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सेहत की बात: आंतों के गुड बैक्टीरिया कम हुए तो शरीर में दिखते हैं ये बदलाव, समय रहते दें ध्यान

Sun, 13 Sep 2026 08:40 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आंतों में मौजूद बैक्टीरिया पाचन, प्रतिरक्षा और मेटाबॉलिज्म के लिए जरूरी होते हैं। इनके संतुलन में बदलाव को डिस्बायोसिस कहा जाता है जो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। हालांकि हर बार पेट की समस्या को बैक्टीरिया की कमी मानना सही नहीं है।
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गट हेल्थ ठीक है या नहीं? - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर के स्वस्थ रहने के लिए पाचन का ठीक रहना सबसे जरूरी माना जाता है और पाचन ठीक से होता रहे इसके लिए आंतों में गुड बैक्टीरिया का संतुलन जरूरी है। हमारी आंतों में अरबों सूक्ष्मजीव और बैक्टीरिया होते हैं। ये पाचन, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली और मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने में सहायता करते हैं। हालांकि जब आंतों में मौजूद सूक्ष्मजीवों की संरचना और संतुलन बिगड़ जाता है, तो इसका असर केवल पाचन ही नहीं संपूर्ण स्वास्थ्य पर हो सकता है।

आइए जानते हैं कि आंतों में बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने पर क्या दिक्कतें होती हैं और इसका सेहत पर किस तरह से असर हो सकता है?
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पाचन की समस्याएं - फोटो : adobe stock images
गुड बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने पर पाचन पर असर

आंतों के सूक्ष्मजीव पाचन तंत्र के लिए जरूरी होते हैं। इनके संतुलन में बदलाव के साथ कुछ लोगों में पेट फूलने, गैस, अनियमित मल त्याग या दूसरी पाचन संबंधी परेशानियां देखी जा सकती हैं। 
 
  • लेकिन इन लक्षणों का मतलब सीधे तौर पर यह नहीं है कि अच्छे बैक्टीरिया कम हो गए हैं। 
  • इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और आंतों की दूसरी बीमारियों में भी ये दिक्कतें देखने को मिलती हैं। इसलिए लगातार पेट की परेशानी होने पर खुद से प्रोबायोटिक या कोई सप्लीमेंट शुरू करने के बजाय कारण की जांच जरूरी है।
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इम्युनिटी सिस्टम पर पड़ने वाला असर - फोटो : Freepik.com
इम्युनिटी पर भी पड़ता है असर

आंतों के बैक्टीरिया, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक रखने में भी मदद करते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि माइक्रोबायोम में बदलाव आंत की अंदरूनी सुरक्षा परत और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
 
  • ऐसा नहीं है कि गुड बैक्टीरिया कम होते ही आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है बल्कि आंतों का माइक्रोबायोम शरीर की प्रतिरक्षा व्यवस्था का एक हिस्सा है।
  • लंबे समय तक असंतुलित खान-पान, कुछ दवाएं और बीमारियां माइक्रोबायोम की संरचना को प्रभावित कर सकती हैं।
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आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
आंतों के बैक्टीरिया को बेहतर रखने के लिए क्या करें?

आंतों के माइक्रोबायोम को ठीक रखने के लिए डाइट और लाइफस्टाइल को ठीक रखना जरूरी है। 
 
  • भोजन में अलग-अलग तरह की सब्जियां, फल, दालें, साबुत अनाज और फाइबर वाले खाद्य पदार्थ शामिल करना फायदा दे सकता है। 
  • जरूरत के बिना एंटीबायोटिक न लें, ये दवाएं बैक्टीरिया को प्रभावित कर सकती हैं। 
  • लगातार पेट फूलने, दस्त-कब्ज, वजन कम होने या लंबे समय से पाचन संबंधी समस्या हो तो डॉक्टर से संपर्क करें और कारणों को पता लगाएं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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