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Hair Loss: पुरुषों में तेजी से बढ़ते गंजेपन का पता चल गया कारण, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?

Thu, 20 Feb 2025 09:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विशेषज्ञों की टीम ने अध्ययन के दौरान शुगर ड्रिंक्स और मेल पैटर्न हेयर लॉस के बीच आश्चर्यजनक संबंध पाया गया है। आपको बता दें कि मेल पैटर्न हेयर लॉस (एंड्रोजेनिक एलोपेसिया) पुरुषों में बाल झड़ने का सबसे आम प्रकार है। 
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पुरुषों में बालों की समस्या - फोटो : Adobe stock
बालों के झड़ने की समस्या कम उम्र के लोगों में भी तेजी से बढ़ती जा रही है। लिहाजा 30 से कम आयु के लोग भी गंजेपन का शिकार हो रहे हैं। आमतौर पर लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी को बालों की बढ़ती समस्याओं का प्रमुख कारण माना जाता रहा है। क्या आप भी इस समस्या से पीड़ित हैं?

दुनियाभर में तेजी से बढ़ती बालों की समस्या को समझने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हाल ही में एक अध्ययन किया, जिसमें कई बड़े खुलासे किए गए हैं। विशेषज्ञों ने कहा, अगर आपकी दिनचर्या और खानपान गड़बड़ है तो इससे न सिर्फ कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों का खतरा हो सकता है, साथ ही इससे बालों की सेहत भी प्रभावित होने लगती है।

सबसे बड़ी बात अगर आप भी सोडा, एनर्जी ड्रिंक, पैक्ड जूस या फिर अन्य मीठे पेय पदार्थों के शौकीन हैं तो सावधान हो जाइए, ये एक आदत आपको कम उम्र में ही गंजा बना सकती है।
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मेल पैटर्न हेयर लॉस - फोटो : istock
शुगर ड्रिंक्स और मेल पैटर्न हेयर लॉस का संबंध

विशेषज्ञों की टीम ने अध्ययन के दौरान शुगर ड्रिंक्स और मेल पैटर्न हेयर लॉस के बीच आश्चर्यजनक संबंध पाया गया है।  आपको बता दें कि मेल पैटर्न हेयर लॉस (एंड्रोजेनिक एलोपेसिया) पुरुषों में बाल झड़ने का सबसे आम प्रकार है। इसमें मुख्यरूप से सामने की ओर या फिर क्राउन के हिस्से में तेजी से बाल कम होने लगते हैं। 

विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र में बालों के झड़ने के लिए आनुवंशिकता निश्चित ही एक जोखिम कारक है, पर मीठे पेय पदार्थों का सेवन इस जोखिम को और भी बढ़ाने वाला हो सकता है। 
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मीठे पेय पदार्थों का सेवन हानिकारक - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

बीजिंग स्थित त्सिंगुआ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि जो पुरुष शर्करा युक्त पेय पदार्थों का सेवन अधिक करते हैं, उन लोगों में बाल झड़ने की दिक्कत अन्य पुरुषों की तुलना में लगभग दोगुना अधिक देखा गया है। एक हजार से अधिक पुरुषों जिनकी औसत आयु 27 वर्ष थी, उनके आहार, जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सर्वे किया गया। 

इसमें से आधे से ज्यादा प्रतिभागियों (57.6 प्रतिशत) ने बाल झड़ने की शिकायत की। इनमें से अधिकतर लोगों में शुगर ड्रिंक पीने की आदत देखी गई। ज्यादातर लोग हर सप्ताह 4.3 लीटर तक मीठे पेय पदार्थ पी रहे थे।

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शुगर और एनर्जी ड्रिंक्स के नुकसान - फोटो : freepik.com
शुगर ड्रिंक क्यों इतने हानिकारक हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि शुगर ड्रिंक  का सेवन आपकी सेहत के लिए कई प्रकार से हानिकारक हो सकता है। मीठे पेय पदार्थ शरीर में इंफ्लेमेशन, हार्मोनल असंतुलन और पोषक तत्वों की कमी का कारण बनकर बालों के झड़ने को बढ़ावा दे सकते हैं। इंफ्लेमेशन के कारण  बालों के रोम को नुकसान पहुंचता है जो आपके लिए कई प्रकार से नुकसानदायक हो सकता है।

मीठे पेय पदार्थ इंसुलिन प्रतिरोध का भी कारण बनते हैं, जिसके कारण वोआवश्यक हार्मोन बाधित होने लग जाते हैं जो स्वस्थ बालों के विकास के लिए जरूरी हैं। 
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आहार में शामिल करें सब्जियां-फल - फोटो : Freepik.com
बालों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आप भी बालों के झड़ने को लेकर परेशान  हैं, तो मीठे पेय पदार्थों का सेवन कम करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। तमाम अध्ययन इस बात पर भी प्रकाश डालते हैं कि आहार और जीवनशैली को सुधारकर बालों को स्वस्थ रखा जा सकता है।
  • सोडा और एनर्जी ड्रिंक की जगह पानी, हर्बल टी या प्राकृतिक फलों के जूस का सेवन करें।
  • बालों के विकास को बढ़ावा देने के लिए अधिक सब्जियां, लीन प्रोटीन और स्वस्थ वसा का सेवन करें।
  • चिंता-तनाव की स्थिति बालों के झड़ने से जुड़ी मानी जाती है, इसलिए ध्यान-व्यायाम और उचित नींद लेना जरूरी है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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