फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काम की बात: संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए जान लीजिए सबसे कारगर और आसान तरीका, दूर भागेंगे वायरस

Mon, 24 Feb 2025 07:38 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जब बात संक्रामक बीमारियों के खतरे को कम करने की हो तो हाथ धोने की आदत बनाने से आप काफी लाभ पा सकते हैं । हाथ धोना एक सामान्य आदत लग सकती है, लेकिन यह स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
विज्ञापन
1 of 5
संक्रामक रोगों से कैसे होगा बचाव - फोटो : Freepik.com
पिछले एक दशक की तुलना में संक्रामक बीमारियों के मामले अब काफी बढ़ गए हैं। इंफ्लूएंजा हो या कंजंक्टिवाइटिस, कोविड-19 हो या बर्ड फ्लू, इन सभी बीमारियों के मामले अब काफी आम हो गए हैं। हालिया रिपोर्ट्स में भारत सहित कई देशों में तेजी से बढ़ते एच5एन1 संक्रमण के मामलों को लेकर भी अलर्ट किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को इन बीमारियों से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहने की आवश्यकता है।

दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव भी आपको गंभीर बीमारियों से बचाने वाले हो सकते हैं। जब बात संक्रामक बीमारियों के खतरे को कम करने की हो तो हाथ धोने की आदत बनाने से आप काफी लाभ पा सकते हैं। हाथ धोना एक सामान्य आदत लग सकती है, लेकिन यह स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
विज्ञापन

2 of 5
हाथों की स्वच्छता का रखें ध्यान - फोटो : Freepik.com
हाथों की स्वच्छता का रखें ध्यान

विभिन्न शोध से पता चलता है कि नियमित रूप से हाथ धोने की आदत संक्रामक बीमारियों के प्रसार को रोकने में काफी मददगार हो सकती है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी सभी लोगों को बार-बार हाथों की स्वच्छता पर ध्यान देते रहने की सलाह दी जाती रही थी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञ कहते हैं, साबुन से हाथ धोने या फिर हैंड सेनेटाइजर का उपयोग करने से बैक्टीरिया और वायरस के कारण होने वाली कई गंभीर बीमारियों से बचाव हो सकता है। सिर्फ इसी एक आदत की मदद से डायरिया और सांस संबंधी बीमारियों में 30-50% तक कमी लाई जा सकती है।
विज्ञापन

3 of 5
संक्रामक रोगों से बचाव - फोटो : Freepik.com
संक्रामक रोगों से होता है बचाव

हम सभी निरंतर किसी न किस सतहों को छूते रहते हैं, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस हमारे हाथों से चिपककर शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। साबुन और पानी से हाथ धोने की आदत बनाकर रोगजनकों से बचाव किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं नियमित रूप से हाथ धोने से फ्लू, सर्दी-जुकाम, हेपेटाइटिस ए और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण जैसी बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।

4 of 5
पेट में संक्रमण होने का खतरा - फोटो : Freepik.com
पेट के संक्रमण का कम होता है जोखिम

पेट का संक्रमण, डायरिया आदि के लिए भी कई प्रकार के हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस जिम्मेदार माने जाते रहे हैं। दूषित हाथ से भोजन करने से ये रोगजनक शरीर में पहुंचकर बीमारियों को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार, डायरिया के कारण हर साल लाखों बच्चे अपनी जान गंवाते हैं। अगर नियमित रूप से हाथ धोने की आदत बना ली जाए तो इस खतरे को 40% तक कम किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
फ्लू, सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए हाथ धोने की बनाएं आदत - फोटो : Freepik.com
इस एक आदत के और भी कई पायदे
  • नाक और मुंह को बार-बार छूने से सांस संबंधी बीमारियां जैसे निमोनिया और ब्रोंकाइटिस हो सकती हैं। हाथ धोने से इनका प्रसार रोका जा सकता है।
  • खाने से पहले और बाद में हाथ धोने से भोजन में बैक्टीरिया का प्रवेश नहीं होता, जिससे फूड पॉइजनिंग और पेट की बीमारियां कम होती हैं।
  • हाथ धोने की आदत बनाने से शरीर पर बैक्टीरिया और वायरस का कम प्रभाव पड़ता है, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
  • यूनिसेफ के मुताबिक, यदि स्कूलों में हाथ धोने की आदत पर जोर दिया जाए, तो बच्चों में संक्रमण से होने वाली बीमारियों को 50% तक कम किया जा सकता है।


---------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें