मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कलंक का भाव
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अब भी लोगों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कलंक का भाव है जिसके कारण कर्मचारी एक दूसरे से अपनी समस्याओं को साझा नहीं कर पा रहे हैं। युवाओं में बढ़ रही ये समस्या काफी चिंताकारक है, क्योंकि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सीधा असर कई बीमारियों से संबंधित है। ऑफिस में सपोर्टिव माहौल बनाने की आवश्यकता है। चिंता और अवसाद से जूझ रहे कर्मचारियों को उनकी मानसिक स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए यह आवश्यक है।
सालान हेल्थ चेकअप के साथ सभी कर्मचारियों की काउंसिलिंग भी की जानी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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