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जानना जरूरी: सिर्फ व्यायाम की कमी या अधिक मीठा खाना ही नहीं, ये आदतें भी बढ़ा देती हैं वजन

Sun, 11 Dec 2022 07:34 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
अधिक वजन-मोटापा मौजूदा समय की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में 650 मिलियन (65 करोड़) से अधिक लोग मोटापे के शिकार हैं। बच्चों और वयस्कों में बढ़ते इस खतरे को विशेषज्ञ काफी खतरनाक मानते हैं। जिस तरह से वैश्विक स्तर पर मोटापे की समस्या बढ़ती जा रही है, ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता है कि अगली महामरी मोटापे से संबंधित समस्याओं की आ सकती है।

शारीरिक निष्क्रियता और आहार की गड़बड़ी को स्वास्थ्य विशेषज्ञ बढ़ते मोटापे के प्रमुख कारणों में से एक मानते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र से ही लोगों को इस खतरे को लेकर ध्यान देते हुए बचाव के उपायों को प्रयोग में लाते रहना चाहिए, वरना यह आने वाले समय में बड़े खतरे का कारण हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सामान्यतौर पर माना जाता है कि व्यायाम की कमी और अधिक कार्ब्स-मीठी चीजों का सेवन करना आपमें मोटापे के खतरे को बढ़ा देता है। ये कारण निश्चित ही चिंताजनक हैं पर इसके अलावा भी कुछ आदते हैं जो आपमें मोटापे के जोखिम को बढ़ा देती हैं। आमतौर पर ज्यादातर लोगों को इस बारे में जानकारी भी नहीं होती है। आइए ऐसे ही कुछ कारणों के बारे में जानते हैं जिन्हें शोधकर्ताओं ने मोटापे का जोखिम बढ़ाने वाला पाया है। इसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
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वजन बढ़ाने वाले कारकों के बारे में जानिए - फोटो : iStock
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

मोटापे के बढ़ते खतरे को जानने के लिए किए गए अध्ययन में पाया कि पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना और नमक का अधिक  सेवन करना भी इस जोखिम का एक कारण हो सकता है। सामान्यतौर पर नमक के अधिक सेवन को ब्लड प्रेशर के जोखिम से जोड़कर देखा जाता रहा है, हालांकि इसकी अधिकता मोटापे सहित कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकती है। इतना ही नहीं, नमक के अधिक सेवन से शरीर में पानी की कमी भी हो सकती है, जिसके कई दुष्परिणाम देखे गए हैं।
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तनाव की समस्या - फोटो : Pixabay
अधिक तनाव के कारण बढ़ती समस्या

अध्यनों में मानसिक स्वास्थ्य विकार और मोटापे के बीच संबंध पाया गया है, यदि आप अधिक तनाव लेते हैं तो भी आपमें मोटापे का खतरा हो सकता है। तनाव की स्थिति में शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। यह हार्मोन मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करके मोटापे के खतरे को बढ़ा सकती है। इसके अलावा कोर्टिसोल हार्मोन का बढ़ना मीठे, वसायुक्त और नमकीन खाद्य पदार्थों की तलब को भी बढ़ा देता है, इन चीजों का अधिक सेवन मोटापे को बढ़ाने वाला माना जाता है। 

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मोबाइल का अधिक इस्तेमाल नुकसानदायक - फोटो : istock
बढ़ता स्क्रीन टाइम खतरनाक

शोध से पता चलता है कि यदि आपका भी ज्यादातर समय मोबाइल-कंप्यूटर या टीवी स्क्रीन के सामने बीतता है तो यह स्थिति भी आपमें मोटापे के खतरे को बढ़ाने वाली मानी जाती है। स्क्रीन टाइम का बढ़ना स्वाभाविक तौर पर शारीरिक निष्क्रियता को बढ़ा देती है। शारीरिक निष्क्रियता को मोटापा बढ़ाने वाला माना जाता है। बच्चों में बढ़ते मोटापे की समस्या के लिए मुख्यरूप से स्क्रीन टाइम बढ़ने को ही प्रमुख कारक माना जा रहा है। गैजेट्स पर अधिक समय बिताने से बचें। 
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नींद विकार और इसके दुष्प्रभाव - फोटो : Pixabay
नींद की कमी से बढ़ता है जोखिम

स्वास्थ्य विशेषज्ञ शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सभी लोगों को रोजाना नींद पूरी करने की सलाह देते हैं, यदि किसी कारणवश आपकी नींद पूरी नहीं हो पा रही है तो यह स्थिति कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है। नींद की कमी के कारण ग्रोथ हार्मोन का स्तर कम होने और कोर्टिसोल बढ़ने का जोखिम होता है, यह दोनों ही स्थितियां मोटापे के जोखिम को बढ़ा देती हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नींद पूरी करना बहुत आवश्यक है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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