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Heart Risk: डाइजेशन खराब तो दिल को भी खतरा, हार्ट अटैक तक पहुंच सकता है मामला; समझिए हार्ट-गट का कनेक्शन

Sun, 01 Mar 2026 07:35 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आंतों की सेहत और हृदय रोग के खतरे के बीच संबंध को लेकर कई शोध सामने आए हैं। खासतौर पर ट्राइमिथाइलअमीन एन-ऑक्साइड (TMAO) नामक कंपाउंड पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। इससे आपके दिल के लिए समस्याएं बढ़ सकती हैं।
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हार्ट अटैक और गट हेल्थ - फोटो : Freepik.com
एक बड़ी पुरानी कहावत है- 'पाचन ठीक तो पूरा शरीर ठीक'। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों का पाचन से सीधा और गहरा संबंध होता है। कई रिपोर्ट्स में पहले ये दावा किया जा चुका है कि जिन लोगों का गट हेल्थ ठीक नहीं रहता है, उनमें मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं जैसे स्ट्रेस से लेकर डिप्रेशन तक का खतरा बढ़ जाता है। गट हेल्थ की समस्याओं और पाचन में गड़बड़ी के दुष्प्रभाव इससे भी कहीं ज्यादा हो सकते हैं। गट हेल्थ की समस्याएं हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थितियों तक का कारण बन सकती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पाचन स्वास्थ्य और हेल्दी गट की अहमियत को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। हमें दिख भले न रहा हो, पर शरीर के भीतर कई चीजें लगातार चलती रहती हैं, जिनका सेहत पर सीधा असर होता है। 

विशेषज्ञों की टीम ने अलर्ट किया है कि अपने दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो सिर्फ बीपी-कोलेस्ट्रॉल पर ही ध्यान देते रहना काफी नहीं है, इसके लिए गट हेल्थ को ठीक रखने के लिए भी निरंतर प्रयास करते रहना जरूरी हो जाता है।
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गट हेल्थ का पूरे शरीर पर होता है असर - फोटो : Freepik.com
गट और हार्ट हेल्थ का कनेक्शन

जब बात गट हेल्थ और इसके कार्यों की आती है तो सबसे पहले हमारे दिमाग में भोजन के ठीक से पाचन, पोषक तत्वों के सही तरीके से अवशोषण, ब्लड शुगर कंट्रोल जैसे कामकाज ही नजर आते हैं।  हालांकि गट का ठीक से काम करते रहना कई अन्य मामलों में भी जरूरी है, विशेषकर हृदय को स्वस्थ रखने में। अध्ययनों में गट-हार्ट हेल्थ के बीच गहरा कनेक्शन बताया गया है।
 
  • जब गट माइक्रोबायोम या गुड बैक्टीरिया में असंतुलन होता है, तो इससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। 
  • आपकी पाचन गड़बड़ होने लगता है, मूड खराब रहता है, चिड़चिड़ापन और नींद गड़बड़ हो सकती है।
  • इन सबके साथ आपके दिल की सेहत भी प्रभावित होने लग जाती है। 
  • अगर गट यानी आंतों से संबंधित समस्याएं लंबे समय तक बनी रहती हैं तो इसके कारण हार्ट अटैक तक का खतरा बढ़ सकता है।
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पाचन तंत्र का हार्ट हेल्थ पर होता है असर - फोटो : Freepik.com
डाइजेशन का दिल पर कैसे होता है असर?

गट और हार्ट हेल्थ के संबंधों को कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आलोक चोपड़ा ने बड़े आसान तरीके से समझाया है। डॉ. चोपड़ा कहते हैं, ये सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है पर कई अध्ययनों से पता चला है कि हमारे पाचन तंत्र का हार्ट से बेहद गहरा संबंध हो सकता है, जिसके बारे में आमतौर पर हम सभी सोचते भी नहीं हैं।
 
  • हमारा गट करोड़ों बैक्टीरिया, वायरस और फंगी का घर होता है।
  • ये संतुलन में रहते हैं तो डाइजेशन में मदद करते हैं, पोषक तत्वों के अवशोषण को ठीक रखते हैं, मेटाबॉलिज्म को रेगुलेट करते हैं, इम्युनिटी बूस्ट करते हैं और इन्फ्लेमेशन कम करते हैं। 
  • हालांकि अध्ययनों से पता चलता कि अगर आपको पाचन से संबंधित कोई समस्या है जिसके कारण गट लाइनिंग में कोई दिक्कत होती है तो खतरनाक बैक्टीरिया और टॉक्सिन लीक करके हमारे खून में पहुंच सकते हैं और इंफ्लेमेशन बढ़ा सकते हैं।

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गट का हृदय की सेहत पर असर - फोटो : adobe stock images
ट्राइमेथिलमाइन N-ऑक्साइड का क्या रोल है?

डॉ चोपड़ा कहते हैं,  शरीर में इंफ्लेमेशन बढ़ने की वजह से प्लाक बढ़ने और आर्टरी ब्लॉक होने का खतरा बढ़ जाता है, जो हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
 
  • अध्ययनों से ये भी पता चलता है कि गट बैक्टीरिया की वजह से उत्पन्न होने वाले ट्राइमेथिलमाइन N-ऑक्साइड (TMAO) का भी हृदय की सेहत से कनेक्शन हो सकता है। 
  • जिन लोगों में टीएमएओ का स्तर बढ़ा हुआ रहता है उनमें भी दिल से संबंधित समस्याओं का जोखिम काफी अधिक हो सकता है। 
  • यहां तक कि जिनका कोलेस्ट्रॉल या ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है, ये उन लोगों में भी हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है।

इसके अलावा, खराब पाचन का मेटाबॉलिज्म पर भी बुरा असर पड़ता है, जिससे मोटापा और डायबिटीज जैसी बीमारियां हो सकती हैं। ये  भी दिल की सेहत के लिए खतरे बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
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खान पान में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
हार्ट को हेल्दी रखने के लिए गट हेल्थ पर दें ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गट हेल्थ में सुधार कर लिया तो इससे पूरे शरीर को हेल्दी रखा जा सकता है। इसके लिए खान-पान में सुधार पर ध्यान दिया जाना चाहिए। आहार में फाइबर, ओमेगा-3 वाली चीजों को शामिल करें। दिनभर में खून पानी पीते रहें और शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। ये सभी मिलकर गट-हार्ट हेल्थ को ठीक रखने में मददगार हो सकते हैं। 


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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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