डायबिटीज का खतरा
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अध्ययन में क्या पता चला?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आमतौर पर जब हम कुछ खाते हैं, तो हमारे शरीर को ब्लड शुगर पचाने के लिए इंसुलिन नामक हार्मोन की जरूरत होती है, लेकिन जब हमारी मांसपेशियां सिकुड़ती हैं (जब हम हिलते-डुलते या चलते हैं), तो वे बिना इंसुलिन के ही खून से सीधे ग्लूकोज (शुगर) सोखना शुरू कर देती हैं।
इसी साल हुए मेडिकल ट्रायल में 30 वयस्कों को शामिल किया गया। उन्हें 75 ग्राम ग्लूकोज वाला ड्रिंक दिया गया।
- खाना खाने के बाद सिर्फ बैठे रहने पर लोगों का ब्लड शुगर 4.3 मिलीमोल प्रति लीटर बढ़ गया।
- वहीं, जिन्होंने अपनी मर्जी की सामान्य स्पीड से सिर्फ 1 मिनट सीढ़ियां चढ़ीं उनका ब्लड शुगर सिर्फ 2.5 मिलीमोल प्रति लीटर बढ़ा, यानी शुगर स्पाइक में 42% की बड़ी कमी आई।
ग्लूटो-4 ट्रांसपोर्टर सक्रिय हो सोख लेता है शुगर
दरअसल शरीर में ग्लूटो-4 नाम का एक ट्रांसपोर्टर होता है, जो मांसपेशियों के हिलने-डुलने पर तुरंत एक्टिव हो जाता है और शुगर को सोख लेता है। यही कारण है कि जिन लोगों का इंसुलिन सिस्टम ठीक से काम नहीं करता उनके लिए भी खाना खाने के बाद चलना तुरंत जादू की तरह काम करता है। खास तौर पर डायबिटीज के मरीजों पर यह तरीका बहुत कारगर है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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