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Eye Care: देर तक एसी में रहने से आंखों पर पड़ता है बुरा प्रभाव, जानें कैसे रखें अपनी आंखों का ख्याल?

Mon, 12 May 2025 06:49 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Dry Eye Syndrome: गर्मी के मौसम में कई लोगों के लिए एसी किसी वरदान से कम नहीं है। ऑफिस से लेकर मेट्रो तक लगभग हर जगह एसी देखने को मिलता है। एसी में देर तक रहने का प्रभाव हमारी आंखों पर पड़ता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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आंखों की देखभाल - फोटो : Freepik.com
Eye Care: आज की डिजिटल और आधुनिक जीवनशैली में हम घंटों एयर कंडीशनर (एसी) के ठंडे माहौल में समय बिताते हैं। देखा जाए तो गर्मी के मौसम में मॉल से लेकर मेट्रो तक, हम अक्सर सार्वजनिक स्थानों पर भी एसी के ठंडे माहौल में ही रहते हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि गर्मी के दिनों के लिए एसी काफी उपयोगी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देर तक एसी में रहने से आपकी आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है? विशेषज्ञों के अनुसार, एसी का ठंडा और शुष्क वातावरण आंखों की नमी को कम करता है, जिससे ड्राई आई सिंड्रोम और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह खासकर उन लोगों के लिए चिंता का विषय है जो स्क्रीन पर लंबे समय तक काम करते हैं। आइए इस लेख में जानते हैं एसी में देर तक रहने पर आंखों पर क्या प्रभाव पड़ता है, इससे होने वाले परेशानी के लक्षण और उपाय क्या हैं?

एसी की हवा कमरे की नमी को सोख लेती है, जिससे हवा शुष्क हो जाती है। जब यह सूखी हवा हमारी आंखों के संपर्क में आती है, तो यह आंखों की सतह पर मौजूद आंसुओं की परत को तेजी से सुखा देती है। आंसुओं की यह परत आंखों को चिकनाई देने और पोषण प्रदान करने का काम करती है।
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आंखों की बीमारी - फोटो : Freepik.com
आंसुओं के सूखने से आंखें रूखी और असहज महसूस होने लगती हैं, जिसे 'ड्राई आई सिंड्रोम' कहते हैं। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले या पहले से ही ड्राई आई सिंड्रोम वाले लोगों के लिए यह समस्या और बढ़ जाती है। एसी में स्क्रीन पर काम करने वाले लोगों के लिए 'ड्राई आई सिंड्रोम' का खतरा और बढ़ जाता है , क्योंकि वे पलकें कम झपकते हैं।

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आंखों की समस्या - फोटो : Freepik.com
आंखों पर एसी का प्रभाव और लक्षण
इसके लक्षण की अगर बात की जाए तो आंखों में सूखापन, जलन, खुजली, लालिमा, धुंधला दिखना और आंखों में दर्द या थकान शामिल हैं। अगर आपको भी आंखों से संबंधित समस्या हो रहे हैं तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। साथ ही आप इससे बचाव के लिए कुछ सरल उपाय भी अपना सकते हैं-

पलकें बार-बार झपकें
यह सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। पलकें झपकने से आँखों में नमी बनी रहती है और आँसुओं की परत फिर से बन जाती है। खासतौर पर स्क्रीन पर काम करते समय यह बेहद जरूरी है।

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स्क्रीन से ब्रेक लें - फोटो : Adobe Stock
स्क्रीन से ब्रेक लें
यदि आप लंबे समय तक कंप्यूटर या स्मार्टफोन पर काम करते हैं, तो हर थोड़ी देर के बाद स्क्रीन से नजर हटाकर आसपास की चीजों को देखें और पलकें झपकाएं। यह आंखों पर पड़ने वाले तनाव को कम करता है।

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पानी - फोटो : Adobe Stock
शरीर को हाइड्रेटेड रखें
पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से न केवल आपका शरीर हाइड्रेटेड रहता है, बल्कि यह आपकी आंखों में आंसुओं के उत्पादन में भी मदद करता है। दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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