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Alert: इस बढ़ते लाइफस्टाइल विकार को लेकर WHO चिंतित, पहली बार 'एसेंशियल मेडिसिन' में शामिल हो सकती है इसकी दवा

Sat, 01 Apr 2023 01:55 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मोटापे की बढ़ती समस्या को लेकर WHO चिंतित - फोटो : iStock
लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ता जा रहा है। सेंडेंटरी लाइफस्टाइल ने लोगों में मोटापे के जोखिम को बढ़ा दिया है, जिसे हृदय रोगों से लेकर मेटाबॉलिज्म, डायबिटीज और कई अन्य विकारों का कारण माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर माना जा रहा है कि लगभग 13 फीसदी युवा मोटापे के शिकार हैं। कुछ अध्ययनकर्ताओं ने चिंता भी जताई है कि आने वाले वर्षों में मोटापे के कारण होने वाली बीमारियों की 'महामारी' आ सकती है। अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भी इस वैश्विक खतरे को लेकर चिंतित दिख रहा है।

राउटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पहली बार, डब्ल्यूएचओ वजन घटाने वाली दवाओं को 'आवश्यक दवाओं' की सूची में शामिल कर सकता है। डब्ल्यूएचओ हर दो साल में आवश्यक दवाओं की सूची को संशोधित करता है और अगली सूची सितंबर में जारी की जानी है। विशेषज्ञों ने मोटापे के लिए दवाओं को इसमें शामिल करने की सिफारिश की है।
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मोटापा कई रोगों का कारक - फोटो : iStock
मोटापे के लिए दवाओं की सिफारिश

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के डॉक्टरों और शोधकर्ता ने WHO समिति को एक सिफारिश भेजी है जिसमें पूछा गया कि क्या इसके लिए दवाओं को एसेंशियल मेडिसिन सूची में शामिल किए जाने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि अभी तक मोटापा के उपचार के लिए दवाओं के उपयोग करने के अनुरोध पर समिति की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।

डब्ल्यूएचओ में पोषण विभाग के निदेशक डॉ फ्रांसेस्को ब्रांका कहत हैं, हम मान कर चल रहे हैं कि यह एक कार्य प्रगति पर है और इसपर कोई फैसला लिया जा सकता है।
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मोटापे के लिए दवा (सांकेतिक) - फोटो : PTI
बच्चों और किशोरों में बढ़ता जोखिम

डॉ ब्रांका कहते हैं, डब्ल्यूएचओ बच्चों और किशोरों में बढ़ते वजन की समस्या को लेकर चिंतित है, इसे दीर्घकालिक तौर पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम के तौर पर देखा जा रहा है। मोटापा कम करने के लिए कुछ दवाओं को जेनेरिक दवा के रूप में बेचा जा सकता है। वहीं फ़ूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने 12 वर्ष और उससे अधिक आयु वाले मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए सक्सेंडा नामक दवा को पहले से ही अनुमति दी है। एफडीए का कहना है कि मोटापे के लिए किसी भी दवा के उपयोग के साथ डाइट में कैलोरी को कंट्रोल करना और नियमित व्यायाम जरूरी है।
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युवाओं में मोटापे की समस्या - फोटो : istock
मोटापे की स्थिति सेहत के लिए गंभीर

तमाम अध्ययनों में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते रहे हैं कि मोटापा शारीरिक-मानसिक दोनों तरह की सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है। तेजी से बढ़ते हृदय रोगों के साथ डायबिटीज और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों के लिए अधिक वजन की स्थिति को कारक माना जा रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक इसे कई गंभीर रोगों का बढ़ाने वाला कारक माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आहार और लाइफस्टाइल को ठीक करके इस गंभीर समस्या के जोखिम से बचा जा सकता है।

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स्रोत और संदर्भ
WHO to consider adding obesity drugs to 'essential' medicines list

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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