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सेहत की बात: मधुमेह रोगियों के लिए रामबाण है यह फल, ब्लड शुगर के साथ हृदय रोगों के जोखिम को भी करता है कम

Tue, 18 Oct 2022 06:20 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डायबिटीज में कौन सा फल खाएं? - फोटो : iStock
डायबिटीज, वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इसमें ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने की समस्या होती है। शुगर लेवल बढ़ना शरीर के लिए कई प्रकार की गंभीर जटिलताओं का कारण माना जाता है, इससे किडनी, तंत्रिकाओं, आंखों, लिवर के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण अंगों को क्षति होने का खतरा हो सकता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को कम उम्र से ही डायबिटीज से बचाव के उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि कुछ फलों का सेवन करना डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है, यह ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल में रखने में मददगार पाया गया है।

डायबिटीज में क्या खाना चाहिए, इस बारे में शोध कर रही वैज्ञानिकों की टीम ने पाया कि देश में सर्दियों के मौसम में बहुतायत में मिलने वाला अमरूद डायबिटीज रोगियों के लिए विशेष लाभकारी हो सकता है। अमरूद का फल एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन-सी, पोटेशियम और फाइबर से भी भरपूर होता है, ऐसे में इसके शरीर के लिए कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ भी हो सकते हैं।

डायबिटीज के अलावा हृदय रोगों के खतरे को कम करने में भी अमरूद के सेवन को वैज्ञानिकों ने लाभकारी पाया है। आइए इस बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।
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अमरूद खान के फायदे - फोटो : iStock
मधुमेह रोगियों के लिए अमरूद के लाभ

डायबिटीज में अमरूद खाने से होने वाले फायदों के बारे में शोध कर रहे वैज्ञानिकों ने पाया कि यह रक्त शर्करा के स्तर में सुधार कर सकता है। टेस्ट-ट्यूब और जानवरों के अध्ययन में पाया गया कि अमरूद के फल के अलावा इसके पत्ते का अर्क भी रक्त शर्करा के स्तर को कंट्रोल करने में सहायक है। यह दीर्घकालिक रूप से शुगर को बढ़ने से रोकने और इंसुलिन प्रतिरोध में मददगार हो सकता है। 

मनुष्यों के अध्ययन में भी इसके प्रभावशाली परिणाम दिखे हैं।19 लोगों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि अमरूद के पत्तों की चाय पीने से भोजन के बाद रक्त शर्करा के स्तर को कम किया जा सकता है। टाइप-2 डायबिटीज वाले 20 लोगों के एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि अमरूद के पत्ते की चाय पीने से रक्त शर्करा का स्तर 10% तक कम हो गया।
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अमरूद से हृदय की सेहत में होता है सुधार - फोटो : Istock
हृदय रोगों में भी मिलता है फायदा

डायबिटीज के अलावा अमरूद का सेवन हृदय की समस्याओं को कम करने में भी आपके लिए मददगार हो सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अमरूद के पत्तों में उच्च स्तर के एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन्स होते हैं जो हृदय को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा अमरूद के फल में पोटेशियम और घुलनशील फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक है। अमरूद के पत्ते के अर्क को कोलेस्ट्रॉल की समस्याओं में भी लाभकारी पाया गया है।

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पाचन को ठीक रखने के लिए क्या खाएं? - फोटो : Pixabay
पाचन स्वास्थ्य को भी रखता है ठीक

अमरूद, डाइट्री फाइबर का बेहतर स्रोत है। ऐसे में इसके सेवन से मल त्याग को आसान बनाने और कब्ज को रोकने में मदद मिल सकती है। अध्ययन से पता चलता है कि सिर्फ एक अमरूद ही आपके अनुशंसित दैनिक फाइबर सेवन का 12% प्रदान कर सकता है। इसके अतिरिक्त, अमरूद के पत्ते का अर्क पाचन स्वास्थ्य को लाभ पहुंचा सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि यह दस्त की समस्याओं से परेशान लोगों के लिए भी फायदेमंद उपचार हो सकता है।
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अमरूद के स्वास्थ्य लाभ - फोटो : Pixabay
अमरूद के इन फायदों के बारे में भी जानिए

डायबिटीज, हृदय रोग और पाचन को ठीक रखने के अलावा अमरूद का सेवन करना सेहत को और भी कई प्रकार के लाभ प्रदान कर सकता है।
  • मासिक धर्म के दर्द और जटिलताओं से राहत दिलाने में मदद करता है। 
  • वजन घटाने में सहायक है। 
  • एंटीऑक्सीडेंट्स के कारण यह कैंसर रोधी प्रभाव वाला फल है।
  • प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करता है।
  • अमरूद खाना आपकी त्वचा के लिए भी अच्छा माना जाता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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