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Kerala: देश के इतिहास में पहली बार जिला-स्तरीय अस्पताल में होगा हार्ट ट्रांसप्लांट, जानिए पूरा मामला

Mon, 22 Dec 2025 08:01 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • देश में स्वास्थ्य क्षेत्र के इतिहास में पहली बार केरल के  एक जिला-स्तरीय अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट होने जा रहा है। जानिए क्या है पूरा मामला
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हार्ट ट्रांसप्लांट सर्जरी (सांकेतिक) - फोटो : Freepik.com
जब दिल अपनी पूरी ताकत से धड़कना बंद कर देता है और दवाइयां, स्टेंट या सर्जरी भी काम नहीं करती हैं, ऐसे हालात में हार्ट ट्रांसप्लांट उम्मीद की एक नई धड़कन बनकर सामने आती है। इस प्रक्रिया में बीमार व्यक्ति के दिल को निकालकर, स्वस्थ दान किए गए दिल को लगाया जाता है, ताकि मरीज फिर से सामान्य जीवन जी सके।

देश के शीर्ष और चुनिंदा अस्पतालों में ही अब तक ये सुविधा उपलब्ध है। हालांकि देश में स्वास्थ्य क्षेत्र के इतिहास में पहली बार एक जिला-स्तरीय अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट होने जा रहा है। 

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि, देश के स्वास्थ्य क्षेत्र के इतिहास में पहली बार जिला-स्तरीय अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में एक 46 साल के व्यक्ति का रोड एक्सीडेंट हुआ था। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। अब उसका दिल किसी जरूरतमंद को लगाया जाएगा और ये प्रक्रिया पहल बार किसी जिला स्तरीय अस्पताल में होने जा रही है।
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हार्ट ट्रांसप्लांट - फोटो : Freepik.com
केरल की स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी

स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया, एक्सीडेंट के कारण ब्रेन डेड घोषित होने के बाद परिवार ने डोनेशन प्रक्रिया के जरिए अंग दान करने पर सहमति जताई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, मैं इस फैसले के लिए परिवार को धन्यवाद देना चाहती हूं। अपने दुख में भी उन्होंने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। मैं परिवार के प्रति अपनी संवेदना और दुख व्यक्त करती हूं। 
 
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज में सर्जिकल प्रक्रिया शुरू हो गई है। सीएम ने गृह विभाग को निर्देश दिए हैं और हेलीकॉप्टर के माध्यम से जल्द ही दान किए गए दिल को तिरुवनंतपुरम से एर्नाकुलम ले जाया जाएगा।

मरीज के परिवार ने दोनों किडनी और आंखें भी दान की है। परिजनों ने त्वचा का भी दान किया है। हमने तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज में पहले से ही स्किन बैंक शुरू किया हुआ है, जहां पर दान किया गया स्किन रखा जाएगा। मेरे पास कोई शब्द नहीं है, मैं उस परिवार को बहुत धन्यवाद देती हूं क्योंकि इस फैसले से कई लोगों को नई जिंदगी मिल सकती है। 

देश में पहली बार किसी जिला अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट किया जाने वाला है। सरकार ने इस तरह की व्यवस्था बनाने के लिए बहुत सहयोग किया है।
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ट्रांसप्लांट सर्जरी (सांकेतिक) - फोटो : Freepik.com
18 साल के किशोर के हृदय दान ने बचाई थी 13 वर्षीय लड़की की जान

इससे पहले अमर उजाला में 14 सितंबर 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने बताया था कि किस तरह से 18 साल के किशोर के हृदय दान ने 13 साल की लड़की की जान बचाई थी। ट्रांसप्लांट ने इस मामले ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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