मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं दुनियाभर में तेजी से बढ़ती देखी जा रही हैं। बुजुर्गों से लेकर बच्चे तक सभी इसका शिकार देखे जा रहे हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में लगभग 8 में से 1 व्यक्ति किसी न किसी प्रकार की मेंटल हेल्थ समस्या से जूझ रहा है। ये 100 करोड़ से अधिक का आंकड़ा हो सकता है। मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं का असर शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है, ऐसे लोगों में दिल की बीमारियों, मोटापा और क्रॉनिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा अधिक हो सकता है।
भारतीय आबादी में भी मानसिक स्वास्थ्य की बढ़ती समस्याएं चिंता बढ़ाती जा रही हैं। हाल ही में सामने आई ग्लोबल माइंड हेल्थ इंडेक्स की रिपोर्ट और भी चिंता बढ़ाने वाली हो सकती है। इस रिपोर्ट में भारत के युवाओं की मेंटल हेल्थ रैंकिंग 60वीं आई है।
इस रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि देश में मेंटल हेल्थ की समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। मानसिक रोगों को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी इसके जोखिमों को और भी बढ़ाती जा रही है।