एमवी होंडियस शिप पर बीमार यात्रियों में 'एंडीज स्ट्रेन' पाया गया है, जो खासकर लंबी पूंछ वाले चावल खाने वाले चूहों में आम है।
  • सिर्फ एंडीज वायरस ही एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है।

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चूहों से हंतावायरस संक्रमण होने का जोखिम - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

साउथैम्प्टन यूनिवर्सिटी के पब्लिक हेल्थ रिसर्च और एपिडेमियोलॉजी के विशेषज्ञ डॉ. माइकल हेड कहते हैं, सिर्फ जंगली चूहे ही हंतावायरस के वाहक नहीं होते। अगर किसी पालतू चूहे या गिलहरी में यह वायरस है, तो उनके पिंजरे की सफाई करते समय आप बीमार पड़ सकते हैं। घरों-गोदाम और दुकानों में मौजूद चूहों के कारण भी आप इस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। 

 
  • जब हम चूहे वाली जगहों की साफ-सफाई करते हैं, तो वायरस के कण हवा में फैल जाते हैं और सांस के जरिए शररी में प्रवेश कर सकते हैं। इससे हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम होने का खतरा रहता है।
  • विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आपके घर-दुकान में चूहे हैं और वहां की साफ-सफाई करते समय पहले पानी का छिड़काव करें और फिर उस जगह को अच्छी तरह से साफ करें। इससे वायरस के हवा में फैलने का खतरा कम हो जाता है। 
  • चूहे वाले जगहों को साफ करते समय मास्क और गॉगल्स जैसे सुरक्षात्मक उपकरण जरूर पहनने चाहिए क्योंकि वायरस नाक, आंख और मुंह के जरिए भी शरीर में प्रवेश कर सकता है।
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हंतावायरस से बचाव जरूरी - फोटो : Adobe Stock
साफ-सफाई का रखें खास ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हंतावायरस का संक्रमण शुरुआत में सामान्य फ्लू जैसा महसूस होता है, लेकिन गंभीर मामलों में यह फेफड़ों और सांस संबंधी समस्याओं को तेजी से बढ़ा सकता है। यही वजह है कि घर की साफ-सफाई, चूहों पर नियंत्रण और हाइजीन का ध्यान रखना बेहद जरूरी माना जाता है। 
 
  • एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि जिन जगहों पर लंबे समय तक सफाई नहीं होती, वहां चूहों के मल-मूत्र जमा हो सकते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
  • घर में चूहों के निशान दिखें तो तुरंत सफाई करें, दस्ताने और मास्क का इस्तेमाल करें और संक्रमित जगहों को बिना सुरक्षात्मक उपायों के न छुएं। थोड़ी सी सावधानी इस जानलेवा वायरस के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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