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Cancer: यूके के पूर्व प्रधानमंत्री को हुआ प्रोस्टेट कैंसर, जानिए इसके लक्षण और समय पर पता लगाने के तरीके

Mon, 24 Nov 2025 05:17 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • यूके के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन प्रोस्टेट कैंसर का शिकार हो गए हैं और  उनका इलाज चल रहा है। 
  • इसी साल मई में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन भी प्रोस्टेट कैंसर का शिकार पाए गए थे।
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ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन - फोटो : एएनआई
यूनाइटेड किंगडम (यूके) के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन प्रोस्टेट कैंसर का शिकार हो गए हैं और उनका इलाज चल रहा है। स्थानीय मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने ये जानकारी साझा की है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल ही में उन्होंने प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन (पीएसए) टेस्ट करवाया था, जिसमें बीमारी के प्रकार से जुड़े प्रोटीन की जांच की जाती है। इस रिपोर्ट में उन्हें प्रोस्टेट कैंसर के बारे में जानकारी मिली, बाद में उनकी बायोप्सी हुई जिससे कैंसर का पता चला।

''59 साल के कैमरन ने कहा, आप हमेशा अच्छे की उम्मीद करते हैं। जांच में पीएसए स्कोर ज्यादा आया है, हालांकि ये शायद कुछ भी नहीं है। आपको प्रोस्टेट कैंसर है, ये शब्द सुनकर हम सभी डरते हैं। मैं अच्छे की उम्मीद कर रहा हूं।''

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री को इलाज के लिए फोकल थेरेपी दी गई, जिसमें इलेक्ट्रिकल पल्स कैंसर कोशिकाओं को टारगेट करके खत्म करते हैं। 
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प्रोस्टेट कैंसर - फोटो : Amarujala.com
जो बाइडन सहित कई अन्य सेलिब्रिटी भी हुए हैं शिकार

गौरतलब है कि प्रोस्टेट कैंसर यूके में पुरुषों में होने वाले सबसे आम प्रकार के कैंसर में से एक है। यहां हर साल 55 हजार से ज्यादा लोगों को इसका शिकार पाया जाता है। पीएसए टेस्ट की सटीकता को लेकर सवाल उठते रहे हैं, अभी तक यूके में इस बीमारी के लिए कोई स्क्रीनिंग प्रोग्राम नहीं है।

इससे पहले अक्टूबर 2024 में, छह बार के ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट क्रिस होय में भी प्रोस्टेट कैंसर का निदान किया गया था।

इसी साल मई में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन भी प्रोस्टेट कैंसर का शिकार पाए गए थे। 18 मई को पूर्व राष्ट्रपति के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि उनमें 'आक्रमक स्तर' के कैंसर का निदान किया गया है। कैंसर कोशिकाएं हड्डियों तक फैल गई थीं। बाइडन के परिवार में पहले भी कैंसर के मामले देखे जाते रहे हैं। उनके बेटे ब्यू बाइडन (46 वर्ष) को भी कैंसर था, साल 2015 में उनकी मौत हो गई थी।
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प्रोस्टेट कैंसर का खतरा - फोटो : Adobe stock photos
प्रोस्टेट कैंसर और इसके लक्षण जानिए

प्रोस्टेट ग्रंथि पुरुषों में प्रजनन प्रणाली का हिस्सा है। यह वीर्य के लिए तरल पदार्थ बनाता है। प्रोस्टेट ग्रंथि में विकसित होने वाला ये कैंसर आमतौर पर वृद्ध लोगों को प्रभावित करता है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कम उम्र के लोगों में भी इसका खतरा बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी पुरुषों को इस गंभीर कैंसर के मामलों को लेकर अलर्ट रहना चाहिए। 

प्रोस्टेट कैंसर के कारण पेशाब करने में कठिनाई, बार-बार पेशाब आने, मूत्र या वीर्य में रक्त आने और स्तंभन दोष जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। कैंसर की गंभीर स्थिति में इसके कारण हड्डियों में दर्द, वजन कम होने और अन्य हिस्सों में कैंसर फैलने लगता है जिसका उपचार कठिन हो सकता है।
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प्रोस्टेट कैंसर का बढ़ता खतरा - फोटो : Adobe stock photos
समय पर निदान से बच सकती है जान

मेडिकल साइंस की प्रगति और प्रभावी दवाओं की मदद से प्रोस्टेट कैंसर का इलाज अब काफी आसान हो गया है हालांकि इसका समय रहते पता न लगा पाना अब भी चिंता का कारण है। ज्यादातर लोगों में प्रोस्टेट की समस्या का निदान ही तब हो पाता है जब कैंसर काफी बढ़ चुका होता है।

वैज्ञानिकों की टीम ने हाल के वर्षों में कई ऐसे खोज किए हैं जिससे प्रोस्टेट कैंसर का समय पर स्क्रीनिंग और इलाज पहले की तुलना में आसान हो गया है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक 15 मिनट वाले कारगर प्रोस्टेट कैंसर स्कैन के बारे में जानकारी दी है, जिससे इस कैंसर आसानी से पता लगाना और आसान हो सकता है। यहां पढ़िए पूरी रिपोर्ट



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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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