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घर में जरूर पालें ये खास मछली, डेंगू-चिकनगुनिया के मच्छर पास भी नहीं फटकेंगे

Tue, 04 Sep 2018 09:20 AM IST
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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Gambusia
आपने आज तक मछली खाने के फायदे तो बहुत सुने होंगे लेकिन उसे घर में पालने के भी कम फायदे नहीं होते हैं। बता दें, सेहत बनाए रखने के साथ मछली पालने से कई बीमारियां भी दूर रहती हैं। खास बात यह कि बीमारियां तो दूर डेंगू मलेरिया फैलाने वाले मच्छर भी इस मछली से खौफ खाते हैं। यह बात सुनकर आपको थोड़ी हैरानी जरूर हो सकती है पर यह बात सच है। पढ़ें पूरी खबर। 
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दरअसल, गंबूसिया नाम की मछली की एक खासियत होती है कि यह पानी में पैदा होने वाले मच्छर के लार्वा को खा जाती है। जिसकी वजह से मलेरिया, डेंगू और चिकुनगुनिया के मच्छर पैदा ही नहीं हो पाते हैं। 
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डेंगू और चिकुनगुनिया जैसी जानलेवा बीमारी को रोकने के लिए सरकार मच्छरों की ब्रीडिंग को हर स्तर पर रोकने की कोशिश कर रही है। इसके लिए जगह-जगह पर दवाइयों का छिड़काव भी किया जा रहा है। इसके अलावा सरकार जैवीय तरीके से मच्छरों की ब्रीडिंग को रोकने की कोशिश भी कर रही है। इसके लिए सरकार गंबूसिया मछली को हर उस जगह पर डालने की कोशिश कर रही है जहां मच्छर पैदा हो सकते हैं।

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गंबूसिया मछली साफ पानी में रहती है। यह जल की ऊपरी सतह पर रहती है जहां मच्छर के लार्वा रहते हैं। गंबूसिया को मच्छरों के लार्वा विशेषकर पसंद होते हैं, इसलिए ऐसे पानी में लार्वा पैदा होते ही यह उनको खा जाती है। 
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एक गंबूसिया मछली रोज 100 से 300 लार्वा तक खा सकती है, इसलिए अपने लगभग पांच साल के जीवनकाल में यह लाखों लार्वा का खात्मा कर देती है। इसकी छोटी साइज (4.5cm-6.8cm) के कारण इसे एक्वेरियम में भी पाला जा सकता है। 
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नॉर्थ एमसीडी के साथ काम कर रही प्रसिद्ध कीट विज्ञानी बबिता बिष्ट ने बताया कि गंबूसिया मलेरिया को खत्म करने में बड़ी मदद कर सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि 2020 तक दिल्ली से और 2030 तक भारत से मलेरिया को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए। हलांकि यह डेंगू को खत्म करने में उतना कारगर नहीं है क्योंकि डेंगू का मच्छर छोटी, साफ जगहों पर रहना पसंद करता है जैसे कूलर, एसी, बड़े पानी के बर्तन जहां गंबूसिया को पालना व्यावहारिक नहीं है। 
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