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Good Cholesterol: सिर्फ 'बैड' ही नहीं होता कोलेस्ट्रॉल, जानिए क्या है गुड कोलेस्ट्रॉल और इसे बढ़ाने के उपाय

Mon, 10 Feb 2025 07:09 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गुड कोलेस्ट्रॉल को हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एचडीएल) कोलेस्ट्रॉल भी कहा जाता है। यह आपके रक्तप्रवाह से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को हटाने में मदद करता है और हृदय रोग-स्ट्रोक के जोखिम को कम कर सकता है। आहार और दिनचर्या में सुधार करके गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाया जा सकता है।
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कोलेस्ट्रॉल के बारे में जानिए - फोटो : freepik.com
कोलेस्ट्रॉल का नाम सुनते ही आपके मन में भी हार्ट की समस्याओं को बढ़ाने वाले कारक याद आप जाते होंगे, पर क्या आप जानते हैं कि कोलेस्ट्रॉल असल में हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी है। 

कोलेस्ट्रॉल एक मोमी और वसा जैसा पदार्थ होता है जो आपके रक्त और कोशिकाओं में पाया जाता है। यह अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। ये आपके शरीर को हार्मोन, विटामिन-डी और सेल मेंब्रेन बनाने में मदद करता है। हालांकि अगर शरीर में इसकी मात्रा सामान्य से अधिक हो जाए तो इसके कारण समस्याएं हो सकती है।

कोलेस्ट्रॉल मुख्यरूप से दो प्रकार का होता है-गुड और बैड। अच्छी सेहत के लिए हमें गुड कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता होती है। हृदय को स्वस्थ रखने और कई प्रकार की बीमारियों से बचाए रखने में गुड कोलेस्ट्रॉल जरूरी होता है। आइए जानते हैं कि गुड कोलेस्ट्रॉल क्या है और इसे बढ़ाने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?
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गुड कोलेस्ट्रॉल जरूरी - फोटो : Adobe Stock
गुड कोलेस्ट्रॉल क्यों जरूरी है?

गुड कोलेस्ट्रॉल को हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एचडीएल) कोलेस्ट्रॉल भी कहा जाता है। यह आपके रक्तप्रवाह से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को हटाने में मदद करता है और हृदय रोग-स्ट्रोक के जोखिम को कम कर सकता है। आहार और दिनचर्या में सुधार करके न सिर्फ बैड कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है बल्कि इससे गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे कि फल और फलियां, फैट फिश, ऑलिव ऑयल जैसी ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली चीजों के सेवन से आपके विशेष लाभ मिल सकता है।
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हृदय रोगों से बचाता है गुड कोलेस्ट्रॉल - फोटो : Freepik.com
गुड कोलेस्ट्रॉल से क्या फायदा होता है?

बैड कोलेस्ट्रॉल हमारी सेहत के लिए जितना हानिकारक है, एचडीएल कोलेस्ट्रॉल से कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।
  • गुड कोलेस्ट्रॉल धमनियों में जमा बैड कोलेस्ट्रॉल को हटाने में मदद करता है, इससे कोरोनरी आर्टरी डिजीज और हार्ट अटैक का खतरा कम होता है।
  • गुड कोलेस्ट्रॉल मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह को ठीक रखने में मदद करता है जिससे स्ट्रोक का खतरा कम होता है।
  • कई अध्ययनों में पाया गया है कि एचडीएल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर में सूजन और अन्य बीमारियों से बचाव में सहायक होते हैं।
  • लो एचडीएल को टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे को बढ़ाने वाला माना जाता है क्योंकि इससे मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा हो सकता है।

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खान पान में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने के लिए क्या करें?

गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कुछ उपायों का पालन किया जा सकता है।
  • आहार में सुधार करना सबसे जरूरी है। मोनोअनसैचुरेटेड फैट वाली चीजें जैसे ऑलिव ऑयल, मूंगफली के तेल, एवोकाडो से लाभ मिल सकता है।
  • ट्रांस फैट से बचें। पैक्ड फूड, फ्राइड फूड और प्रोसेस्ड स्नैक्स न खाएं, क्योंकि ये गुड कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं।
  • ओमेगा-3 से भरपूर आहार लें। इससे न सिर्फ गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है साथ ही हृदय रोगों का खतरा भी कम होता है।
  • एरोबिक एक्सरसाइज जैसे रनिंग, साइक्लिंग और तैराकी की मदद से एचडीएल को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
  • धूम्रपान छोड़ने से गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है और हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है।
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कोलेस्ट्रॉल के बारे में जानना जरूरी - फोटो : Adobe Stock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार, शरीर में  गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर 60 mg/dL या उससे अधिक होना हृदय रोग के जोखिम को कम करता है, जबकि 40 mg/dL से कम एचडीएल स्तर से हृदय रोगों के जोखिम बढ़ जाता है। वहीं अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, नियमित व्यायाम से एचडीएल का स्तर 5-10% तक बढ़ सकता है। धूम्रपान छोड़ने से इसमें और सुधार होता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार के सेवन से एचडीएल का स्तर 15% तक बढ़ाने में मदद मिल सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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