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Fatty Liver: खानपान के अलावा इन गलतियों से भी हो सकता है फैटी लिवर का खतरा, बरतें ये सावधानियां

Wed, 13 Aug 2025 04:31 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आज से समय में फैटी लिवर की समस्या होना बहुत आम बात है। अक्सर लोगों को लगता है कि फैटी लीवर होने के पीछे खानपान बड़ा कारण है, लेकिन इसके अलावा भी हमारी दिनचर्या की कई आदतें फैटी लीवर के खतरे को बढ़ा देती हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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लिवर - फोटो : Adobe stock photos
Liver Disease Prevention: आज के समय में फैटी लिवर एक बेहद आम समस्या हो गई है, जिससे कई लोग जूझ रहे हैं। फैटी लिवर को लेकर अक्सर लोगों के मन में कुछ भ्रांतियां रहती हैं, जैसे कुछ लोगों को लगता है कि सिर्फ गलत खानपान से ही फैटी लीवर की समस्या हो सकती है। लेकिन यह पूरा सच नहीं है, ये बात सच है कि फैटी लिवर होने के पीछे खानपान एक बड़ा कारण है, लेकिन कई अन्य जीवनशैली से जुड़ी आदतें भी इस बीमारी के खतरे को बढ़ा सकती हैं।

अगर लिवर में फैट की मात्रा 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ जाए, तो यह फैटी लिवर कहलाता है। शुरुआती दौर में इसके लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन समय रहते ध्यान न देने पर यह लिवर को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि डाइट के अलावा और कौन-सी चीजें इस समस्या को जन्म देती हैं।
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सेडेंटरी लाइफस्टाइल - फोटो : Freepik.com
शारीरिक निष्क्रियता और खराब नींद
फैटी लिवर का एक बड़ा कारण शारीरिक निष्क्रियता है। लंबे समय तक बैठे रहना और कोई व्यायाम न करना लिवर में फैट जमा होने का कारण बन सकता है। जब हम शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं होते, तो शरीर में फैट बर्न नहीं होता। इसी तरह खराब नींद की आदतें भी मेटाबॉलिज्म पर बुरा असर डालती हैं, जिससे लिवर पर दबाव पड़ता है।

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दवाएं - फोटो : Freepik.com
तनाव और कुछ दवाएं
लगातार तनाव में रहना भी फैटी लिवर के जोखिम को बढ़ा सकता है। ज्यादा तनाव से शरीर में कोर्टिसोल जैसे हार्मोन बढ़ते हैं, जो लिवर के काम को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ खास तरह की दवाओं का ज्यादा सेवन भी लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है।

इन दवाओं से लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे फैट जमा होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा अधिक मात्रा में नहीं लेनी चाहिए।

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तेजी से वजन कम करना - फोटो : Freepik.com
तेजी से वजन कम करना
यह सुनकर आपको हैरानी होगी, लेकिन तेजी से वजन कम करना भी लिवर के लिए खतरनाक हो सकता है। जब आप बहुत कम समय में ज्यादा वजन घटाते हैं, तो शरीर में फैट मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया में बदलाव आता है।

इस दौरान लिवर को अतिरिक्त काम करना पड़ता है, जिससे उस पर दबाव पड़ता है और फैटी लिवर होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए वजन हमेशा धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से ही कम करना चाहिए।
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फैटी लिवर डिजीज - फोटो : Freepik.com
क्या करें?
फैटी लिवर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन यह पूरी तरह से रोकी जा सकती है। अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर आप अपने लिवर को स्वस्थ रख सकते हैं। हालांकि यदि आपको फैटी लिवर के कोई लक्षण महसूस होते हैं या आपको इस बीमारी का निदान हुआ है, तो खुद से इलाज करने के बजाय किसी डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार सही खानपान, दवाओं और व्यायाम की सलाह दे सकते हैं। समय पर इलाज से आप लिवर को स्वस्थ रख सकते हैं और गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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