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Gallbladder Stone: गॉलब्लैडर में स्टोन होना कितना खतरनाक, जानिए इसके कारण और बचाव के तरीके

Thu, 20 Feb 2025 08:30 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गॉलब्लैडर में पथरी की दिक्कत अब काफी आम हो गई है। यह समस्या तब होती है जब पित्त में कोलेस्ट्रॉल, बिलीरुबिन या अन्य पदार्थ अधिक मात्रा में जमा होकर कठोर कणों में बदल जाते हैं। आइए जानते हैं कि इससे बचाव कैसे किया जा सकता है?
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गॉलब्लैडर स्टोन की समस्या - फोटो : Freepik.com
पथरी होने की समस्या बहुत आम है, ये किसी भी उम्र में या फिर पुरुष-महिला हो या फिर बच्चे किसी को भी हो सकती है। पथरी की समस्या गंभीर दर्द के साथ कई अन्य प्रकार की दिक्कतों को बढ़ाने वाली होती है, जिसके बारे में जानना और सभी लोगों को नियमित रूप से इससे बचाव के लिए प्रयास करते रहना जरूरी है। पथरी मुख्यरूप से शरीर के दो अंगों- किडनी और गॉलब्लैडर (पित्ताशय) में होती है। इस लेख में हम गॉलब्लैडर स्टोन और इसके कारण होने वाली समस्याओं के बारे में जानेंगे।

गॉलब्लैडर में पथरी की दिक्कत अब काफी आम हो गई है। यह समस्या तब होती है जब पित्त में कोलेस्ट्रॉल, बिलीरुबिन या अन्य पदार्थ अधिक मात्रा में जमा होकर कठोर कणों में बदल जाते हैं। आमतौर पर शुरुआती स्थिति में गॉलब्लैडर में पथरी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते हैं हालांकि जैसे-जैसे पथरी का आकार बढ़ने लगता है, ये शरीर में कई प्रकार की दिक्कतों को बढ़ा देती है।
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गॉलब्लैडर स्टोन होने का क्या कारण है? - फोटो : Freepik.com
गॉलब्लैडर स्टोन के कारण क्या दिक्कतें होती हैं?

पित्ताशय में पथरी होने पर शुरुआत में आमतौर पर कोई भी दिक्कत महसूस नहीं होती है, हालांकि अगर पथरी का आकार बड़ा है तो इसके कारण आपको तेज दर्द और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। यदि पित्ताशय की पथरी नली में फंस जाती है और रुकावट पैदा करती है, तो इसके परिणामस्वरूप होने वाले बीमारी के लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं।

गॉलब्लैडर स्टोन के कारण आमतौर पर इस तरह की दिक्कतें अधिक देखी जाती हैं।
  • पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में अचानक और तेजी से बढ़ने वाला दर्द। 
  • पित्त की पथरी का दर्द कई मिनट से लेकर कुछ घंटों तक रह सकता है।
  • कंधे की हड्डियों के बीच पीठ में दर्द
  • मतली या उल्टी आना।
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गॉलब्लैडर स्टोन के बारे में जानिए - फोटो : Freepik.com
गॉलब्लैडर स्टोन से बचाव के लिए क्या करें?

कई बार पथरी के कारण गॉलब्लैडर में संक्रमण और सूजन हो सकता है जिससे बुखार और उल्टी हो सकती है। इसके अलावा पित्त नली में अवरोध होने के कारण पाचन प्रभावित होता है और पीलिया की समस्या हो सकती है। गॉलब्लैडर स्टोन से बचने के लिए सभी लोगों को कुछ बातों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए।

फाइबर युक्त आहार का सेवन अधिक करें

फल (सेब, नाशपाती), सब्जियां, और साबुत अनाज पाचन को दुरुस्त रखते हैं और पथरी बनने की आशंका को कम करते हैं। शोध से पता चलता है कि उच्च फाइबर वाला आहार पित्त में कोलेस्ट्रॉल के संतुलन को बनाए रखता है, जिससे पथरी से बचाव हो सकता है।

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वेट लॉस करना जरूरी - फोटो : Freepik.com
तेजी से वजन घटाने से बचें

गॉलब्लैडर स्टोन के खतरे से बचे रहने के लिए वजन कम रखें। अगर आपका वजन अधिक है और इसे कम करना चाहते हैं तो वजन धीरे-धीरे घटाएं। तेजी से वजन घटाने से पित्त में पथरी का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टर बताते हैं कि अचानक वजन कम होने से पित्त में कोलेस्ट्रॉल का असंतुलन बढ़ जाता है, जिससे पथरी बनने लगती है।
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पानी पीते रहना जरूरी - फोटो : Freepik.com
हाइड्रेटेड रहें (खूब पानी पिएं)
 
शरीर में पानी की कमी से पित्त गाढ़ा हो जाता है, जिससे पथरी बनने की आशंका बढ़ जाती है। अध्ययन बताते हैं कि प्रतिदिन 2-3 लीटर पानी पीने से पित्त का प्रवाह सही बना रहता है। खूब पानी पीते रहने की आदत बनाकर आप गॉलब्लैडर स्टोन और किडनी स्टोन दोनों से बचे रह सकते हैं।

नियमित व्यायाम करें

मोटापा को कई प्रकार की बीमारियों के साथ-साथ गॉलब्लैडर की पथरी का भी एक बड़ा कारण माना जाता है। रिसर्च बताती है कि सप्ताह में 150 मिनट की शारीरिक गतिविधि से पथरी का खतरा 30% तक कम हो सकता है। व्यायाम करने की आदत आपके संपूर्ण फिटनेस को ठीक रखने में मददगार हो सकती है।

गॉलब्लैडर की पथरी कई मामलों में गंभीर हो सकती है, लेकिन सही आहार और अच्छी जीवनशैली से इसे रोका जा सकता है। यदि पथरी के लक्षण उभरने लगें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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