फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Covid Vaccine: ओमिक्रॉन वैरिएंट्स से संक्रमण का कम हो खतरा, आपको भी जरूर जाननी चाहिए ये दो बड़ी खबरें

Sun, 25 Jun 2023 02:31 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
एनआरएनए वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : istock
दुनिया के ज्यादातर देशों में फिलहाल कोरोना की स्थिति काफी नियंत्रित है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इसे हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ओमिक्रान के वैरिएंट्स में म्यूटेशन का खतरा और इसके कारण संक्रमण बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। वैज्ञानिकों की एक टीम पिछले कई महीनों से नए वैरिएंट्स को लक्षित करने वाले टीके तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। इससे संबंधित दो बड़े अपडेट हैं जिनको जानना सभी के लिए आवश्यक है।

अमेरिकी वैक्सीन निर्माता कंपनी मॉडर्ना (एमआरएनए) ने ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट XBB.1.5 को विशेष रूप से टारगेट करने वाली एक वैक्सीन बना ली है, जिसके उपयोग को लेकर अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को सिफारिश भेजी गई है। वहीं दूसरी तरफ भारत ने कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के लिए खास एमआरएनए आधारित बूस्टर वैक्सीन लॉन्च कर दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कोरोना के नए वैरिएंट्स की रोकथाम के लिए ये दोनों बड़े और प्रभावी कदम हो सकते हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 4
ओमिक्रॉन वैरिएंट के लिए खास एमआरएनए आधारित बूस्टर वैक्सीन लॉन्च - फोटो : Twitter
भारत ने लॉन्च की बूस्टर वैक्सीन

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को ओमिक्रॉन वैरिएंट के लिए खास एमआरएनए आधारित बूस्टर वैक्सीन लॉन्च की है। इस वैक्सीन की नाम GEMCOVAC-OM है और ये भारत की पहला mRNA वैक्सीन है, जिसे जेनोवा द्वारा स्वदेशी प्लेटफ़ॉर्म तकनीक का उपयोग करके विकसित किया गया है।

यह एक थर्मोस्टेबल वैक्सीन है और इसे अन्य एमआरएनए-आधारित टीकों जैसे अल्ट्रा-कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता नहीं होगी। इसकी अनूठी विशेषता यह है कि इस टीके को  इंजेक्शन के बिना दिया जा सकता है।
विज्ञापन

3 of 4
मॉडर्ना की मोनोवैलेंट वैक्सीन - फोटो : Twitter
मॉडर्ना की मोनोवैलेंट वैक्सीन

वहीं दूसरी तरफ मॉडर्ना ने खास तौर पर ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट XBB.1.5 को टारगेट करने वाली मोनोवैलेंट वैक्सीन तैयार कर ली है, जिसकी मंजूरी के लिए एफडीए से सिफारिश की है। मोनोवैलेंट उन द्विसंयोजक बूस्टर शॉट्स से अलग है जो कोरोनोवायरस के मूल और ओमिक्रॉन दोनों वैरिएंट्स को लक्षित करता है। मॉडर्ना की ओर से जारी विज्ञप्ति में  कहा गया है कि प्रारंभिक नैदानिक डेटा में XBB.1.5 वैरिएंट के खिलाफ मोनोवैलेंट वैक्सीन को काफी असरदार पाया गया है। 

कोविड वैक्सीन निर्माता फाइजर और नोवावैक्स भी पहले से ही XBB.1.5 और अन्य वर्तमान में प्रसारित सब-वैरिएंट को लक्षित करने वाले टीकों को विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
विज्ञापन

4 of 4
नए वैरिंट्स के लिए खास टीकों की जरूरत - फोटो : iStock
कोरोना के नए वैरिएंट्स पर इतना जोर क्यों?

अब सवाल उठता है कि आखिर सभी कंपनियां कोरोना के नए वैरिएंट्स, विशेषतौर पर XBB.1.5 वैरिएंट को टारगेट करने वाली वैक्सीन क्यों बनाना चाह रही हैं?

असल में भारत सहित दुनिया के कई अन्य देशों में यही वैरिएंट हाल के महीनों में संक्रमण के मामलों में तेजी से उछाल का कारण बना था। अध्ययनों में पाया गया कि इससे वो लोग भी संक्रमित हो रहे थे जो पहले कोविड के टीके लगवा चुके थे। शोधकर्ताओं ने पाया यह वैरिएंट पहले के टीकों से बनी प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा दे रहा था, ऐसे में ओमिक्रॉन के लिए खास तौर पर निर्मित वैक्सीन की मांग उठ रही थी।



---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें