मोटापे के लिए दवा (सांकेतिक)
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बच्चों और किशोरों में बढ़ता जोखिम
डॉ ब्रांका कहते हैं, डब्ल्यूएचओ बच्चों और किशोरों में बढ़ते वजन की समस्या को लेकर चिंतित है, इसे दीर्घकालिक तौर पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम के तौर पर देखा जा रहा है। मोटापा कम करने के लिए कुछ दवाओं को जेनेरिक दवा के रूप में बेचा जा सकता है। वहीं फ़ूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने 12 वर्ष और उससे अधिक आयु वाले मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए सक्सेंडा नामक दवा को पहले से ही अनुमति दी है। एफडीए का कहना है कि मोटापे के लिए किसी भी दवा के उपयोग के साथ डाइट में कैलोरी को कंट्रोल करना और नियमित व्यायाम जरूरी है।