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UTI: महिलाओं में बहुत कॉमन है यूटीआई, क्या पुरुष भी हो सकते हैं इसका शिकार? जरूर जानिए ये बातें

Mon, 10 Feb 2025 06:49 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, महिलाओं में यूटीआई की समस्या देखी जाती रही है पर कुछ पुरुष भी यूटीआई का शिकार हो सकते हैं। सभी पुरुषों को यूटीआई के बारे में जानना और इसके लक्षणों पर ध्यान देते रहना चाहिए। समय पर अगर संक्रमण की पहचान हो जाए तो इसके जोखिमों को कम किया जा सकता है।
 
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यूटीआई के लक्षण और कारण - फोटो : Amar Ujala
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) एक आम समस्या है जो मूत्रमार्ग को प्रभावित करता है। महिलाओं में यूटीआई की दिक्कत अधिक देखी जाती रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यूटीआई महिलाओं में होने वाले सबसे आम संक्रमणों में से एक है जिसपर अगर ध्यान न दिया जाए तो इसका किडनी पर भी असर हो सकता है।

मूत्रमार्ग में होने वाला ये संक्रमण बैक्टीरिया के कारण होता है, जिससे बचाव को लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, महिलाओं में तो ये समस्या देखी ही जाती है पर कुछ पुरुष भी यूटीआई का शिकार हो सकते हैं।

पुरुषों में यूटीआई की समस्या होना दुर्लभ माना जाता है। जब पुरुषों में यूटीआई विकसित होता है, तो इसे आमतौर पर अधिक जटिल माना जाता है क्योंकि इसके किडनी और ऊपरी मूत्र पथ में फैलने की अधिक आशंका होती है। कुछ मामलों में सर्जरी की भी आवश्यकता हो सकती है। 

डॉक्टर कहते हैं, सभी पुरुषों को भी यूटीआई के बारे में जानना और इसके लक्षणों पर ध्यान देते रहना चाहिए। समय पर अगर संक्रमण की पहचान हो जाए तो इसके जोखिमों को कम किया जा सकता है।
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पुरुषों में यूटीआई की समस्या - फोटो : Freepik.com
मूत्रपथ के संक्रमण (यूटीआई) का खतरा

यूटीआई तब होता है जब बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के माध्यम से मूत्र पथ में प्रवेश कर जाता है और बढ़ना शुरू कर देता है। चूंकि पुरुषों का मूत्रमार्ग महिलाओं की तुलना में लंबा होता है, इसलिए उन्हें यूटीआई होने का खतरा कम होता है। यूटीआई पुरुषों की तुलना में महिलाओं में चार गुना अधिक आम है।

अगर आपको पहले से कुछ स्वास्थ्य समस्याएं जैसे डायबिटीज, किडनी की बीमारी, प्रोस्टेट की समस्या हो या फिर आप कम पानी पीते हैं तो ये स्थितियां आपमें यूटीआई के जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती हैं। एक बार यूटीआई हो जाने के बाद अगली बार फिर से इस संक्रमण के होने का खतरा अधिक रहता है।
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यूटीआई के कारण किडनी की हो सकती है दिक्कत - फोटो : Adobe stock
पुरुषों में यूटीआई की दिक्कत

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यूटीआई के लक्षण पुरुषों-महिलाओं में लगभग एक जैसे ही होते हैं। आमतौर पर 50 से अधिक की आयु वाले पुरुष यूटीआई का अधिक शिकार होते हैं जबकि किसी भी वयस्क महिला को ये समस्या हो सकती है।

एस्चेरिचिया कोलाई नामक बैक्टीरिया को इस संक्रामक रोग का प्रमुख कारण माना जाता रहा है। पुरुषों में यूटीआई के मामले आमतौर पर यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) के कारण होते हैं।

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यूटीआई के लक्षणों को जानिए - फोटो : Freepik.com
कैसे जानें कहीं आपको भी तो नहीं है यूटीआई?

पुरुषों में शुरुआत में यूटीआई के कोई लक्षण नहीं नजर आते हैं। हालांकि जब संक्रमण बढ़ने लगता है तो आपको कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं।
  • पेशाब करते समय दर्द या बार-बार पेशाब करने की इच्छा होना।
  • अचानक पेशाब महसूस होना।
  • बहुत कम मात्रा में पेशाब आना या पेशाब के साथ खून आना।
  • पेट के निचले मध्य भाग में दर्द।
  • तेज गंध के साथ झाग वाला पेशाब आना।
  • इन संकेतों के साथ आपको तेज बुखार, उल्टी-मितली की भी दिक्कत हो सकती है।
अगर आपको इस तरह की समस्याओं का अनुभव हो रहा है तो तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क करें।
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संक्रमण से बचाव के जानिए उपाय (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Freepik
यूटीआई हो जाए तो क्या करें?

पुरुषों में यूटीआई आमतौर पर जटिल होती है और उन्हें उपचार की आवश्यकता होती है। उपचार का लक्ष्य संक्रमण को किडनी या ऊपरी मूत्र पथ में फैलने से रोकना है। आमतौर पर बैक्टीरिया को मारने के लिए एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं।

आप दैनिक जीवन में कुछ बातों का ध्यान रखकर भी इस संक्रमण से बचाव कर सकते हैं।
  • खूब सारा पानी और पदार्थ पीते रहें।
  • जननांगों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • सुरक्षित यौन संबंध बनाना जरूरी है। 
  • अगर आपको डायबिटीज है तो शुगर लेवल को कंट्रोल में रखना संक्रमण से बचाव के लिए बहुत जरूरी है।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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